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बीमार बता कर काट दिए हरे पेड़
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काटे गए आम के हरे पेड़।
- फोटो : FAIZABAD
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चौरेबाजार। बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के साल्हीपुर विट्ठलपुर पुर गांव के समीप तालाब के किनारे ग्राम समाज की जमीन पर लगे हरे छायादार आम के पेड़ों की कटान कई दिनों से जारी है।
इसको लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण करवा रही है। दूसरी तरफ छायादार और फलदार पेड़ों पर आरा चल रहा है।
बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में यहां करीब दो दर्जन आम के हरे पेड़ों को काटा गया है। शिकायत पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल अनूप सिंह व कानूनगो द्वारा जांच के लिए जाने की बात कही है।
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क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक श्रीवास्तव ने दूरभाष पर बताया कि परमिट के अंतर्गत कटान चल रही है। जिसमें 25 हरे आम पेड़ों का परमिट विभाग से भेजा गया है। हरे आम पेड़ को रोगी व फल देने योग्य नहीं मिले हैं। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हरे आम के पेड़ रोगमुक्त है और प्रतिवर्ष फल देते रहते हैं। अयोग्य वृक्ष बताकर छायादार व फलदार पेड़ों का कटान ठीक नहीं है।
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इसको लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण करवा रही है। दूसरी तरफ छायादार और फलदार पेड़ों पर आरा चल रहा है।
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बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में यहां करीब दो दर्जन आम के हरे पेड़ों को काटा गया है। शिकायत पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल अनूप सिंह व कानूनगो द्वारा जांच के लिए जाने की बात कही है।
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क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक श्रीवास्तव ने दूरभाष पर बताया कि परमिट के अंतर्गत कटान चल रही है। जिसमें 25 हरे आम पेड़ों का परमिट विभाग से भेजा गया है। हरे आम पेड़ को रोगी व फल देने योग्य नहीं मिले हैं। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हरे आम के पेड़ रोगमुक्त है और प्रतिवर्ष फल देते रहते हैं। अयोग्य वृक्ष बताकर छायादार व फलदार पेड़ों का कटान ठीक नहीं है।