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सीएचसी में तीन नवजात की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2016 10:43 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर शनिवार रात नवजातों के लिए काल बन गया। रात एक बजे के बाद एक के बाद एक तीन नवजातों की मौत हो गई। इससे अस्पताल में कोहराम मच गया। लोगों ने डॉक्टरों पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने सोमवार को सीएमओ से शिकायत करने की बात कही।
क्षेत्र के बनकट निवासी अर्चना पत्नी बजरंग को शनिवार देर रात प्रसव के लिए भर्ती कराया गया। करीब ढाई बजे अर्चना ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। मां को जैसे ही पता चला कि उसके बच्चे की मौत हो गई है तो वह चीखने लगी। इसी के साथ परिवारीजन भी रोने लगे। वहीं, अनारकली पत्नी सतगुर चौरसिया निवासी देवसियापारा को रात लगभग एक बजे प्रसव के लिए भर्ती कराया गया।
अनारकली ने सुबह पांच बजे एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के एक घंटे के बाद बच्चे की मौत हो गई। मृत बच्चे को गोद में लेकर उसकी दादी शांति देवी बिलखती रही। पिता शतगुर चौरसिया भी बच्चे की मौत पर बेहाल रहे। गांव के कुछ लोग और आ गए। इन्होंने अस्पताल गेट पर प्रदर्शन किया।
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परिवारीजनों ने बच्चे की मौत पर स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। बच्चे के पिता सतगुरु ने कहा कि सोमवार को सीएमओ से अस्पताल कर्मचारियों के लापरवाही की शिकायत की जाएगी।तीसरी घटना रविवार सुबह सात बजे घटी। जन्म के एक घंटे के अंदर तीसरे बच्चे ने दम तोड़ दिया।
खजुरहट फुलवरिया निवासी सीमा पत्नी संदीप को शनिवार दिन में एक बजे भर्ती किया गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि सब कुछ ठीक है। रविवार को सुबह लगभग सात बजे सीमा ने एक शिशु को जन्म दिया और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। उसके बाद अस्पताल में फिर कोहराम मच गया।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. सतीशचंद्रा ने बताया कि बच्चे की हालात खराब होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई। बीकापुर सीएचसी की एएनएम सुमन सिंह का कहना है कि जन्म के बाद एक बच्चे ने गंदा पानी पी लिया था।
सामान्य प्रसव हुआ था, इसलिए रेफर नहीं किया गया। इमरजेंसी के चिकित्सक को दिखाया गया। बच्चे की हालत देखने के बाद चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर बच्चों की मौत की जांच कराई जाएगी। जो भी चिकित्सक व कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र के बनकट निवासी अर्चना पत्नी बजरंग को शनिवार देर रात प्रसव के लिए भर्ती कराया गया। करीब ढाई बजे अर्चना ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। मां को जैसे ही पता चला कि उसके बच्चे की मौत हो गई है तो वह चीखने लगी। इसी के साथ परिवारीजन भी रोने लगे। वहीं, अनारकली पत्नी सतगुर चौरसिया निवासी देवसियापारा को रात लगभग एक बजे प्रसव के लिए भर्ती कराया गया।
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अनारकली ने सुबह पांच बजे एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के एक घंटे के बाद बच्चे की मौत हो गई। मृत बच्चे को गोद में लेकर उसकी दादी शांति देवी बिलखती रही। पिता शतगुर चौरसिया भी बच्चे की मौत पर बेहाल रहे। गांव के कुछ लोग और आ गए। इन्होंने अस्पताल गेट पर प्रदर्शन किया।
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परिवारीजनों ने बच्चे की मौत पर स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। बच्चे के पिता सतगुरु ने कहा कि सोमवार को सीएमओ से अस्पताल कर्मचारियों के लापरवाही की शिकायत की जाएगी।तीसरी घटना रविवार सुबह सात बजे घटी। जन्म के एक घंटे के अंदर तीसरे बच्चे ने दम तोड़ दिया।
खजुरहट फुलवरिया निवासी सीमा पत्नी संदीप को शनिवार दिन में एक बजे भर्ती किया गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि सब कुछ ठीक है। रविवार को सुबह लगभग सात बजे सीमा ने एक शिशु को जन्म दिया और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। उसके बाद अस्पताल में फिर कोहराम मच गया।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. सतीशचंद्रा ने बताया कि बच्चे की हालात खराब होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई। बीकापुर सीएचसी की एएनएम सुमन सिंह का कहना है कि जन्म के बाद एक बच्चे ने गंदा पानी पी लिया था।
सामान्य प्रसव हुआ था, इसलिए रेफर नहीं किया गया। इमरजेंसी के चिकित्सक को दिखाया गया। बच्चे की हालत देखने के बाद चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर बच्चों की मौत की जांच कराई जाएगी। जो भी चिकित्सक व कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।