{"_id":"657decdcb54b43810508f789","slug":"saved-the-life-of-a-middle-aged-man-by-removing-eight-inches-of-rebar-faizabad-news-c-97-1-ayo1005-7208-2023-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: आठ इंच घुसी सरिया निकालकर बचाई अधेड़ की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: आठ इंच घुसी सरिया निकालकर बचाई अधेड़ की जान
Sun, 17 Dec 2023 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 17 Dec 2023 12:00 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या। मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने मलद्वार में आठ इंच घुसी सरिया निकालकर शख्स की जान बचाई है। मरीज के तीमारदारों ने डॉक्टरों के इस प्रयास की सराहना की है।
महाराजगंज थाना क्षेत्र के मोहर्रमपुर अरती निवासी मायाराम (48) का पड़ोसियों से झगड़ा हो गया था। मारपीट के दौरान आरोपियों ने लोहे की सरिया घुसा दी थी। दर्द से कराहते हुए मायाराम को परिजन मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने एक्सरे कराया तो दंग रह गए। दो इंच चौड़े रास्ते से करीब आठ इंच तक सरिया अधेड़ के शरीर में मलत्याग के रास्ते प्रवेश कर गया था। डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की आवश्यकता बताई और मरीज को भर्ती कर लिया।
विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यजीत वर्मा के नेतृत्व में सर्जन डॉ. महेश चंद्र पांडेय की टीम ने मरीज का करीब आधे घंटे तक ऑपरेशन करके सरिया बाहर निकाला। दर्द से छटपटा रहे मरीज को राहत पहुंचाई। विभागाध्यक्ष ने बताया कि मरीज अब खतरे से बाहर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महाराजगंज थाना क्षेत्र के मोहर्रमपुर अरती निवासी मायाराम (48) का पड़ोसियों से झगड़ा हो गया था। मारपीट के दौरान आरोपियों ने लोहे की सरिया घुसा दी थी। दर्द से कराहते हुए मायाराम को परिजन मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने एक्सरे कराया तो दंग रह गए। दो इंच चौड़े रास्ते से करीब आठ इंच तक सरिया अधेड़ के शरीर में मलत्याग के रास्ते प्रवेश कर गया था। डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की आवश्यकता बताई और मरीज को भर्ती कर लिया।
विज्ञापन
विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यजीत वर्मा के नेतृत्व में सर्जन डॉ. महेश चंद्र पांडेय की टीम ने मरीज का करीब आधे घंटे तक ऑपरेशन करके सरिया बाहर निकाला। दर्द से छटपटा रहे मरीज को राहत पहुंचाई। विभागाध्यक्ष ने बताया कि मरीज अब खतरे से बाहर है।
विज्ञापन