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फिर उफनाई सरयू, लाल निशान पार
अमर उजाला ब्यूरो/अयोध्या
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:01 PM IST
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शुजागंज में कटान के मुहान पर झोपड़पट्टी।
- फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल से आए पानी से सरयू फिर से उफान पर हैं। बुधवार को दिन में खतरे के निशान से नीचे गया जलस्तर रात में फिर लाल निशान पार कर गया। गुरुवार को सरयू खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
नदी में आई बाढ़ से कछार के क्षेत्रों में पानी घुसने से हलचल बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने व थमने के तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्राखजुरी बंधे पर कटान का खतरा भी गंभीर हो गया है। प्रशासनिक स्तर पर नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सक्रियता बढ़ा दी गई है।
राजस्व कर्मियों की टीम प्रभावित इलाकों में कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है। बीते हफ्ते से लाल निशान पार करने के बाद तेजी से नदी बढ़ रही थी लेकिन कुछ दिनों से हो रही गिरावट के बाद नदी बुधवार को खतरे के निशान से नीचे चली गई।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, बुधवार शाम छह बजे से नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी और रात लगभग नौ बजे खतरे के निशान 92.730 को पार कर जलस्तर एक सेंटीमीटर ऊपर चला गया।
बताया कि जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए गुरुवार की शाम पांच बजे 92.910 मीटर तक पहुंच गया है। आधे सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर शुक्रवार को 93.100 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। सरयू में तेजी से बढ़ता जलस्तर तटीय इलाकों को अपने आगोश में समेटने लगा है।
तेजी से बढ़ते बाढ़ से कछार के दर्जन भर से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं। शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू में बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ के खतरे से भयभीत हो लोग घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा जैसे गांवों के मुहाने पर नदी का पानी घुस गया है लेकिन आबादी के इलाके के करीब पहुंच रहे पानी से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी करने लगे हैं।
कटान के बढ़ते खतरे के मद्देनजर अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ाने के साथ तटीय इलाकों में राजस्व कर्मियों की टीम कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है। रुदौली तहसील के तटीय क्षेत्र के मंहगूं का पुरवा, नूरगंज में बाढ़ से घिरे हैं।
इस बाबत एसडीएम सदर दीपा अग्रवाल का कहना है कि सरयू के जलस्तर में हो रही वृद्धि पर प्रशासन की नजर है। लेखपाल समेत तहसीलदार तक लोगों की समस्याओं को लेकर सतर्क हैं। पर्याप्त नावें व राहत के इंतजाम किए गए हैं। अभी पलायन की स्थिति नहीं आई है।
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नदी में आई बाढ़ से कछार के क्षेत्रों में पानी घुसने से हलचल बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने व थमने के तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्राखजुरी बंधे पर कटान का खतरा भी गंभीर हो गया है। प्रशासनिक स्तर पर नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सक्रियता बढ़ा दी गई है।
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राजस्व कर्मियों की टीम प्रभावित इलाकों में कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है। बीते हफ्ते से लाल निशान पार करने के बाद तेजी से नदी बढ़ रही थी लेकिन कुछ दिनों से हो रही गिरावट के बाद नदी बुधवार को खतरे के निशान से नीचे चली गई।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, बुधवार शाम छह बजे से नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी और रात लगभग नौ बजे खतरे के निशान 92.730 को पार कर जलस्तर एक सेंटीमीटर ऊपर चला गया।
बताया कि जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए गुरुवार की शाम पांच बजे 92.910 मीटर तक पहुंच गया है। आधे सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर शुक्रवार को 93.100 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। सरयू में तेजी से बढ़ता जलस्तर तटीय इलाकों को अपने आगोश में समेटने लगा है।
तेजी से बढ़ते बाढ़ से कछार के दर्जन भर से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं। शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू में बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ के खतरे से भयभीत हो लोग घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा जैसे गांवों के मुहाने पर नदी का पानी घुस गया है लेकिन आबादी के इलाके के करीब पहुंच रहे पानी से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी करने लगे हैं।
कटान के बढ़ते खतरे के मद्देनजर अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ाने के साथ तटीय इलाकों में राजस्व कर्मियों की टीम कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है। रुदौली तहसील के तटीय क्षेत्र के मंहगूं का पुरवा, नूरगंज में बाढ़ से घिरे हैं।
इस बाबत एसडीएम सदर दीपा अग्रवाल का कहना है कि सरयू के जलस्तर में हो रही वृद्धि पर प्रशासन की नजर है। लेखपाल समेत तहसीलदार तक लोगों की समस्याओं को लेकर सतर्क हैं। पर्याप्त नावें व राहत के इंतजाम किए गए हैं। अभी पलायन की स्थिति नहीं आई है।