फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ram temple workshop started again after eight years

आठ साल बाद फिर शुरू हुई राममंदिर की कार्यशाला

Fri, 03 Sep 2021 12:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 12:47 AM IST
विज्ञापन
Ram temple workshop started again after eight years
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से आठ साल बाद बृहस्पतिवार से राममंदिर की कार्यशाला प्रारंभ हो गई। 2013 से बंद पड़ी कार्यशाला में फिर से ठक-ठक की आवाज गूंजने लगी है।
विज्ञापन

राजस्थान से आए कारीगरों ने पूजन-अर्चन के बाद पत्थरों की तराशी का काम प्रारंभ कर दिया। राममंदिर निर्माण में कुल चार लाख घनफीट पत्थर लगने हैं, अभी महज 50 हजार घनफीट ही तैयार हैं।
विज्ञापन

ट्रस्ट ने दिसंबर 2023 तक भव्य गर्भगृह में भक्तों को रामलला का दर्शन हो, ऐसा लक्ष्य तय किया है। 1989 में रामघाट पर महंत रामचंद्र दास परमहंस व अशोक सिंहल के निर्देशन में रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला का शुभारंभ करीब 50 कारीगरों के साथ हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह कार्यशाला 24 सालों तक निरंतर संचालित होती रही। 2013 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने पत्थरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी। जिसके चलते कार्यशाला बंद हो गई।
इसके बाद 2017 में प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ की सरकार आई तो एक बार फिर से पत्थरों की आपूर्ति में तेजी आई, हालांकि कारीगरों के अभाव में कार्यशाला बंद ही रही।
इसी बीच 09 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से राममंदिर के हक में फैसला आ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 05 अगस्त 2020 को अयोध्या पहुंचकर रामजन्मभूमि में मंदिर निर्माण के कार्य शुरू करने के लिए भूमिपूजन किया तो पूरे देश में खुशी छा गई।
राममंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुए एक साल बीत गए हैं। नींव निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब मंदिर के प्लिंथ का निर्माण शुरू होगा। इसके बाद पत्थरों को लगाने का काम प्रारंभ हो जाएगा।
ऐसे में ट्रस्ट ने भी काम की गति बढ़ा दी है। दो दिन पूर्व राजस्थान से पहुंचे आठ कारीगरों के दल ने गुरुवार से रामघाट स्थित कार्यशाला में पत्थरों की तराशी शुरू कर दी तो करीब एक दशक बाद कार्यशाला में फिर से ठक-ठक की आवाज गूंजने लगी।
रामसेवकपुरम में रखे गए पत्थरों को रामघाट स्थित कार्यशाला में शिफ्ट किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राममंदिर निर्माण के लिए अयोध्या के साथ-साथ राजस्थान में भी पत्थरों की तराशी शुरू की जाएगी।
प्लिंथ बनने के बाद भूतल में पत्थर लगाने का काम शुरू होगा। भूतल के पत्थर तराशे कर रखे गए हैं। बताया कि करीब आठ वर्षों से यहां डंप पत्थरों को अभी तराशने का काम किया जाएगा। चार लाख घनफीट पत्थरों से मंदिर का निर्माण होगा।
50 हजार घनफीट पत्थर ही अभी तैयार हैं। बताया कि रामसेवकपुरम में अभी इतने पत्थर हैं कि उन्हें तराशने में करीब दो माह लग जाएंगे। बाकी पत्थर राजस्थान से ही तराश कर लाए जाएंगे।
वहां भी कार्यशाला शुरू की जाएगी। बताया कि अभी राजस्थान की खदान प्रारंभ नही हुई है। जब तक खदान शुरू होगी तब तक अयोध्या में रखे पत्थरों को तराश कर नक्काशी की जाएगी।

मुख्य मंदिर की संरचना
कुल निर्मित क्षेत्र 57400 स्कवायर फीट
मंदिर की कुल लंबाई 360 फीट
मंदिर की कुल चौड़ाई 235 फीट
शिखर सहित मंदिर की कुल ऊंचाई 161 फीट
कुछ तलों की संख्या 03
प्रत्येक तल की ऊंचाई 20 फीट
मंदिर के भूतल में स्तंभों की संख्या 160
मंदिर के प्रथम तल में स्तंभों की संख्या 132
मंदिर के दूसरे तल में स्तंभों की संख्या 74
मंदिर में शिखर एवं मंडपों की संख्या 05
मंदिर में द्वारों की संख्या 12

अयोध्या-रामसेवकपुरम में नक्काशी के लिए पत्थरों को व्यवस्थित करते कारीगर

अयोध्या-रामसेवकपुरम में नक्काशी के लिए पत्थरों को व्यवस्थित करते कारीगर- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-रामसेवकपुरम में नक्काशी करते कारीगर।

अयोध्या-रामसेवकपुरम में नक्काशी करते कारीगर।- फोटो : FAIZABAD

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed