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Ayodhya News: संघ व विहिप ने संभाली प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की कमान
Mon, 03 Jul 2023 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 03 Jul 2023 12:13 AM IST
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अयोध्या। रामजन्मभूमि में निर्माणाधीन राममंदिर के भूतल का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही मंदिर के फर्श का काम भी शुरू होने जा रहा है। जनवरी 2024 में रामलला भव्य गर्भगृह में विराजमान होने जा रहा है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए संघ व विहिप ने कमान संभाल ली है। पूरा देश प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव में राममय हो जाए ऐसी योजना बन रही है।
देश के पांच लाख मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर रामनाम संकीर्तन का आयोजन होगा। देश के पांच लाख गांव इसके लिए चिन्हित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व विश्व हिंदू परिषद की टीम महोत्सव की तैयारियों में जुट गयी है। इसके लिए टोलियां बनाई जा रही हैं। जिला से लेकर गांव स्तर तक टोली बनाकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। वे अपने-अपने क्षेत्र में अनुष्ठान का संयोजन मठ-मंदिरों में कराएंगे।
साथ ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संघ व विहिप के पदाधिकारी हर 15 दिन पर बैठकें कर आयोजन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य यजमान पीएम नरेंद्र मोदी होंगे। इस दौरान देश के शीर्ष संत-धर्माचार्यों को भी आमंत्रित करने पर विचार चल रहा है। तय हो रहा है कि समस्त परंपराओं के साधु-संतों को महोत्सव में बुलाया जाए। मंदिर आंदोलन के अहम किरदारों को भी महोत्सव का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित करने की तैयारी है।
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देश के पांच लाख मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर रामनाम संकीर्तन का आयोजन होगा। देश के पांच लाख गांव इसके लिए चिन्हित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व विश्व हिंदू परिषद की टीम महोत्सव की तैयारियों में जुट गयी है। इसके लिए टोलियां बनाई जा रही हैं। जिला से लेकर गांव स्तर तक टोली बनाकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। वे अपने-अपने क्षेत्र में अनुष्ठान का संयोजन मठ-मंदिरों में कराएंगे।
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साथ ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संघ व विहिप के पदाधिकारी हर 15 दिन पर बैठकें कर आयोजन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य यजमान पीएम नरेंद्र मोदी होंगे। इस दौरान देश के शीर्ष संत-धर्माचार्यों को भी आमंत्रित करने पर विचार चल रहा है। तय हो रहा है कि समस्त परंपराओं के साधु-संतों को महोत्सव में बुलाया जाए। मंदिर आंदोलन के अहम किरदारों को भी महोत्सव का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित करने की तैयारी है।
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