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अयोध्या के घाटों पर दीपों के चिन्हीकरण का कार्य आज से
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अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांचवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन 23 अक्तूबर से अयोध्या के 32 घाटों पर दीप एवं रामायणकालीन चित्रण का कार्य शुरू कर देगा।
नोडल अधिकारी प्रो. शैलेंद वर्मा ने बताया कि 3 नवंबर को होने वाले दिव्य दीपोत्सव के तीन दिन पूर्व तक चित्रण का कार्य चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से अयोध्या के 32 घाटों पर 9 लाख दीपक बिछाने की तैयारी है।
यह काम विश्वविद्यालय, महाविद्यालय व इंटर कॉलेज के 12 हजार स्वयंसेवकों के सहयोग से अयोध्या के 32 घाटों किया जाएगा। इसमें 20 बुर्ज को भी शामिल किया गया है।
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स्वयंसेवकों में 32 प्रेक्षक व 200 समन्वयक भी शामिल हैं। दीपक बिछाने एवं जलाने के लिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 14 गुणे 14 का एक ब्लॉक बनाया जायेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया कि अयोध्या का दीपोत्सव एतिहासिक दृष्टि से हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय पांचवीं बार इस एतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है।
पूर्व में विश्वविद्यालय द्वारा चार बार के दीपोत्सव में तीन बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में नाम दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि इस बार सात लाख 51 हजार दीपक जलाकर पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाएंगे।
दीपोत्सव के दिन रामायणकालीन चित्रों में रखे दीपक थ्रीडी एनिमेशन के साथ जलाएं जाएंगे। दीपक खरीदने, स्वयंसेवकों के भोजन व परिधान समेत अन्य कार्यों का दायित्व विश्वविद्यालय द्वारा लखनऊ की कंपनी लकक्षक एलएलपी टेक को सौंपा गया है।
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नोडल अधिकारी प्रो. शैलेंद वर्मा ने बताया कि 3 नवंबर को होने वाले दिव्य दीपोत्सव के तीन दिन पूर्व तक चित्रण का कार्य चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से अयोध्या के 32 घाटों पर 9 लाख दीपक बिछाने की तैयारी है।
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यह काम विश्वविद्यालय, महाविद्यालय व इंटर कॉलेज के 12 हजार स्वयंसेवकों के सहयोग से अयोध्या के 32 घाटों किया जाएगा। इसमें 20 बुर्ज को भी शामिल किया गया है।
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स्वयंसेवकों में 32 प्रेक्षक व 200 समन्वयक भी शामिल हैं। दीपक बिछाने एवं जलाने के लिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 14 गुणे 14 का एक ब्लॉक बनाया जायेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया कि अयोध्या का दीपोत्सव एतिहासिक दृष्टि से हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय पांचवीं बार इस एतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है।
पूर्व में विश्वविद्यालय द्वारा चार बार के दीपोत्सव में तीन बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में नाम दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि इस बार सात लाख 51 हजार दीपक जलाकर पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाएंगे।
दीपोत्सव के दिन रामायणकालीन चित्रों में रखे दीपक थ्रीडी एनिमेशन के साथ जलाएं जाएंगे। दीपक खरीदने, स्वयंसेवकों के भोजन व परिधान समेत अन्य कार्यों का दायित्व विश्वविद्यालय द्वारा लखनऊ की कंपनी लकक्षक एलएलपी टेक को सौंपा गया है।