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खतरे के निशान से 53 सेमी ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर
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अयोध्या। सरयू ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी लाल निशान से 53 सेमी. ऊपर बह रही है। जलस्तर में हर घंटे एक सेमी. की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गयी है, लोग पलायन कर रहे हैं।
सरयू का जलस्तर मंगलवार शाम पांच बजे 93.26 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जो कि खतरे के निशान 92.73 मीटर से 53 सेमी ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक पहाड़ों में हो रही बारिश व बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू उफान पर है।
पूराबाजार क्षेत्र के मदरहिया, मड़ना गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। मड़ना के प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश यादव ने बताया कि पानी में डूबने से फसलें सड़ रही हैं। कटान से खड़ी फसल खेत सहित नदी में समा जा रही है।
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बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में रास्तों पर पानी भर गया है जिससे आने जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह गया है। मूड़ाडीहा, उरदहवा, पिपरी संग्राम सहित अन्य बाढ़ पीड़ित गांव में सैकड़ों लोगों के घर फूस के बने हैं जिसमें पानी भर गया है।
एसडीएम सदर ज्योति सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तमसा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से तहसील क्षेत्र के परुवा, सराय भनौली, सोनवर्षा माफी, बड़गोड़ा, पुहपी, रुसिया माफी, सूरा सराय, जलालपुर माफी, जैनपुर, भावापुर, श्याम का पुरवा, तारडीह, गयासपुर सहित करीब दो दर्जन गांव के किसानों की फसल प्रभावित हुई है।
पानी में धान और गन्ने की फसल डूब कर नष्ट हो जाने से लाखों का नुकसान हुआ है। सूरा सराय गांव के रहने वाले बीडीसी दिग्विजय तिवारी ने बताया धान के खेतों में करीब दो फीट तक पानी भरा हुआ है।
बताया कि कई वर्षों बाद तमसा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सूरा सराय गांव के अंकुर मिश्रा, नीलमणि तिवारी, वीरेंद्र निषाद, राजित राम चौहान ,सोमनाथ चौहान ,कृष्णा प्रसाद चौहान आदि किसानों की खेतों में बोई धान की फसल जलमग्न होने से पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।
तारडीह गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य हरिश्चंद्र निषाद एवं बड़गोड़ा निवासी प्रधान संदीप सिंह, पुहपी गांव के प्रधान मेवा लाल चौहान ने बताया कि किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
बढ़ते जलस्तर से मूड़ाडीहा, गैलेंट, पिपरी संग्राम ,धनी का पुरवा ,माझा मडना, माझा रामपुर पुवारी बाढ़ की जद में आ गए हैं। रदहावा निवासी धनराज यादव ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण ना होने से बीमार पड़ रहे हैं।
पानी भर जाने से हरा चारा नष्ट हो गया है, जिससे चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। प्राथमिक विद्यालय मुडाडीहा के प्रांगण में पानी भर गया है। यहां तैनात शिक्षक सरोजनी सिंह ने बताया कि पानी में डूबने के डर से कम बच्चे स्कूल आ रहे हैं। वही अमरजीत यादव के घर में पानी घुस गया वह अपना सामान हटा हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं।
बाढ़ की स्थिति पर हर घंटे नजर रखी जा रही है। रौनाही तटबंध व बिल्वहरिघाट तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। कुछ गांवों में रास्ते तक पानी पहुंच गया है। वहां नावें लगा दी गई हैं। आबादी अभी बाढ़ से सुरक्षित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मानीटरिंग के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो हर घंटे की रिपोर्ट दे रहे हैं। बाढ़ से निपटने के हमारे सारे इंतजाम पूरे हैं।- जीएल शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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सरयू का जलस्तर मंगलवार शाम पांच बजे 93.26 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जो कि खतरे के निशान 92.73 मीटर से 53 सेमी ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक पहाड़ों में हो रही बारिश व बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू उफान पर है।
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पूराबाजार क्षेत्र के मदरहिया, मड़ना गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। मड़ना के प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश यादव ने बताया कि पानी में डूबने से फसलें सड़ रही हैं। कटान से खड़ी फसल खेत सहित नदी में समा जा रही है।
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बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में रास्तों पर पानी भर गया है जिससे आने जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह गया है। मूड़ाडीहा, उरदहवा, पिपरी संग्राम सहित अन्य बाढ़ पीड़ित गांव में सैकड़ों लोगों के घर फूस के बने हैं जिसमें पानी भर गया है।
एसडीएम सदर ज्योति सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तमसा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से तहसील क्षेत्र के परुवा, सराय भनौली, सोनवर्षा माफी, बड़गोड़ा, पुहपी, रुसिया माफी, सूरा सराय, जलालपुर माफी, जैनपुर, भावापुर, श्याम का पुरवा, तारडीह, गयासपुर सहित करीब दो दर्जन गांव के किसानों की फसल प्रभावित हुई है।
पानी में धान और गन्ने की फसल डूब कर नष्ट हो जाने से लाखों का नुकसान हुआ है। सूरा सराय गांव के रहने वाले बीडीसी दिग्विजय तिवारी ने बताया धान के खेतों में करीब दो फीट तक पानी भरा हुआ है।
बताया कि कई वर्षों बाद तमसा नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सूरा सराय गांव के अंकुर मिश्रा, नीलमणि तिवारी, वीरेंद्र निषाद, राजित राम चौहान ,सोमनाथ चौहान ,कृष्णा प्रसाद चौहान आदि किसानों की खेतों में बोई धान की फसल जलमग्न होने से पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।
तारडीह गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य हरिश्चंद्र निषाद एवं बड़गोड़ा निवासी प्रधान संदीप सिंह, पुहपी गांव के प्रधान मेवा लाल चौहान ने बताया कि किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
बढ़ते जलस्तर से मूड़ाडीहा, गैलेंट, पिपरी संग्राम ,धनी का पुरवा ,माझा मडना, माझा रामपुर पुवारी बाढ़ की जद में आ गए हैं। रदहावा निवासी धनराज यादव ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण ना होने से बीमार पड़ रहे हैं।
पानी भर जाने से हरा चारा नष्ट हो गया है, जिससे चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। प्राथमिक विद्यालय मुडाडीहा के प्रांगण में पानी भर गया है। यहां तैनात शिक्षक सरोजनी सिंह ने बताया कि पानी में डूबने के डर से कम बच्चे स्कूल आ रहे हैं। वही अमरजीत यादव के घर में पानी घुस गया वह अपना सामान हटा हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं।
बाढ़ की स्थिति पर हर घंटे नजर रखी जा रही है। रौनाही तटबंध व बिल्वहरिघाट तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। कुछ गांवों में रास्ते तक पानी पहुंच गया है। वहां नावें लगा दी गई हैं। आबादी अभी बाढ़ से सुरक्षित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मानीटरिंग के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो हर घंटे की रिपोर्ट दे रहे हैं। बाढ़ से निपटने के हमारे सारे इंतजाम पूरे हैं।- जीएल शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व