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अयोध्या में 12 मुख्यमंत्रियों की अगवानी करेंगे योगी
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अयोध्या। भगवान शिव की नगरी काशी में कॉरिडोर उद्घाटन के कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा शासित राज्यों के सीएम राम की नगरी अयोध्या भी आ रहे हैं। अयोध्या में मुख्यमंत्रियों के स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है, इनकी अगवानी स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को काशी में पीएम नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद करेंगे। इसके अगले दिन ये सभी मुख्यमंत्री अयोध्या पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे। एक साथ आ रहे 12 मुख्यमंत्रियों को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। पीएम मोदी ने सोमवार को काशी में काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का लोकार्पण किया। उस अवसर पर मौजूद भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्रियों का अगला पड़ाव अब अयोध्या है।
काशी-अयोध्या यात्रा के जरिए सरकार धर्म के प्रति निष्ठा व आस्था दर्शाने के साथ-साथ विकास की प्रतिबद्धता भी दिखा रही है। इसी के चलते अयोध्या आ रहे करीब 12 राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्रियों के अयोध्या में भव्य स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अगवानी के लिए अयोध्या में मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि ये सभी सीएम काशी में शिव की आराधना के बाद 15 दिसंबर को रामलला की शरण में अपने परिवार के साथ पहुंचेंगे। उपमुख्यमंत्रियों के भी अपने परिवार के साथ अयोध्या आने की संभावना है। यहां पंचशील होटल में सभी के लिए लंच का इंतजाम भी है। प्रशासन के पास अभी कोई अधिकृत कार्यक्रम नहीं पहुंचा है।
सूत्र बताते हैं कि यदि मुख्यमंत्रीगण मंगलवार दोपहर बाद खाली हो जाते हैं तो आम पर्यटकों की तरह बस के जरिए भी अयोध्या आ सकते हैं। उनके रुकने के लिए पंचशील होटल में व्यवस्था की जा रही है। वहां से सुबह वे दर्शन-पूजन के बाद अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे। अधिकारी बताते हैं कि सुरक्षा कारणों से सड़क मार्ग के जरिए यात्रा करना बेहतर नहीं रहेगा।
ऐसे में ज्यादा संभावना है कि सभी मुख्यमंत्री 15 दिसंबर की दोपहर तक ही अयोध्या पहुंचेंगे। ये सभी सीएम व डिप्टी सीएम रामलला के प्रति आस्था अर्पित करने के साथ-साथ, हनुमानगढ़ी भी जाएंगे। साथ ही सरयू आरती का भी कार्यक्रम बन सकता है।
भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के काशी-अयोध्या यात्रा को ऐतिहासिक बनाने की भी तैयारी है। अयोध्या में 350 होर्डिंग्स लगाई जाएंगी। इनके जरिए विकास कार्यों व सरकार की उपलब्धियां दर्शाई जाएंगी तो इस यात्रा के मायने भी समझाए जाएंगे। एयरपोर्ट से लेकर हाईवे, पंचशील होटल से लेकर नयाघाट और श्रीरामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग को होर्डिंग से सजाया जाएगा। इस होर्डिंग के जरिए काशी-अयोध्या यात्रा को अविस्मरणीय बनाने का प्रयास तो है ही, साथ ही बड़ा संदेश भी देने की तैयारी है।
रामजन्मभूमि परिसर में पहली बार रामलला के दरबार में इतने राज्यों की सरकार माथा टेकने पहुंच रही है। यहां भी राममंदिर ट्रस्ट की ओर से उनके स्वागत की योजना है। रामजन्मभूमि के अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि मुख्यमंत्रियों को श्रीरामचरितमानस व धर्म ध्वजा भेंट की जाएगी।
