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360 डिग्री थियेटर में गूंजेगी राम की गाथा
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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भव्य राममंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। 70 एकड़ के परिसर में राममंदिर के अलावा ट्रस्ट ने कई प्रकल्पों के निर्माण की योजना बनाई है।
इसी क्रम में परिसर में ही आधुनिक सुविधाओं से लैस 360 डिग्री थिएटर भी होगा। जहां राम की गाथा गूंजेगी। भक्त विशाल स्क्रीन पर भगवान श्रीराम की लीला के मंचन का आनंद उठा सकेंगे।
इसके अलावा भी परिसर में कई ऐसे प्रकल्पों का निर्माण किया जाएगा जिससे राममंदिर में प्रवेश करते ही त्रेेतायुग का अहसास हो। भव्य राममंदिर निर्माण के लिए नींव भराई का 60 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
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राममंदिर की नींव कुल 44 लेयर में भरी जानी है अब तक 25 लेयर का काम पूरा किया जा चुका है। परकोटा सहित पांच एकड़ में राममंदिर का निर्माण होना है। शेष 65 एकड़ में भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगों से मिली जानकारी के अनुसार रामजन्मभूमि परिसर में धार्मिकता के साथ आधुनिकता का भी समन्वय होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अन्य प्रकल्पों के निर्माण का खाका भी खींच लिया है।
भगवान श्रीराम के साथ, चारों भाईयों, पिता दशरथ, माता कौशल्या, गुरू विश्वामित्र, महर्षि बाल्मीकि, गुरू वशिष्ठ के नाम से भी परिसर में बनने वाले विभिन्न प्रकल्प त्रेतायुग की परिकल्पना को साकार करते प्रतीत होंगे।
360 डिग्री थिएटर का भी निर्माण किया जाएगा। भक्त विशाल स्क्रीन पर रामलीला का मंचन देख सकेंगे। यहां हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी रामलीला का मंचन किया जाएगा ताकि विदेशी भक्तों को भी आकर्षित किया जा सके।
सुबह व शाम 40-40 मिनट रामलीला का मंचन थिएटर में किया जाएगा। हालांकि ट्रस्ट ने अभी इसकी विस्तृत रूपरेखा के बारे में जानकारी नहीं दी है। इसके अलावा राम जन्मभूमि परिसर में कई भाषाओं की रामायण का भी संग्रह होगा।
शोध केंद्र की स्थापना भी होगी ताकि देश-विदेश के युवाओं को राम व रामायण पर शोध करने में आसानी हो। रामनगरी अयोध्या में बन रहे राममंदिर में रामायण कालीन प्रसंगों पर आधारित मूर्तियां भी लगाई जाएंगी।
रामायण के 125 प्रसंगों पर आधारित मूर्तियों का निर्माण रामसेवकपुरम स्थित रामकुंज में चल रहा है। अब तक कुल 40 प्रसंगों का निर्माण किया जाता है। जिसमें रामजन्म से लेकर सीता हरण तक के प्रसंगों की मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं।
इसमें अब रंग भरने का काम किया जा रहा है। वर्ष 2023 में भगवान राम अपने दिव्य भव्य मंदिर में विराजमान होंगे, ऐसी ट्रस्ट की तैयारी है। भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होते ही इन मूर्तियों को भी परिसर में स्थापित किया जाएगा, जो कि रामकथा को जीवंत करती प्रतीत होंगी।
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इसी क्रम में परिसर में ही आधुनिक सुविधाओं से लैस 360 डिग्री थिएटर भी होगा। जहां राम की गाथा गूंजेगी। भक्त विशाल स्क्रीन पर भगवान श्रीराम की लीला के मंचन का आनंद उठा सकेंगे।
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इसके अलावा भी परिसर में कई ऐसे प्रकल्पों का निर्माण किया जाएगा जिससे राममंदिर में प्रवेश करते ही त्रेेतायुग का अहसास हो। भव्य राममंदिर निर्माण के लिए नींव भराई का 60 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
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राममंदिर की नींव कुल 44 लेयर में भरी जानी है अब तक 25 लेयर का काम पूरा किया जा चुका है। परकोटा सहित पांच एकड़ में राममंदिर का निर्माण होना है। शेष 65 एकड़ में भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगों से मिली जानकारी के अनुसार रामजन्मभूमि परिसर में धार्मिकता के साथ आधुनिकता का भी समन्वय होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अन्य प्रकल्पों के निर्माण का खाका भी खींच लिया है।
भगवान श्रीराम के साथ, चारों भाईयों, पिता दशरथ, माता कौशल्या, गुरू विश्वामित्र, महर्षि बाल्मीकि, गुरू वशिष्ठ के नाम से भी परिसर में बनने वाले विभिन्न प्रकल्प त्रेतायुग की परिकल्पना को साकार करते प्रतीत होंगे।
360 डिग्री थिएटर का भी निर्माण किया जाएगा। भक्त विशाल स्क्रीन पर रामलीला का मंचन देख सकेंगे। यहां हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी रामलीला का मंचन किया जाएगा ताकि विदेशी भक्तों को भी आकर्षित किया जा सके।
सुबह व शाम 40-40 मिनट रामलीला का मंचन थिएटर में किया जाएगा। हालांकि ट्रस्ट ने अभी इसकी विस्तृत रूपरेखा के बारे में जानकारी नहीं दी है। इसके अलावा राम जन्मभूमि परिसर में कई भाषाओं की रामायण का भी संग्रह होगा।
शोध केंद्र की स्थापना भी होगी ताकि देश-विदेश के युवाओं को राम व रामायण पर शोध करने में आसानी हो। रामनगरी अयोध्या में बन रहे राममंदिर में रामायण कालीन प्रसंगों पर आधारित मूर्तियां भी लगाई जाएंगी।
रामायण के 125 प्रसंगों पर आधारित मूर्तियों का निर्माण रामसेवकपुरम स्थित रामकुंज में चल रहा है। अब तक कुल 40 प्रसंगों का निर्माण किया जाता है। जिसमें रामजन्म से लेकर सीता हरण तक के प्रसंगों की मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं।
इसमें अब रंग भरने का काम किया जा रहा है। वर्ष 2023 में भगवान राम अपने दिव्य भव्य मंदिर में विराजमान होंगे, ऐसी ट्रस्ट की तैयारी है। भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होते ही इन मूर्तियों को भी परिसर में स्थापित किया जाएगा, जो कि रामकथा को जीवंत करती प्रतीत होंगी।