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साकेत भवन मंदिर के महंत ने जताया जान का खतरा
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अयोध्या। साकेत भवन मंदिर का विवाद गहराता जा रहा है। मंदिर के महंत सीताराम दास व उनके गुरु 100 वर्षीय महंत त्रिभुवन दास ने अपनी जान का खतरा जताते हुए मुख्यमंत्री सहित एसएसपी अयोध्या को शिकायती पत्र भेजकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। विगत दिनों साकेत भवन मंदिर पर अवैध कब्जे का प्रयास किया गया था।
मंदिर के महंत सीताराम दास ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद वह अयोध्या के संतों के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें अयोध्या के मंदिरों में बढ़ रहे अवैध कब्जे के खेल की जानकारी भी देंगे।
महंत त्रिभुवन दास ने बताया कि विगत दिनों रामदास शिष्य राम गोपाल दास निवासी सोना देवी मार्ग वासुदेव घाट अयोध्या ने उस समय कब्जा करने की नीयत से धावा बोला जब महंत सीतारामदास सरयू स्नान करने गए थे। हमलावरों ने मंदिर के अंदर घुसकर महंत सीताराम दास पर हमला कर दिया। महंत सीताराम दास ने पुलिस को फोन किया तो हमलावर मौके से भाग गए।
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इस मामले में पुलिस से आरोपियों के विरूद्घ मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है। रामदास व उनके लोगों द्वारा लगातार जान माल की धमकी देते हुए मंदिर को खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। महंत त्रिभुवन दास ने बताया कि उन्होंने 4 नवंबर 2017 को साधु-संतों की उपस्थिति में वैरागी रीति-रिवाज से कंठी-चादर भेंट कर सीतारामदास को महंत बना दिया था।
उत्तराधिकारी महंत सीताराम दास ने विरोधियों से अपनी तथा अपने गुरुदेव की जान को खतरा बताते हुए जिला प्रशासन से सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सहित एसएसपी को पत्र भेजकर जानमाल के रक्षा की गुहार लगाई है। महंत सीताराम दास ने बताया कि जैसे ही लॉकडाउन खत्म होगा वे संतों के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
कोतवाली प्रभारी सुरेश पांडेय ने बताया कि साकेत भवन मंदिर पर विपक्षियों द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया गया था। सभी आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में पहले की मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। मामले की जांच की जा रही है, उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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मंदिर के महंत सीताराम दास ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद वह अयोध्या के संतों के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें अयोध्या के मंदिरों में बढ़ रहे अवैध कब्जे के खेल की जानकारी भी देंगे।
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महंत त्रिभुवन दास ने बताया कि विगत दिनों रामदास शिष्य राम गोपाल दास निवासी सोना देवी मार्ग वासुदेव घाट अयोध्या ने उस समय कब्जा करने की नीयत से धावा बोला जब महंत सीतारामदास सरयू स्नान करने गए थे। हमलावरों ने मंदिर के अंदर घुसकर महंत सीताराम दास पर हमला कर दिया। महंत सीताराम दास ने पुलिस को फोन किया तो हमलावर मौके से भाग गए।
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इस मामले में पुलिस से आरोपियों के विरूद्घ मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है। रामदास व उनके लोगों द्वारा लगातार जान माल की धमकी देते हुए मंदिर को खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। महंत त्रिभुवन दास ने बताया कि उन्होंने 4 नवंबर 2017 को साधु-संतों की उपस्थिति में वैरागी रीति-रिवाज से कंठी-चादर भेंट कर सीतारामदास को महंत बना दिया था।
उत्तराधिकारी महंत सीताराम दास ने विरोधियों से अपनी तथा अपने गुरुदेव की जान को खतरा बताते हुए जिला प्रशासन से सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सहित एसएसपी को पत्र भेजकर जानमाल के रक्षा की गुहार लगाई है। महंत सीताराम दास ने बताया कि जैसे ही लॉकडाउन खत्म होगा वे संतों के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
कोतवाली प्रभारी सुरेश पांडेय ने बताया कि साकेत भवन मंदिर पर विपक्षियों द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया गया था। सभी आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में पहले की मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। मामले की जांच की जा रही है, उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।