मानस व धर्मध्वजा पंडित कल्किराम द्वारा उन्हें भेंट की गई है जो रामजन्मभूमि आने पर सभी सीएम व डिप्टी सीएम को प्रदान की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ ट्रस्ट की ओर से विभिन्न राज्यों की सत्ता को परम सत्ता के गर्भगृह के निर्माण कार्य से भी अवगत कराया जाएगा।
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बताया जा रहा है कि मंगलवार को काशी में पीएम नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद करेंगे। इसके अगले दिन ये सभी मुख्यमंत्री अयोध्या पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे। एक साथ आ रहे 12 मुख्यमंत्रियों को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। पीएम मोदी ने सोमवार को काशी में काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का लोकार्पण किया। उस अवसर पर मौजूद भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्रियों का अगला पड़ाव अब अयोध्या है।
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काशी-अयोध्या यात्रा के जरिए सरकार धर्म के प्रति निष्ठा व आस्था दर्शाने के साथ-साथ विकास की प्रतिबद्धता भी दिखा रही है। इसी के चलते अयोध्या आ रहे करीब 12 राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्रियों के अयोध्या में भव्य स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अगवानी के लिए अयोध्या में मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि ये सभी सीएम काशी में शिव की आराधना के बाद 15 दिसंबर को रामलला की शरण में अपने परिवार के साथ पहुंचेंगे। उपमुख्यमंत्रियों के भी अपने परिवार के साथ अयोध्या आने की संभावना है। यहां पंचशील होटल में सभी के लिए लंच का इंतजाम भी है। प्रशासन के पास अभी कोई अधिकृत कार्यक्रम नहीं पहुंचा है।
सूत्र बताते हैं कि यदि मुख्यमंत्रीगण मंगलवार दोपहर बाद खाली हो जाते हैं तो आम पर्यटकों की तरह बस के जरिए भी अयोध्या आ सकते हैं। उनके रुकने के लिए पंचशील होटल में व्यवस्था की जा रही है। वहां से सुबह वे दर्शन-पूजन के बाद अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे। अधिकारी बताते हैं कि सुरक्षा कारणों से सड़क मार्ग के जरिए यात्रा करना बेहतर नहीं रहेगा।
ऐसे में ज्यादा संभावना है कि सभी मुख्यमंत्री 15 दिसंबर की दोपहर तक ही अयोध्या पहुंचेंगे। ये सभी सीएम व डिप्टी सीएम रामलला के प्रति आस्था अर्पित करने के साथ-साथ, हनुमानगढ़ी भी जाएंगे। साथ ही सरयू आरती का भी कार्यक्रम बन सकता है।
भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के काशी-अयोध्या यात्रा को ऐतिहासिक बनाने की भी तैयारी है। अयोध्या में 350 होर्डिंग्स लगाई जाएंगी। इनके जरिए विकास कार्यों व सरकार की उपलब्धियां दर्शाई जाएंगी तो इस यात्रा के मायने भी समझाए जाएंगे। एयरपोर्ट से लेकर हाईवे, पंचशील होटल से लेकर नयाघाट और श्रीरामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग को होर्डिंग से सजाया जाएगा। इस होर्डिंग के जरिए काशी-अयोध्या यात्रा को अविस्मरणीय बनाने का प्रयास तो है ही, साथ ही बड़ा संदेश भी देने की तैयारी है।
रामजन्मभूमि परिसर में पहली बार रामलला के दरबार में इतने राज्यों की सरकार माथा टेकने पहुंच रही है। यहां भी राममंदिर ट्रस्ट की ओर से उनके स्वागत की योजना है। रामजन्मभूमि के अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि मुख्यमंत्रियों को श्रीरामचरितमानस व धर्म ध्वजा भेंट की जाएगी।
मानस व धर्मध्वजा पंडित कल्किराम द्वारा उन्हें भेंट की गई है जो रामजन्मभूमि आने पर सभी सीएम व डिप्टी सीएम को प्रदान की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ ट्रस्ट की ओर से विभिन्न राज्यों की सत्ता को परम सत्ता के गर्भगृह के निर्माण कार्य से भी अवगत कराया जाएगा।