फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The storm caused havoc, the death of the farmer due to falling of the tree

आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, पेड़ गिरने से किसान की मौत

Sat, 05 Feb 2022 12:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Feb 2022 12:24 AM IST
विज्ञापन
The storm caused havoc, the death of the farmer due to falling of the tree
अयोध्या। जनपद के शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण इलाकों में गुरुवार रात करीब आठ बजे आए आंधी-बारिश ने तबाही मचा दी। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के खंडासा थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में खेत में सो रहे किसान के ऊपर शीशम का पेड़ गिर गया।
विज्ञापन

जिससे उसकी मौत हो गई। कई जगहों पर पेड़ गिरने से चपेट में आए लोगों के घरों के छप्पर भी गिर गए। इस दौरान ओले भी पड़े, जिससे फसलों को काफी नुकसान भी हुआ।
विज्ञापन

वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल हो गई जो शुक्रवार की शाम तक बहाल नहीं हो सकी। मौसम विभाग ने आगामी चौबीस घंटों में मध्यम से घने बादल छाए रहने एवं गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के खंडासा थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में छुट्टा पशुओं से अपने आलू की फसल की रखवाली करने गया किसान धर्मेंद्र लोधी (22) पुत्र भरई राम लोधी गुरुवार रात खेत में बने छप्पर में सो रहा था।
इस दौरान शुरू हुई आंधी व बारिश में छप्पर के पास लगा शीशम का एक भारी भरकम पेड़ छप्पर पर गिर गया। इसके नीचे दबकर धर्मेंद्र की मौत हो गई। यह खेत गदुरही बाजार से इनायतनगर जाने वाले मार्ग से 300 मीटर की दूरी पर था।
जिससे आने जाने वाले लोगों को भी इसकी कोई भनक नहीं लग सकी। सुबह होने पर जब परिजन वहां पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। थानाध्यक्ष खंडासा संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कंदई कला चौकी के दरोगा ब्रह्म दत्त पांडे ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है।
वहीं, सोहावल क्षेत्र के मीरपुर कांटा के कांटे गांव में बना बाबा जूरादास का मंदिर इस आंधी-बारिश की भेंट चढ़ गया। कांटे गांव निवासी आलोक सिंह, राघवराम सिंह, सोनू, संजय सिंह ने बताया कि 500 वर्ष पुराना बाबा जूरादास का मंदिर पूरी तरह खत्म हो गया।
यही हाल रुदौली, मया, पूरा, गोसाईगंज समेत अन्य ग्रामीण इलाकों का रहा। मिल्कीपुर क्षेत्र में दर्जनों पेड़ व बिजली के पोल गिरने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। अमानीगंज के जयराजपुर सब स्टेशन पर 12 घंटों से बिजली सप्लाई बाधित है।
जेई रजनीश वर्मा ने बताया की पेड़ों को हटा कर जल्द ही बिजली व्यवस्था को बहाल किया जाएगा। बीकापुर विद्युत उप केंद्र और मंगारी विद्युत उप केंद्र क्षेत्र के सभी विद्युत फीडर पर विद्युत व्यवस्था भी शुक्रवार तक बाधित रही।
सोहावल, रुदौली, सदर तहसील के मया बाजार, पूरा बाजार व गोसाईगंज समेत अन्य इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं अयोध्या-फैजाबाद के कुछ इलाकों में बाधित हुई विद्युत आपूर्ति देर रात बहाल हो सकी।
बीकापुर संवाददाता के अनुसार तहसील क्षेत्र में गुरुवार रात तेज हवा के साथ बारिश हुई व ओले गिरे। बरसात से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है लेकिन ओले से सरसों, मटर, चना, मसूर, आलू व सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
भीखीसराय निवासी संजय तिवारी ने बताया कि ओले पड़ने से मटर और टमाटर की फसल को नुकसान हुआ है। बिलारी माफी सेमरा निवासी किसान लालमणि निषाद राकेश वर्मा और अन्य किसानों ने बताया कि टमाटर के पौधे में लगे फल टूट कर नीचे गिर गए हैं।
सूल्हेपुर निवासी किसान बुद्धू पांडेय ने बताया आलू की फसल खेत में तैयार हो गई है। बरसात होने से आलू में सड़न पैदा हो जाएगी। उमरनी पिपरी निवासी कपिल देव पाठक ने बताया कि बरसात और ओले पड़ने से सरसों की फसल में फल और फूलों को नुकसान हुआ है।
रानीबाजार क्षेत्र के ग्रामसभा सिडहिर निवासी किसान सतीश चौरसिया ने बताया कि तेज हवा से सरसों के फूल गिरने के कारण उत्पादन में कमी आएगी।
एनडी यूनीवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार आगामी चौबीस घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम से घने बादल छाए रहने एवं गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।
कुमारगंज प्रतिनिधि के अनुसार आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि कुमारगंज अयोध्या के सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रो. रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगैती लतावर्गीय सब्जियों लौकी, कद्दू, नेनुआ, करेला, खीरा, ककडी़, भिंडी, टमाटर, लोभिया की फसलों के लिए वर्षा व ओलावृष्टि काफी नुकसानदायक है।

बताया कि दलहनी फसलों चना, मटर, मसूर एवं अरहर में लगे फूल प्रभावित होंगे। वहीं गेहूं, गन्ना व मक्का की फसल के लिए लाभकारी है, लेकिन ज्यादा पानी लगने व तेज हवा के चलने से गन्ना, गेहूं, मक्का एवं अन्य फसलें गिर सकती है। उन्होंने किसान से अपील करते हुए कहा कि पानी खेत से निकलने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed