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Farrukhabad News: समैचीपुर चितार में 10 मकान गंगा में समाए, गांव में बचे 50 परिवार
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फोटो-39 शमसाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर चौरा गांव के सामने बाढ़ के पानी से निकलते वाहन। संवाद
शमसाबाद। कायमगंज तहसील क्षेत्र के समैचीपुर चितार में कटान ने तेजी पकड़ ली है। सोमवार देर रात से गांव के 10 मकान गंगा में समा गए। कुल 425 परिवारों में से अब मात्र 50 परिवार ही गांव में समय गुजार रहे हैं। 15 परिवार बाढ़ शरणालय में हैं और अन्य शमसाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग के किनारे झोपड़ी तथा ऊंचे स्थान पर रह रहे हैं। कुछ लोग रिश्तेदारों के यहां चले गए।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान तेजी से हो रहा है। गांव के मामन, रुखसार, हनीफ, जहीरुद्दीन, सरवर हुसैन और पप्पू समेत 10 ग्रामीणों के मकान गंगा में समा गए। जलस्तर और कटान बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। अब गांव में बचे 50 परिवारों को लेखपाल पंकज सिंह ने टीम के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। अभी तक गांव में 38 पक्के और 27 झोपड़ी वाले मकान गंगा में समा चुके हैं। बताया कि शाम तक सभी परिवार को निकालने का काम चलता रहा। हालांकि यह लोग गंगा की धार से अभी काफी दूर हैं। उधर गांव चौरा के पास शाहजहांपुर-शमसाबाद मार्ग पर पानी और बढ़ गया है। इसके बाद भी वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं।
कटरी तौफीक के स्कूल का बरामदा बचा, मार्ग कटा
शमसाबाद। बाढ़ क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में गंगा के कटान ने तेजी पकड़ ली है। गांव के महेश चंद्र का मकान कटान की जद में है। संविलियन स्कूल के सभी चार कमरे गंगा में समा गए, जबकि बरामदे से बाढ़ टकरा रही है। अब स्कूल का अस्तित्व बचना मुश्किल है। झौआ गांव से रूपपुर गांव की ओर जाने वाला मार्ग कटरी तौफीक गांव में कट गया। अब लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो गया है। ग्रामीण मकानों को खाली करके सुरक्षित स्थान पर सामान ले जा रहे हैं। (संवाद)
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डीएम व एसपी ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने के दिए निर्देश
फोटो-42 गांव समैचीपुर चितार में ग्रामीणों को गांव खाली करने के लिए समझाने पहुंचीं डीएम डॉ. अंकुर लाठर, एसपी आरती सिंह व अन्य अधिकारी। स्रोत: कर्मचारी
शमसाबाद। गंगा के कटान की जद में आए समैचीपुर चितार में मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और एसपी आरती सिंह अधिकारियों के साथ पहुंची। उन्होंने गांव में रुके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। कहा कि बाढ़ शरणालय में बाढ़ पीड़ितों को हर सुविधा मिलेगी। बच्चों को पढ़ाया भी जाएगा। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने बेघर हुए लोगों को पुनर्वास का आश्वासन भी दिया। कहा कि सहायता की चिंता न करें।
डीएम और एसपी एसडीएम कायमगंज अभिषेक वर्मा, सीओ कायमगंज अजय वर्मा, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, थाना पुलिस और एनडीआरएफ के साथ नावों, मोटर बोट पर सवार होकर पहुंची। उन्होंने बाढ़ क्षेत्र में हालात भी परखे। संबंधित विभागों के अफसरों को ग्रामीणों की समस्या दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में पहुंचकर परिवारों को अपना सामान लेकर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर मकान बनाने के लिए जमीन देने की मांग की। डीएम ने आश्वस्त किया कि शासन की योजना के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। हर सुविधा उन्हें हर हाल में मिलेगी। वह बाढ़ शरणालय भी पहुंची। कहा कि बाढ़ पीड़ितों को भोजन और बच्चों को शिक्षा की व्यवस्था की जाए। कोई भी ग्रामीण छोटे बच्चों को गांव में रोककर जोखिम न ले।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों को अकेला छोड़कर नहीं जाएगा। उनके साथ अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार आदि थे।
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गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान तेजी से हो रहा है। गांव के मामन, रुखसार, हनीफ, जहीरुद्दीन, सरवर हुसैन और पप्पू समेत 10 ग्रामीणों के मकान गंगा में समा गए। जलस्तर और कटान बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। अब गांव में बचे 50 परिवारों को लेखपाल पंकज सिंह ने टीम के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। अभी तक गांव में 38 पक्के और 27 झोपड़ी वाले मकान गंगा में समा चुके हैं। बताया कि शाम तक सभी परिवार को निकालने का काम चलता रहा। हालांकि यह लोग गंगा की धार से अभी काफी दूर हैं। उधर गांव चौरा के पास शाहजहांपुर-शमसाबाद मार्ग पर पानी और बढ़ गया है। इसके बाद भी वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं।
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कटरी तौफीक के स्कूल का बरामदा बचा, मार्ग कटा
शमसाबाद। बाढ़ क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में गंगा के कटान ने तेजी पकड़ ली है। गांव के महेश चंद्र का मकान कटान की जद में है। संविलियन स्कूल के सभी चार कमरे गंगा में समा गए, जबकि बरामदे से बाढ़ टकरा रही है। अब स्कूल का अस्तित्व बचना मुश्किल है। झौआ गांव से रूपपुर गांव की ओर जाने वाला मार्ग कटरी तौफीक गांव में कट गया। अब लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो गया है। ग्रामीण मकानों को खाली करके सुरक्षित स्थान पर सामान ले जा रहे हैं। (संवाद)
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डीएम व एसपी ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने के दिए निर्देश
फोटो-42 गांव समैचीपुर चितार में ग्रामीणों को गांव खाली करने के लिए समझाने पहुंचीं डीएम डॉ. अंकुर लाठर, एसपी आरती सिंह व अन्य अधिकारी। स्रोत: कर्मचारी
शमसाबाद। गंगा के कटान की जद में आए समैचीपुर चितार में मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और एसपी आरती सिंह अधिकारियों के साथ पहुंची। उन्होंने गांव में रुके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। कहा कि बाढ़ शरणालय में बाढ़ पीड़ितों को हर सुविधा मिलेगी। बच्चों को पढ़ाया भी जाएगा। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने बेघर हुए लोगों को पुनर्वास का आश्वासन भी दिया। कहा कि सहायता की चिंता न करें।
डीएम और एसपी एसडीएम कायमगंज अभिषेक वर्मा, सीओ कायमगंज अजय वर्मा, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, थाना पुलिस और एनडीआरएफ के साथ नावों, मोटर बोट पर सवार होकर पहुंची। उन्होंने बाढ़ क्षेत्र में हालात भी परखे। संबंधित विभागों के अफसरों को ग्रामीणों की समस्या दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में पहुंचकर परिवारों को अपना सामान लेकर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर मकान बनाने के लिए जमीन देने की मांग की। डीएम ने आश्वस्त किया कि शासन की योजना के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। हर सुविधा उन्हें हर हाल में मिलेगी। वह बाढ़ शरणालय भी पहुंची। कहा कि बाढ़ पीड़ितों को भोजन और बच्चों को शिक्षा की व्यवस्था की जाए। कोई भी ग्रामीण छोटे बच्चों को गांव में रोककर जोखिम न ले।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों को अकेला छोड़कर नहीं जाएगा। उनके साथ अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार आदि थे।

फोटो-39 शमसाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर चौरा गांव के सामने बाढ़ के पानी से निकलते वाहन। संवाद

फोटो-39 शमसाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर चौरा गांव के सामने बाढ़ के पानी से निकलते वाहन। संवाद