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यात्री सुविधाओं सहित 18 एकड़ में होगा राममंदिर
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अयोध्या। रामजन्म भूमि परिसर में राममंदिर निर्माण का काम जोरों पर हैं। मंदिर के नींव के तीसरे चरण में अभी 20 फीट ऊंची प्लिंथ का निर्माण कार्य चल रहा है। यह काम जून माह तक पूरा हो जाने की संभावना है।
इसके बाद राममंदिर का गर्भगृह आकार लेना शुरू करेगा। ट्रस्ट ने राममंदिर निर्माण का जो खाका तैयार किया है उसके तहत राममंदिर यात्री सुविधाओं सहित कुल 18 एकड़ में अयोध्या की भव्यता बढ़ाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के समानांतर ही भक्तों के लिए सुविधाएं भी विकसित करने की तैयारी की है। रामजन्मभूमि के 70 एकड़ के परिसर में राममंदिर यात्री सुविधाओं सहित कुल 18 एकड़ में होगा।
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ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण जो मास्टर प्लान तैयार किया है उसके तहत 2.77 एकड़ में मुख्य मंदिर का निर्माण होगा। रामायण की थीम पर आधारित छह एकड़ में राममंदिर का परकोटा बनाया जाएगा।
जो राममंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त नौ एकड़ में भक्तों के लिए सुविधाएं व अन्य प्रकल्प विकसित किए जाने की योजना है। राममंदिर निर्माण में कुल 17 लाख घन फीट पत्थर लगेंगे।
इसमें प्लिंथ में ग्रेनाइट व मंदिर में वंशीपहाड़पुर के पत्थर लगेंगे। मंदिर की चौखट मकराना की होगी। मंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों के लिए सुविधाएं भी विकसित करने का काम ट्रस्ट शीघ्र शुरू करने जा रहा है।
मंदिर परिसर में जूूता-चप्पल निकालने के लिए आटोमेटिक मशीन लगेगी। साथ ही श्रद्धालुओं के सामान रखने के लिए अमानतीघर का भी निर्माण कराया जाएगा।
अभी रामजन्मभूमि परिसर से सटे अमांवा मंदिर में दो सौ अमानतीघर बनाए जा रहे हैं। ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के बाद भक्तों की आने वाले संख्या के आधार पर सुविधाएं विकसित करने की तैयारी की हैं।
मंदिर परिसर में बहुत जल्द ही गौशाला, रसोईघर, यात्री निवास, म्यूजियम का भी निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। रामजन्म भूमि दर्शन मार्ग पर रामनवमी से पहले एलईडी लगाने की भी तैयारी है।
रामलला के दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए नया रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग का भी निर्माण कार्य चल रहा है। सुग्रीव किला से सीधे राममंदिर तक 80 फीट चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है।
पुराने बस अड्डे का अधिग्रहण सहित कुछ अन्य स्थानों का अधिग्रहण करने के बाद यह रास्ता तैयार हो रहा है। इस रास्ते का संचालन बहुत ही शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
पुराने बस अड्डे से सीधे रामजन्मभूमि तक करीब 900 मीटर लंबा मार्ग के निर्माण का काम अंतिम चरण में हैं। यह मार्ग बनने से भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा।
रामकोट वार्ड के पार्षद रमेश दास ने कहा कि इस मार्ग पर ट्रस्ट द्वारा भक्तों के लिए सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस मार्ग का निर्माण भक्तिपथ के नाम से प्रस्तावित है।
जून से गर्भगृह आकार लेना प्रारंभ कर देगा। अभी प्लिंथ का निर्माण हो रहा है। यात्री सुविधाओं सहित 18 एकड़ में मंदिर का क्षेत्रफल होगा। भक्तों की भीड़ बढ़ रही है इसलिए भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम भी शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। 80 फीट चौड़े नए दर्शनमार्ग निर्माण का काम भी पूरा होने को है।- चंपत राय, महासचिव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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इसके बाद राममंदिर का गर्भगृह आकार लेना शुरू करेगा। ट्रस्ट ने राममंदिर निर्माण का जो खाका तैयार किया है उसके तहत राममंदिर यात्री सुविधाओं सहित कुल 18 एकड़ में अयोध्या की भव्यता बढ़ाएगा।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के समानांतर ही भक्तों के लिए सुविधाएं भी विकसित करने की तैयारी की है। रामजन्मभूमि के 70 एकड़ के परिसर में राममंदिर यात्री सुविधाओं सहित कुल 18 एकड़ में होगा।
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ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण जो मास्टर प्लान तैयार किया है उसके तहत 2.77 एकड़ में मुख्य मंदिर का निर्माण होगा। रामायण की थीम पर आधारित छह एकड़ में राममंदिर का परकोटा बनाया जाएगा।
जो राममंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त नौ एकड़ में भक्तों के लिए सुविधाएं व अन्य प्रकल्प विकसित किए जाने की योजना है। राममंदिर निर्माण में कुल 17 लाख घन फीट पत्थर लगेंगे।
इसमें प्लिंथ में ग्रेनाइट व मंदिर में वंशीपहाड़पुर के पत्थर लगेंगे। मंदिर की चौखट मकराना की होगी। मंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों के लिए सुविधाएं भी विकसित करने का काम ट्रस्ट शीघ्र शुरू करने जा रहा है।
मंदिर परिसर में जूूता-चप्पल निकालने के लिए आटोमेटिक मशीन लगेगी। साथ ही श्रद्धालुओं के सामान रखने के लिए अमानतीघर का भी निर्माण कराया जाएगा।
अभी रामजन्मभूमि परिसर से सटे अमांवा मंदिर में दो सौ अमानतीघर बनाए जा रहे हैं। ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के बाद भक्तों की आने वाले संख्या के आधार पर सुविधाएं विकसित करने की तैयारी की हैं।
मंदिर परिसर में बहुत जल्द ही गौशाला, रसोईघर, यात्री निवास, म्यूजियम का भी निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। रामजन्म भूमि दर्शन मार्ग पर रामनवमी से पहले एलईडी लगाने की भी तैयारी है।
रामलला के दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए नया रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग का भी निर्माण कार्य चल रहा है। सुग्रीव किला से सीधे राममंदिर तक 80 फीट चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है।
पुराने बस अड्डे का अधिग्रहण सहित कुछ अन्य स्थानों का अधिग्रहण करने के बाद यह रास्ता तैयार हो रहा है। इस रास्ते का संचालन बहुत ही शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
पुराने बस अड्डे से सीधे रामजन्मभूमि तक करीब 900 मीटर लंबा मार्ग के निर्माण का काम अंतिम चरण में हैं। यह मार्ग बनने से भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा।
रामकोट वार्ड के पार्षद रमेश दास ने कहा कि इस मार्ग पर ट्रस्ट द्वारा भक्तों के लिए सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस मार्ग का निर्माण भक्तिपथ के नाम से प्रस्तावित है।
जून से गर्भगृह आकार लेना प्रारंभ कर देगा। अभी प्लिंथ का निर्माण हो रहा है। यात्री सुविधाओं सहित 18 एकड़ में मंदिर का क्षेत्रफल होगा। भक्तों की भीड़ बढ़ रही है इसलिए भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम भी शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। 80 फीट चौड़े नए दर्शनमार्ग निर्माण का काम भी पूरा होने को है।- चंपत राय, महासचिव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट