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बच्चों को नहीं मिलीं किताबें
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:00 PM IST
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एक अप्रैल से ही परिषदीय स्कूलों का नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक बच्चों को पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ रहा है। ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई को विद्यालय खुल गए तथा आठ दिन होने के बाद भी अभी छात्र/छात्राओं के हाथों में सर्व शिक्षा अभियान की नई किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। यह सवाल जेहन में कौंध जाता है कि आखिर इस लचर व्यवस्था में परिषदीय स्कूल कैसे कान्वेंट स्कूलों के मुकाबले खड़े होंगे।
जिले में तकरीबन 2200 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें 1500 प्राइमरी और सात सौ जूनियर हाईस्कूल हैं। अमानीगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बरौली में कुल 129 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन इन बच्चों को अभी नई किताबें नहीं मिल पाई हैं। नई किताबों को पाने के लिए बच्चे बेताब हैं, क्योंकि उन्हें पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ रहा है। यहां के प्रधानाध्यापक जयहिंद सिंह ने कहा कि ब्लॉक संसाधन केंद्र अमानीगंज में बुधवार को किताबें पहुंच गई है,ं बंडलिंग का कार्य चल रहा है।
शनिवार को बच्चों को दिया जाएगा। मसौधा शिक्षा क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल गौहनियां तो शहर के करीब है, लेकिन यहां भी अभी सर्व शिक्षा अभियान की किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच पाई हैं। यहां पर कुल 122 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन सभी के हाथों में पुरानी किताबें ही है। यहां के सहायक शिक्षक धीरज शुक्ला ने कहा कि किताबें भले पुरानी हों, लेकिन बच्चे मन से पढ़ रहे हैं।
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रुदौली शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रुदौली प्रथम में छात्र/छात्राओं की तादाद 325 है, लेकिन इन सभी को पुरानी पुस्तकों से ही पढ़ना पड़ रहा है। यहां के प्रधानाध्यापक नीलमणि त्रिपाठी ने कहा शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष की मौजूदगी में किताबों का वितरण होगा।
सर्व शिक्षा अभियान की निशुल्क किताबों के वितरण की तस्वीर कमोबेश ऐसी ही अन्य ब्लॉकों बीकापुर, तारुन, मया बाजार, सोहावल, हैरिंग्टनगंज, मवई आदि की भी है।
ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर किताबें भेजी जा चुकी हैं तथा वहां से स्कूलों तक पहुंच रही हैं। बारिश का थोड़ा सा असर पड़ा हैे, किन उम्मीद है कि सोमवार तक सभी बच्चों के हाथों में नई किताबें होंगी। - प्रदीप कुमार द्विवेदी, बीएसए
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जिले में तकरीबन 2200 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें 1500 प्राइमरी और सात सौ जूनियर हाईस्कूल हैं। अमानीगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बरौली में कुल 129 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन इन बच्चों को अभी नई किताबें नहीं मिल पाई हैं। नई किताबों को पाने के लिए बच्चे बेताब हैं, क्योंकि उन्हें पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ रहा है। यहां के प्रधानाध्यापक जयहिंद सिंह ने कहा कि ब्लॉक संसाधन केंद्र अमानीगंज में बुधवार को किताबें पहुंच गई है,ं बंडलिंग का कार्य चल रहा है।
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शनिवार को बच्चों को दिया जाएगा। मसौधा शिक्षा क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल गौहनियां तो शहर के करीब है, लेकिन यहां भी अभी सर्व शिक्षा अभियान की किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच पाई हैं। यहां पर कुल 122 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन सभी के हाथों में पुरानी किताबें ही है। यहां के सहायक शिक्षक धीरज शुक्ला ने कहा कि किताबें भले पुरानी हों, लेकिन बच्चे मन से पढ़ रहे हैं।
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रुदौली शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रुदौली प्रथम में छात्र/छात्राओं की तादाद 325 है, लेकिन इन सभी को पुरानी पुस्तकों से ही पढ़ना पड़ रहा है। यहां के प्रधानाध्यापक नीलमणि त्रिपाठी ने कहा शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष की मौजूदगी में किताबों का वितरण होगा।
सर्व शिक्षा अभियान की निशुल्क किताबों के वितरण की तस्वीर कमोबेश ऐसी ही अन्य ब्लॉकों बीकापुर, तारुन, मया बाजार, सोहावल, हैरिंग्टनगंज, मवई आदि की भी है।
ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर किताबें भेजी जा चुकी हैं तथा वहां से स्कूलों तक पहुंच रही हैं। बारिश का थोड़ा सा असर पड़ा हैे, किन उम्मीद है कि सोमवार तक सभी बच्चों के हाथों में नई किताबें होंगी। - प्रदीप कुमार द्विवेदी, बीएसए