{"_id":"ef337e4cdc6846fc80bdb92d54d0f7e4","slug":"thematic-painting-exhibition-at-the-museum-was-the-story-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संग्रहालय में लगी रामकथा विषयक चित्रकला प्रदर्शनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संग्रहालय में लगी रामकथा विषयक चित्रकला प्रदर्शनी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय द्वारा शैक्षिक कार्यक्रमों के अंतर्गत रामकथा विषयक चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन सरयू तट स्थित रामकथा संग्रहालय वीथिका में किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ चित्रकार एवं नंदकला विद्यालय के प्रधानाचार्य नंदलाल पांडेय ने फीता काटकर किया।
संग्रहालय के वीथिका सहायक मानस प्रसाद तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनी में राम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों के चित्र लगाए गए हैं।
इसमें बाल लीला, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, सीता स्वयंवर, राम विवाह, राम वनगमन, केवट प्रसंग, शबरी उद्धार, सीताहरण, जटायु वध, लंका दहन, रावण वध व राज्यभिषेक के अतिरिक्त भगवान राम द्वारा शिव पूजा, माता सीता की अग्नि परीक्षा, हनुमान लीला के प्रसंगों पर आधारित चित्रों का प्रदर्शन किया गया है।
प्रदर्शनी में संग्रहालय के द्वारा पूर्व में विभिन्न चित्रकला प्रतियोगिताओं में सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों के द्वारा बनाए गए पुरस्कृत उत्कृष्ट चित्रों को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें केवल कुछ चित्रों के बनाने तथा कला की डिग्री प्राप्त कर लेने तक ही अपने को सीमित नहीं कर लेना चाहिए।
यदि कला के क्षेत्र में अच्छा काम करना है तो निरंतर अभ्यास की आवश्यकता है। सभी को ज्यादा से ज्यादा चित्र बनाकर अपनी स्वयं की एकल प्रदर्शनी लगाने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर कोलकत्ता के कलाकार तपन मजुमदार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेे।
विज्ञापन
संग्रहालय के वीथिका सहायक मानस प्रसाद तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनी में राम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों के चित्र लगाए गए हैं।
इसमें बाल लीला, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, सीता स्वयंवर, राम विवाह, राम वनगमन, केवट प्रसंग, शबरी उद्धार, सीताहरण, जटायु वध, लंका दहन, रावण वध व राज्यभिषेक के अतिरिक्त भगवान राम द्वारा शिव पूजा, माता सीता की अग्नि परीक्षा, हनुमान लीला के प्रसंगों पर आधारित चित्रों का प्रदर्शन किया गया है।
विज्ञापन
प्रदर्शनी में संग्रहालय के द्वारा पूर्व में विभिन्न चित्रकला प्रतियोगिताओं में सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों के द्वारा बनाए गए पुरस्कृत उत्कृष्ट चित्रों को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें केवल कुछ चित्रों के बनाने तथा कला की डिग्री प्राप्त कर लेने तक ही अपने को सीमित नहीं कर लेना चाहिए।
यदि कला के क्षेत्र में अच्छा काम करना है तो निरंतर अभ्यास की आवश्यकता है। सभी को ज्यादा से ज्यादा चित्र बनाकर अपनी स्वयं की एकल प्रदर्शनी लगाने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर कोलकत्ता के कलाकार तपन मजुमदार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेे।