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अब बूथों पर 1200 के बजाए होंगे 800 मतदाता
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अयोध्या। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। अगले पंचायत चुनाव में मतदाताओं की सुविधा के लिए 1200 के बजाए 800 मतदाताओं पर एक मतदेय स्थल बनाया जाएगा। यह बदलाव राज्य निर्वाचन आयोग ने चार पदों के लिए एक साथ मतदान कराए जाने की तैयारी और मतदाताओं की सुविधा के मद्देनजर किया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी का निर्देश जारी कर दिया है। पहले चरण में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ ही मतदान केंद्रों और बूथों के प्रारंभिक पुनर्निर्धारण किए जाने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन ने इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण और अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती के साथ पर्यवेक्षक और बीएलओ की तैनाती की जाएगी तो मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथों का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा।
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आयोग ने चार पदों के लिए एक साथ मतदान कराए जाने की रणनीति बनाई है। चार पदों के लिए वोट डालने में लगने वाले समय के मद्देनजर बूथों पर मतदाताओं की संख्या कम कर दी है। कहा गया है कि अब एक बूथ पर अधिकतम आठ सौ से ज्यादा मतदाता नहीं रहेंगे। वह भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद।
पुनरीक्षण के पहले इसे 725 मतदाताओं का मानक बनाकर बूथ बनाए जाएंगे। इसके साथ ही एक मतदान केंद्र पर ज्यादा से ज्यादा छह मतदेय स्थल ही बनाए जाएंगे।
खास बात यह भी है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मतदाता चाहे कितने भी कम हो लेकिन एक मतदेय स्थल जरूर बनाया जाएगा। साथ ही विधानसभा चुनाव में बनाए जाने वाले मतदेय स्थलों को भी आधार बनाया जाएगा। हालांकि आयोग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन चार पदों के लिए मतदान एक साथ कराए जाएंगे। फिर भी आयोग के नए
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राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी का निर्देश जारी कर दिया है। पहले चरण में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ ही मतदान केंद्रों और बूथों के प्रारंभिक पुनर्निर्धारण किए जाने का निर्देश दिया है।
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जिला प्रशासन ने इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण और अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती के साथ पर्यवेक्षक और बीएलओ की तैनाती की जाएगी तो मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथों का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा।
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आयोग ने चार पदों के लिए एक साथ मतदान कराए जाने की रणनीति बनाई है। चार पदों के लिए वोट डालने में लगने वाले समय के मद्देनजर बूथों पर मतदाताओं की संख्या कम कर दी है। कहा गया है कि अब एक बूथ पर अधिकतम आठ सौ से ज्यादा मतदाता नहीं रहेंगे। वह भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद।
पुनरीक्षण के पहले इसे 725 मतदाताओं का मानक बनाकर बूथ बनाए जाएंगे। इसके साथ ही एक मतदान केंद्र पर ज्यादा से ज्यादा छह मतदेय स्थल ही बनाए जाएंगे।
खास बात यह भी है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मतदाता चाहे कितने भी कम हो लेकिन एक मतदेय स्थल जरूर बनाया जाएगा। साथ ही विधानसभा चुनाव में बनाए जाने वाले मतदेय स्थलों को भी आधार बनाया जाएगा। हालांकि आयोग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन चार पदों के लिए मतदान एक साथ कराए जाएंगे। फिर भी आयोग के नए