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2022 में आकार लेने लगेगा राममंदिर का गर्भगृह

Mon, 12 Jul 2021 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 10:42 PM IST
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The sanctum sanctorum of Ram temple will start taking shape in 2022
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नींव भराई का काम चल रहा है। नींव के लिए खोदे गए 50 फीट गहरे गड्ढे को आरसीसी प्रणाली से लेयर डालकर भरा जा रहा है। कुल 44 लेयर में नींव भरी जानी है।
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लेयर डालकर नींव भरने का काम अक्तूबर 21 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद राममंदिर के फाउंडेशन का काम शुरू होगा। लगभग 16 फीट ऊंचे फाउंडेशन पर राममंदिर का गर्भगृह 2022 में आकार लेना शुरू हो जाएगा।
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श्रीराम जन्मभूमि परिसर में मुख्य मंदिर का निर्माण 2.77 एकड़ में होगा। इसी में गर्भगृह भी होगा। मंदिर में तीन तल होंगे। प्रत्येक तल की ऊंचाई 20 फीट होगी।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का लक्ष्य है कि 2024 तक मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो जाए और गर्भगृह में रामलला विराजित हो जाएं। इसके तहत मंदिर निर्माण का जो प्लान तैयार किया गया है, उसमें अक्तूबर 2021 तक नींव भराई का काम पूरा करने का लक्ष्य है।
2022 में मंदिर में पत्थरों को लगाने का काम शुरू हो जाएगा। यह काम 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 2024 में ही गर्भगृह में रामलला को विराजित कर दिए जाने की योजना है।
मंदिर के प्रथम तल पर रामदरबार विराजमान होंगे, जबकि तीसरा तल खाली रहेगा। गर्भगृह में प्रवेश के पहले एक प्रवेश मार्ग होगा। गर्भगृह के आसपास का परकोटा तीन तरफ से खुला होगा। मंदिर परिसर में अंदर जाने के लिए दो और प्रवेश द्वार होंगे।
चूंकि अगले साल 2022 में पत्थरों को लगाने का काम शुरू करने के साथ ही गर्भगृह को आकार देना प्रारंभ हो जाएगा। इसलिए ट्रस्ट राममंदिर की कार्यशाला को फिर से शुरू करने की तैयारी में है।
अभी राममंदिर के गर्भगृह के लिए करीब 60 प्रतिशत पत्थर ही तैयार हैं, शेष पत्थरों को तैयार करने का काम भी अब शुरू होगा। रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में पत्थर कटिंग मशीन की टेस्टिंग शुरू करा दी गई है।
इसके लिए राजस्थान से आधा दर्जन कारीगर अयोध्या पहुंचे हैं जो मशीन का प्रशिक्षण कर रहे हैं। राममंदिर बनने के बाद अयोध्या में श्रद्धालुुओं की भीड़ में पांच गुना इजाफा होगा।
राममंदिर बनने के हर माह अयोध्या में करीब 25 से 30 लाख भक्तों के आगमन की उम्मीद है। इसको देखते हुए जनसुविधाएं भी विकसित करने की तैयारी है। राममंदिर का आसपास का इलाका इको फ्रेंडली होगा।
प्रदूषण मुक्त वातावरण हो इसके लिए मंदिर के आसपास ई-व्हीकल दौड़ेंगे। मंदिर बनने के बाद रामकोट एरिया में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर बैन लगेगा। ई-व्हीकल को बढ़ाया दिया जाएगा, ई-रिक्शा, साइकिल नजर आएगी।

2022 में मंदिर का गर्भगृह का आकार लेना प्रारंभ होगा। पत्थरों को लगाने का काम शुरू हो जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि 2024 तक रामलला भव्य गर्भगृह में विराजमान हो जाएं। गर्भगृह में रामलला के विराजित होने के बाद ऊपरी दोनों तलों का निर्माण कार्य चलता रहेगा। राममंदिर परिसर में भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं हों, मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही त्रेतायुग का अहसास हो, ऐसी योजना है।-चंपत राय, महासचिव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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