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बैंक के बजाय सरकारी प्रतिभूतियों में जमा की जाएगी राम मंदिर की समर्पण निधि
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अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के लिए 44 दिन मकर संक्रांति से रविदास जयंती तक चलाए गए निधि समर्पण अभियान में एकत्र हुई करीब 5500 करोड़ की धनराशि को ट्रस्ट अब सरकारी प्रतिभूतियों में जमा कराने को लेकर विचार कर रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी इसको लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट से राय मशवरा करने में जुटे हैं।
मुम्बई में के संन्यास आश्रम में दो चरणों में हुई राममंदिर ट्रस्ट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर से मिली हजारों करोड़ रुपये की निधि को बैंक में रखने के बजाय सरकार प्रतिभूतियों में जमा कराया जाए, ताकि उस पर उचित ब्याज राशि मिल सके। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में तय हुआ कि जरूरत और दैनिक कामों के लिए जितनी राशि की जरूरत है उसको बैंक में छोड़कर शेष राशि एक साल, दो साल और तीन साल के लिए सरकारी प्रतिभूतियों और सिक्योर्ड बांड में जमा की जाए ताकि इस राशि पर समुचित ब्याज मिल सके।
इसकी कार्ययोजना सीए से पूछ कर की जाएगी। रामजन्मभूमि परिसर के निर्माण कार्यों पर पेपर वर्क भी किया जा रहा है। 15 दिन के अंदर संपूर्ण कार्ययोजना आर्किटेक के द्वारा तैयार की जाएगी। इसके साथ ही 15 जून को अयोध्या में देशभर के प्रमुख वास्तुविदों की एक बैठक 15 जून तक अयोध्या में हो सकती है जिसमें आगे की कार्य योजना पर विचार किया जाएगा।
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बैठक में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय सहित अन्य ट्रस्टियों संग संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, भैया जी जोशी, सप्रे जी, शीतले जी, आनन्द जी राठी और अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए। वहीं राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर निर्माण के लिए अभी ग्राउंड इंप्रूवमेंट का कार्य चल रहा है। 44 लेयर के जरिए राम मंदिर की नींव के लिए खोदे गए 40 फीट गड्ढे को भरने का काम चल रहा है।
अभी तक मात्र पांच लेयर ही तैयार हो चुकी है। छठी लेयर का निर्माण कार्य चल रहा है, इस बीच बेमौसम बारिश के कारण नींव भराई का कार्य काफी हद तक प्रभावित हुआ है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र का कहना है कि बारिश के चलते नींव भराई का काम प्रभावित हो रहा है। बारिश के चलते शुक्रवार को पूरे दिन काम लगभग ठप ही रहा। कहा की दिन-रात काम करते हुए शीघ्र ही नींव भराई का काम पूरा करने का लक्ष्य है। बड़ी-बड़ी मशीनों के जरिए काम हो रहा है मजदूरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।
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मुम्बई में के संन्यास आश्रम में दो चरणों में हुई राममंदिर ट्रस्ट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर से मिली हजारों करोड़ रुपये की निधि को बैंक में रखने के बजाय सरकार प्रतिभूतियों में जमा कराया जाए, ताकि उस पर उचित ब्याज राशि मिल सके। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में तय हुआ कि जरूरत और दैनिक कामों के लिए जितनी राशि की जरूरत है उसको बैंक में छोड़कर शेष राशि एक साल, दो साल और तीन साल के लिए सरकारी प्रतिभूतियों और सिक्योर्ड बांड में जमा की जाए ताकि इस राशि पर समुचित ब्याज मिल सके।
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इसकी कार्ययोजना सीए से पूछ कर की जाएगी। रामजन्मभूमि परिसर के निर्माण कार्यों पर पेपर वर्क भी किया जा रहा है। 15 दिन के अंदर संपूर्ण कार्ययोजना आर्किटेक के द्वारा तैयार की जाएगी। इसके साथ ही 15 जून को अयोध्या में देशभर के प्रमुख वास्तुविदों की एक बैठक 15 जून तक अयोध्या में हो सकती है जिसमें आगे की कार्य योजना पर विचार किया जाएगा।
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बैठक में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय सहित अन्य ट्रस्टियों संग संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, भैया जी जोशी, सप्रे जी, शीतले जी, आनन्द जी राठी और अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए। वहीं राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर निर्माण के लिए अभी ग्राउंड इंप्रूवमेंट का कार्य चल रहा है। 44 लेयर के जरिए राम मंदिर की नींव के लिए खोदे गए 40 फीट गड्ढे को भरने का काम चल रहा है।
अभी तक मात्र पांच लेयर ही तैयार हो चुकी है। छठी लेयर का निर्माण कार्य चल रहा है, इस बीच बेमौसम बारिश के कारण नींव भराई का कार्य काफी हद तक प्रभावित हुआ है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र का कहना है कि बारिश के चलते नींव भराई का काम प्रभावित हो रहा है। बारिश के चलते शुक्रवार को पूरे दिन काम लगभग ठप ही रहा। कहा की दिन-रात काम करते हुए शीघ्र ही नींव भराई का काम पूरा करने का लक्ष्य है। बड़ी-बड़ी मशीनों के जरिए काम हो रहा है मजदूरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।