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कर्नाटक से पहुंचे दस ट्रक ग्रेनाइट पत्थर
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अयोध्या-पहुंची राममंदिर के प्लिंथ निर्माण के लिए पत्थरों की खेप।-संवाद
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि में राममंदिर की नींव के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में नींव के ऊपर करीब 20 फीट ऊंची प्लिंथ का निर्माण किया जाएगा। यह काम फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू हो सकता है। प्लिंथ निर्माण में कर्नाटक के ग्रेनाइट पत्थरों का प्रयोग होगा। जिसकी आपूर्ति तेजी से हो रही है। सोमवार को भी करीब 10 ट्रक पत्थर राम जन्मभूमि पहुंचा है।
पहले चरण में राममंदिर की 50 फीट गहरी नींव के ऊपर डेढ़ मीटर ऊंची रॉफ्ट ढालने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके बाद राममंदिर के फाउंडेशन (प्लिंथ) का निर्माण शुरू होगा। नींव के ऊपर करीब 20 फीट ऊंची प्लिंथ बनाई जाएगी जो राममंदिर की नींव को मजबूती प्रदान करेगी। प्लिंथ निर्माण में कर्नाटक के ग्रेनाइट पत्थरों का प्रयोग होना है, कुल 20 हजार पत्थरों की आवश्यकता होगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह से प्लिंथ का काम शुरू हो जाएगा। इसलिए पत्थरों की लगातार आपूर्ति हो रही है। इसी क्रम में सोमवार को कर्नाटक से 10 ट्रकों में करीब दो हजार पत्थर आए हैं। जिन्हें रामजन्मभूमि परिसर में रखवाया गया है।
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बताया कि ये पत्थर तीन गुणे दो के आकार के हैं। प्लिंथ में पत्थरों के अलग-अलग ब्लाक बनेंगे। कहीं दो गुणे तीन तो कहीं पांच गुणे तीन व कहीं-कहीं 10 फीट के पत्थर के ब्लॉक भी लगाए जाएंगे। बताया कि प्लिंथ का काम पूरा होने में करीब चार से पांच माह लग जाएंगे। प्लिंथ के ऊपर ही गर्भगृह आकार लेगा, ऐसे में संभावना है कि अगस्त से गर्भगृह आकार लेना शुरू हो जाएगा।
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पहले चरण में राममंदिर की 50 फीट गहरी नींव के ऊपर डेढ़ मीटर ऊंची रॉफ्ट ढालने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके बाद राममंदिर के फाउंडेशन (प्लिंथ) का निर्माण शुरू होगा। नींव के ऊपर करीब 20 फीट ऊंची प्लिंथ बनाई जाएगी जो राममंदिर की नींव को मजबूती प्रदान करेगी। प्लिंथ निर्माण में कर्नाटक के ग्रेनाइट पत्थरों का प्रयोग होना है, कुल 20 हजार पत्थरों की आवश्यकता होगी।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह से प्लिंथ का काम शुरू हो जाएगा। इसलिए पत्थरों की लगातार आपूर्ति हो रही है। इसी क्रम में सोमवार को कर्नाटक से 10 ट्रकों में करीब दो हजार पत्थर आए हैं। जिन्हें रामजन्मभूमि परिसर में रखवाया गया है।
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बताया कि ये पत्थर तीन गुणे दो के आकार के हैं। प्लिंथ में पत्थरों के अलग-अलग ब्लाक बनेंगे। कहीं दो गुणे तीन तो कहीं पांच गुणे तीन व कहीं-कहीं 10 फीट के पत्थर के ब्लॉक भी लगाए जाएंगे। बताया कि प्लिंथ का काम पूरा होने में करीब चार से पांच माह लग जाएंगे। प्लिंथ के ऊपर ही गर्भगृह आकार लेगा, ऐसे में संभावना है कि अगस्त से गर्भगृह आकार लेना शुरू हो जाएगा।