फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The temperature reached 43 degrees, the record broken

43 डिग्री पहुंचा पारा, टूटा रिकॉर्ड

Sun, 10 Apr 2016 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Sun, 10 Apr 2016 10:38 PM IST
विज्ञापन
The temperature reached 43 degrees, the record broken
गर्मी से परेशान युवती - फोटो : अमर उजाला
सूर्य धरती पर रविवार को आग के गोले बरसाता दिखा। अप्रैल माह में अब तक का सारा रिकार्ड टूट गया है। एनडी विश्वविद्यालय और अवध विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के मुताबिक अचानक पारा दो डिग्री बढ़कर 43 हो गया है, जबकि न्यूनतम पारा भी 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है, यह अप्रैल माह की सबसे अधिक गर्मी है। अब तक का 10 अप्रैल तक औसत तामपान अधिकतम 38 व न्यूनतम 20 डिग्री का रहा है।  
विज्ञापन


तापमान में तेजी से इजाफा हो रहा है। अप्रैल माह में जून जैसी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम के तीखे तेवरे से बच्चों से लेकर बड़ों तक परेशान हैं। गर्मी की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से लेकर सायं पांच बजे तक पछुआ हवा के थपेड़ों को सहने के लिए मजबूर रहे।
विज्ञापन


पिछले एक सप्ताह में तापमान में बढ़ोतरी से गांव से लेकर शहर तक हर कोई हलकान है। खेतों में कार्य करने वाले किसान हर हाल में दस बजे घर की ओर लौट जा रहे हैं । शहरों में भी दस बजने के साथ ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। उसके बाद जो लोग घरों से निकले वह कसाबा बांध कर ही निकले।
विज्ञापन
विज्ञापन


नरेन्द्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के मौमस वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र अप्रैल माह में पहले कभी इतनी गर्मी रिकॉर्ड नहीं की गई है। उनकी मानें तो अभी पछुआ हवा चलेगी। पछुआ हवा चली तो तामपन में कमी नहीं आएगी। अवध विवि के पर्यावरण विभाग के हेड डॉ यशवंत सिंह कहते हैं कि प्रकृति के दोहन से हालात बेहद खराब हो रहे हैं, लोगों को अब सचेत होना होगा। 

बीते दस दिन का अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)
01 अप्रैल-36 डिग्री
02 अप्रैल-36 डिग्री
03 अप्रैल-38 डिग्री

04 अप्रैल-38 डिग्री
05 अप्रैल-42 डिग्री
06 अप्रैल-42 डिग्री

07 अप्रैल-38 डिग्री
08 अप्रैल-38 डिग्री
09 अप्रैल-41 डिग्री
10 अप्रैल-43 डिग्री


धूप के एक्सपोजर से स्क्रीन कैंसर का खतरा 
कड़ाके की धूप हल्के में न लें। सूर्य से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें धरती आ रही है। 40 डिग्री टेंपरेचर से अधिक तापमान में यदि व्यक्ति लगातार कार्य करता रहा तो स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। तेज धूप की वजह से लोग सन बर्न का शिकार हो रहे हैं। चेहरे झुलस जा रहे हैं। गर्मी की वजह से अधिक पसीना होने की वजह से फंगल इंफेक्शन के खतरे भी बढ़ गए हैं। पसीना और गर्मी की वजह से पीठ व शहरी के अन्य अंग पहले लाल हो जाते हैं और फिर इन्हीं अंगों पर काले रंग के चकत्ते भी पड़ जाते हैं। 

बच्चों पर भारी पड़ रही गर्मी 
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि तापमान में बढ़ोतरी बच्चों पर भारी पड़ रही है। इस मौसम में बच्चों को बाहर न जाने दिया जाए। बच्चे अक्सर धूप में खेलते हैं। उनके शरीर से पानी का क्षरण तेजी से होता है और बच्चे जान भी नहीं पाते हैं। डिहाईड्रेशन की वजह से बच्चे गश खाकर गिर जाते हैं।


उन्होंने बच्चों को दोपहर में घर से बाहर नहीं भेजने की सलाह दी। कहा कि यदि बाहर जाना आवश्यक है तो पूरी बांह के कपड़े पहन कर निकलें। उन्होंने ताजा भोजन करने, तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। यही नहीं जमीन का जल स्तर नीचे चले जाने की वजह से पानी प्रदूषित हो जाता है। इसकी वजह से टायफायड, डायरिया, पीलिया जैसी बीमारी भी प्रमुखता से फैलती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed