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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The water level decreases, the sharp reduction in the Cachar

जलस्तर घटने से कछार में कटान तेज

Wed, 15 Jul 2015 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Wed, 15 Jul 2015 11:36 PM IST
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सप्ताह भर से तेजी से बढ़ रहा जलस्तर थमने के साथ अब गिरावट शुरू हो गई है। तेजी से गिर रहे जलस्तर से जिले के तटीय इलाकों में कटान तेज हो गई है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के बाशिंदे परिवारीजनों व मवेशियों के साथ सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। पूराबाजार के बाढ़ प्रभावित 12 से अधिक परिवारों ने अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे पर शरण ले रखी है।
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सरयू में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर दो दिनों से गिरावट की ओर है। केंद्रीय जल आयोग के बलराम के मुताबिक बुधवार को नदी का जलस्तर शाम पांच बजे 92.020 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। गुरुवार को सुबह आठ बजे तक जलस्तर 91.900 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। सरयू में तेजी से घट रहे जलस्तर से नदी के तटीय इलाकों में कटान तेजी से शुरू हो गई है। नदी की धारा तटीय इलाकों के भू-भाग को अपने आगोश में समेट रही हैं। सप्ताह भर पूर्व पूरा ब्लॉक के मूड़ाडीहा गांव में तीन घर सरयू की धारा में समा गए थे। कई घर अब भी कटान की जद में हैं। गांव वाले परिवार समेत सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।
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पूरा बाजार में तटीय इलाकों के ग्रामीण भी बाढ़ की जद में हैं। नदी में बाढ़ के खतरे व कटान से भयभीत ग्रामीणों ने अयोध्या-बिल्वहरिघाट तटबंध पर शरण लेना शुरू कर दिया है लेकिन इनकी सुधि लेने अभी तक प्रशासनिक स्तर पर कोई नहीं पहुंचा है। बंधे पर रह रहे झिंकू पासी का कहना है कि एकाएक नदी में बाढ़ से सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए धीरे-धीरे सामान लाकर सुरक्षित स्थान पर रख लेते है। प्रेमा देवी कहती हैं कि कटान से सब कुछ गवा देने के बाद बंधे पर खुले आसमान के नीचे जीवानयापन कर रहे है। कोई मदद के लिए नहीं आया। बाढ़ आ जाने से व्यवसाय चौपट हो जाता है। भगौती निषाद कहते हैं कि ब्याज पर रुपया ले कर फसल तैयार की थी। सारी फसल कटान के कारण सरयू में समा जाने से हमारी पूंजी समाप्त हो गई है। अब हम लोग भूखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। सोहावल के तटीय इलाके में नदी के चलते हो रही कटान से गांवों में दहशत की स्थिति है। क्षेत्र के रग्घूपुर मांधाता का पुरवा एवं सिंहोरा गांव में कटान शुरू हो गई है। रमेश कुमार पांडेय सिंहोरा, घनष्याम तिवारी रग्घूपुर का घर नदी से सटा हुआ है। भयभीत परिवार वाले पलायन करने लगे हैं। मुन्ना का पुरवा निवासी रामकलक, सत्यनाम पाल, विशाल सिंह, राम दयाल सिंह भी कटान से परेशान हैं। महंगू का पुरवा के बलराम यादव कटान के चलते बंधे पर रहने को मजबूर हैं।
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