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Ayodhya News: बदलेगा अयोध्या का रंग-रूप, एक जैसे दिखेंगे भवन
Fri, 25 Aug 2023 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 25 Aug 2023 12:07 AM IST
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अयोध्या। आने वाले दिनों में अयोध्या का रंग-रुप बदला दिखेगा। श्रीराम जन्मभूमि को जोड़ने वाले रामपथ के भवनों का रंग-रुप तो एक जैसा होगा ही, रा नगरी के अन्य मार्गों के किनारे के भवनों और मंदिर जोन-दो में धार्मिक भवनों को छोड़कर अन्य प्रस्तावित भवनों की ऊंचाई भी तय कर दी गई है। यह व्यवस्था अयोध्या विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2031 के तहत की गई है।
बता दें कि एडीए के मास्टर प्लान की शासन से दिसंबर 2022 में कुछ शर्तों के साथ मंजूरी मिली थी। इसमें समान भवन संहिता के साथ कुछ अन्य शर्तें शामिल थी। बाद में एडीए ने इसके लिए समान भवन संहिता (काॅमन बिल्डिंग कोड) तैयार किया था। इसे फसाड व्यवस्था के रूप में लागू किया गया है। बताया गया कि यह पूरे शहर के लिए लागू किया गया है जिसमें भवनों के रंग-रूप एक जैसे किए जाना शामिल है। इसके लिए एडीए ने सरकारी इमारत, धार्मिक स्थलों, स्कूल-काॅलेज, दुकान और मकान के लिए फसाड जारी किया था।
रामपथ के चौड़ीकरण के लिए तोड़े जाने वाले भवनों के पुन: निर्माण के दौरान प्रयोग के लिए भवन स्वामियों को प्रेरित किया गया था। जगह-जगह आम लोगों और भवन स्वामियों को देखने के लिए बोर्ड लगाए गए थे। कई भवन स्वामियों ने इस पर काम भी शुरु कराया। रामपथ पर गुदड़ी बाजार के आगे कई भवनों का मुखड़ा इसी अनुरूप दिखने भी लगा है। हालांकि अभी इसका रंगरोगन नहीं किया गया है लेकिन खिड़की-दरवाजे प्रस्तावित फसाड के अनुरुप दिखाई पड़ते हैं। इसके साथ निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर के टेंपल जोन-दो में मंदिरों को छोड़ अन्य भवनों की ऊंचाई भी तय की गई है।
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फसाड (भवन के मुखड़े का रंग-रुप एक जैसा) को श्रीराम जन्मभूमि को जोड़ने वाले अन्य प्रमुख पथों के साथ ही शहर के अन्य स्थानों के लिए भी लागू किया गया था। हालांकि पहले चरण में काम राम पथ सहित अन्य पथों के भवन पर शुरू कराया गया है। एडीए के अफसर भी कामन बिल्डिंग कोड लागू होने के मद्देनजर फसाड के लिए भवनों मालिकों को प्रेरित करने की बात कहते हैं।
वैदिक शास्त्र के अनुसार संवारा जाएगा
प्रदेश सरकार ने रामपथ (सहादतगंज से नया घाट) 12.940 किमी. के भवनों का फ्रंट आकर्षक बनाए जाने की व्यवस्था की है। वैदिक वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन्हें संवारा जाएगा। जिससे इस पर चलने वाले श्रद्धालुओं को श्रीराम के युग की अयोध्या का अहसास हो। यह कार्य धर्मार्थ कार्य विभाग करेगा। प्रदेश सरकार ने इसके पुनरीक्षित बजट 845 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अफसरों का कहना है कि शासन के निर्देश के अनुसार कार्य कराए जाएंगे।
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बता दें कि एडीए के मास्टर प्लान की शासन से दिसंबर 2022 में कुछ शर्तों के साथ मंजूरी मिली थी। इसमें समान भवन संहिता के साथ कुछ अन्य शर्तें शामिल थी। बाद में एडीए ने इसके लिए समान भवन संहिता (काॅमन बिल्डिंग कोड) तैयार किया था। इसे फसाड व्यवस्था के रूप में लागू किया गया है। बताया गया कि यह पूरे शहर के लिए लागू किया गया है जिसमें भवनों के रंग-रूप एक जैसे किए जाना शामिल है। इसके लिए एडीए ने सरकारी इमारत, धार्मिक स्थलों, स्कूल-काॅलेज, दुकान और मकान के लिए फसाड जारी किया था।
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रामपथ के चौड़ीकरण के लिए तोड़े जाने वाले भवनों के पुन: निर्माण के दौरान प्रयोग के लिए भवन स्वामियों को प्रेरित किया गया था। जगह-जगह आम लोगों और भवन स्वामियों को देखने के लिए बोर्ड लगाए गए थे। कई भवन स्वामियों ने इस पर काम भी शुरु कराया। रामपथ पर गुदड़ी बाजार के आगे कई भवनों का मुखड़ा इसी अनुरूप दिखने भी लगा है। हालांकि अभी इसका रंगरोगन नहीं किया गया है लेकिन खिड़की-दरवाजे प्रस्तावित फसाड के अनुरुप दिखाई पड़ते हैं। इसके साथ निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर के टेंपल जोन-दो में मंदिरों को छोड़ अन्य भवनों की ऊंचाई भी तय की गई है।
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फसाड (भवन के मुखड़े का रंग-रुप एक जैसा) को श्रीराम जन्मभूमि को जोड़ने वाले अन्य प्रमुख पथों के साथ ही शहर के अन्य स्थानों के लिए भी लागू किया गया था। हालांकि पहले चरण में काम राम पथ सहित अन्य पथों के भवन पर शुरू कराया गया है। एडीए के अफसर भी कामन बिल्डिंग कोड लागू होने के मद्देनजर फसाड के लिए भवनों मालिकों को प्रेरित करने की बात कहते हैं।
वैदिक शास्त्र के अनुसार संवारा जाएगा
प्रदेश सरकार ने रामपथ (सहादतगंज से नया घाट) 12.940 किमी. के भवनों का फ्रंट आकर्षक बनाए जाने की व्यवस्था की है। वैदिक वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन्हें संवारा जाएगा। जिससे इस पर चलने वाले श्रद्धालुओं को श्रीराम के युग की अयोध्या का अहसास हो। यह कार्य धर्मार्थ कार्य विभाग करेगा। प्रदेश सरकार ने इसके पुनरीक्षित बजट 845 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अफसरों का कहना है कि शासन के निर्देश के अनुसार कार्य कराए जाएंगे।