फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   World class tourism facilities will be there with saving mythology

पौराणिकता सहेजने के साथ होगी विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं

Wed, 08 Dec 2021 01:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 01:39 AM IST
विज्ञापन
World class tourism facilities will be there with saving mythology
अयोध्या। अयोध्या विकास प्राधिकरण के 133 वर्ग किमी. के मास्टर प्लान 2031 का प्रारूप आमजन बुधवार से देख सकेंगे। अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव डॉ. संजीव कुमार ने मंगलवार को बताया कि मास्टर प्लान का प्रारूप अयोध्या विकास प्राधिकरण के सभा कक्ष में बुधवार सुबह 10 बजे लग जाएगा।
विज्ञापन

इसमें शहर के लोग अपने-अपने इलाके के विकास के मास्टर प्लान को देख सकेंगे। कोई आपत्ति या सुझाव दो प्रतियों में लिखित रूप से 7 जनवरी तक दिया जा सकेगा। इसका निस्तारण विकास प्राधिकरण की ओर से गठित कमेटी द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आमजन मास्टर प्लान को देख सकेंगे व ऑनलाइन आपत्ति व सुझाव भी दे सकेंगे।
विज्ञापन

प्राधिकरण के सचिव डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि मास्टर प्लान में रामनगरी की पौराणिकता को सहेजने के साथ विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने का प्रारूप तैयार किया गया है। पूरा मास्टर प्लान 12 लाख आबादी को सुनियोजित ढंग से आवासीय, कॉर्मिशल व कृषि की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मास्टर प्लान में अयोध्या आने वाली साढ़े तीन लाख की फ्लोटिंग आबादी को दर्शन पूजन की सुविधाएं का ख्याल रखा गया है। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, परिवहन की सुविधाएं, पर्यटकों व श्रद्धालुओं के रुकने के स्थान, पार्किंग स्थल समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
कहा कि अयोध्या के मास्टर प्लान में पर्यटक व श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से विकसित किए जाने के लिए मुख्य सड़कों की चौड़ाई 20 मीटर से लेकर 15 मीटर तक निर्धारित की गई है। सड़क के दोनों किनारे एक-एक मीटर में ग्रीन जोन विकसित किया जाएगा। सरयू के किनारे डूब क्षेत्र को भी ग्रीन बेल्ट में रखा गया है।
यहां पर पर्यावरण प्रदूषण को कम करने वाले बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाएंगे। इनकी संख्या एक लाख से अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि सरयू के किनारे बने ग्रीन बेल्ट में रामायण की थीम पर एक बड़ा पार्क व पर्यटकों के लिए झील भी बनाए जाने की योजना है। शहर में प्रदूषण को रोकने के लिए सीएनजी बसों का संचालन किया जाएगा।
शहर को सोलर के रूप में विकसित किए जाने की बात है। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए सभी हाईवे पर बस स्टॉप, यात्री सुविधा केंद्र, ट्रांसपोर्ट नगर, पार्किंग स्थल, होटल व रेस्टोरेंट स्थापित किए जाएंगे। सचिव डॉ. संजीव ने बताया कि मास्टर प्लान में यह व्यवस्था की गई है कि अयोध्या दर्शन पूजन को आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
हर हाईवे से आने वाले लोग सीधे राममंदिर को जा सकें। हर हाईवे के लोगों के लिए अलग-अलग रूटों का भी निर्धारण करने का प्रस्ताव है। जिससे कहीं पर भी भीड़ एकत्रित न हो सके। इस दौरान टाउन प्लानर गोरकी कोशिक व टाउन प्लानिंग विभाग डीपी दूबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मास्टर प्लान में आवासीय सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है।
आवासीय सुविधाओं के लिए जोनिंग व्यवस्था की गई है। पूरे 133 वर्ग किमी. के क्षेत्र को छह जोन में बांटा गया है। हर जोन में समस्त जन सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रारूप है। इसमें दैनिक वस्तुओं की खरीद से लेकर होटल, रेस्टोरेंट, पार्किंग, हॉस्पिटल, पार्क, मैरिज लॉन, माल सहित अन्य जन सुविधाएं मिलेगी।
इसके लिए सभी जोन में अलग-अलग आवासीय, कृषि व व्यवसायिक भूमि चिह्नित की गई है। पूरे मास्टर प्लान में इस बात का ख्याल रखा गया है कि प्रत्येक जोन को अपने ही सेक्टर में समस्त सुविधाएं मिल सकें। जिससे उनको दूसरे सेक्टरों का चक्कर न लगाना पड़े व शहर में भीड़ का दबाव हमेशा कम रहे।
अयोध्या के मास्टर प्लान 2031 में लखनऊ-गोरखपुर, अयोध्या-आजमगढ़, अयोध्या- प्रयागराज व अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर बढ़ते रश को रोकने के लिए भी तैयारियां की गई हैं। इसमें लखनऊ-गोरखपुर हाईवे से होटल त्रिमूर्ति के पास से एक नया बाईपास बनाने का प्रस्ताव है। यह बाईपास रायबरेली, प्रयागराज व अंबेडकर नगर हाईवे को जोड़ेगा।
इसके मौजूदा तीनों हाईवे पर बढ़ते रश को नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही नया क्षेत्र भी विकसित होगा। मास्टर प्लान 2031 में अयोध्या में बन रहे राममंदिर के आसपास के क्षेत्र को धार्मिक कार्यों के उपयोग में लाने की योजना है। इसमें राममंदिर के आसपास के इलाके की भूमि को धार्मिक भू-उपयोग की भूमि के रूप में किए जाने का प्रस्ताव है।
साथ ही रामंदिर के 100 मीटर की परिधि को निषिद्घ क्षेत्र किया गया है। इसमें कोई नया निर्माण नहीं हो पाएगा। इसके अलावा अयोध्या में स्थित पांच कोसी व चौदह कोसी की परिधि को विशेष रूप से अयोध्या की धार्मिक परिधि के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें परिक्रमा की सड़कों का चौड़ीकरण व रामायणकालीन वृक्ष लगाए जाएंगे।
मास्टर प्लान 2031 में अयोध्या को शैक्षिक व औद्योगिक हब बनाने की तैयारी है। मास्टर प्लान में दोनों कार्यों के लिए लखनऊ-गोरखपुर हाईवे को चिह्नित किया गया है। इसमें देवकाली को बाईपास के निकट शैक्षिक हब बनाने की तैयारी है, जबकि नया औद्योगिक क्षेत्र मौजूदा समय में कोटसराय के पास स्थित के आगे विकसित होगा।

इसके लिए दोनों स्थानों पर भूमि चिह्नित की गई है। इससे अयोध्या में शैक्षिक व औद्योगिक कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण क्षेत्र का मास्टर प्लान अमृत योजना जीआईएस तकनीक पर आधारित है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व इस पर कार्य शुरू हुआ था। सचिव डॉ. संजीव ने बताया कि प्रदेश के 59 शहरों में अयोध्या ही ऐसा जनपद है जिसने सबसे पहले अपना प्रारूप तैयार कर लिया है। अब इसमें दावे व आपत्तियों एक माह तक ली जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed