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Ayodhya News: प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करेंगे रामलला
Mon, 25 Dec 2023 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 25 Dec 2023 12:12 AM IST
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अयोध्या। प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को रामलला पीले रंग के वस्त्र धारण करेंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामलला और भाइयों व हनुमान जी के लिए नए वस्त्र तैयार करवाए जा रहे हैं। ये वस्त्र अयोध्या के प्रमोदवन निवासी शंकर लाल बना रहे हैं। शंकर लाल का परिवार तीन पीढि़यों से रामलला के लिए वस्त्र बनाता आ रहा है।
शंकर लाल ने बताया कि वर्ष 1985 से उनका परिवार रामलला के लिए वस्त्र सिल रहा है। तब राममंदिर के तत्कालीन पुजारी लालदास थे। उनके माध्यम से पिता बाबू लाल ने दो मशीनें लीं। रामजन्मभूमि परिसर के पास ही पिता जी व बड़े भाई भगवत प्रसाद कपड़े सिलते थे। पिता कपड़ा काटते थे व भाई सिलाई करते थे। यह सिलसिला वर्ष 1992 तक चलता रहा। बाबरी विध्वंस के बाद वहां से दुकान हटानी पड़ी। फिर प्रमोदनवन में दुकान खोली। ढांचा गिरने के बाद प्रभु टेंट में आ गए। तब भी पिता जी उनके लिए कपड़े सिलते थे। वर्ष 1994 में पिता का स्वर्गवास हो गया। इसके बाद शंकर लाल भी भाई भगवत प्रसाद के साथ सिलाई के काम में लग गए।
शंकर लाल ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 51 इंच की मूर्ति बन रही है। बड़े भाई को ट्रस्ट ने बुलाया था। अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला व 51 इंच के रामलला के लिए हम वस्त्र तैयार कर रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा सोमवार के दिन होनी है। इस दिन रामलला को सफेद वस्त्र धारण कराया जाता है, लेकिन 22 जनवरी को शुभ दिन है। इसलिए शुभ काज में पीतांबरी ओढ़ाने का विधान है। इसलिए पीले रंग के वस्त्र बनाए जा रहे हैं।
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दिन के अनुसार वस्त्र धारण करते हैं रामलला
रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि रामलला को दिन के अनुसार वस्त्र धारण कराए जाते हैं। रविवार को गुलाबी, सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को क्रीम कलर और शनिवार को नीले रंग का वस्त्र धारण करते हैं।
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शंकर लाल ने बताया कि वर्ष 1985 से उनका परिवार रामलला के लिए वस्त्र सिल रहा है। तब राममंदिर के तत्कालीन पुजारी लालदास थे। उनके माध्यम से पिता बाबू लाल ने दो मशीनें लीं। रामजन्मभूमि परिसर के पास ही पिता जी व बड़े भाई भगवत प्रसाद कपड़े सिलते थे। पिता कपड़ा काटते थे व भाई सिलाई करते थे। यह सिलसिला वर्ष 1992 तक चलता रहा। बाबरी विध्वंस के बाद वहां से दुकान हटानी पड़ी। फिर प्रमोदनवन में दुकान खोली। ढांचा गिरने के बाद प्रभु टेंट में आ गए। तब भी पिता जी उनके लिए कपड़े सिलते थे। वर्ष 1994 में पिता का स्वर्गवास हो गया। इसके बाद शंकर लाल भी भाई भगवत प्रसाद के साथ सिलाई के काम में लग गए।
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शंकर लाल ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 51 इंच की मूर्ति बन रही है। बड़े भाई को ट्रस्ट ने बुलाया था। अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला व 51 इंच के रामलला के लिए हम वस्त्र तैयार कर रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा सोमवार के दिन होनी है। इस दिन रामलला को सफेद वस्त्र धारण कराया जाता है, लेकिन 22 जनवरी को शुभ दिन है। इसलिए शुभ काज में पीतांबरी ओढ़ाने का विधान है। इसलिए पीले रंग के वस्त्र बनाए जा रहे हैं।
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दिन के अनुसार वस्त्र धारण करते हैं रामलला
रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि रामलला को दिन के अनुसार वस्त्र धारण कराए जाते हैं। रविवार को गुलाबी, सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को क्रीम कलर और शनिवार को नीले रंग का वस्त्र धारण करते हैं।