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यूपी: ब्राह्मणों को रिझाने के लिए बसपा रामलला की शरण में, सतीश मिश्रा बोले-दर्शन-पूजन के लिए भाजपा की अनुमति जरूरी नहीं
Sat, 24 Jul 2021 09:37 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 24 Jul 2021 09:37 AM IST
सार
सतीश मिश्रा ने अपने भाषण के अंत में जय श्रीराम और जय परशुराम कहकर यही संदेश दिया है। यह पहली बार है जब अयोध्या में बसपा ने इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया। इस सम्मेलन के नाम पर बसपा ने हिंदुओं को रिझाने की कोशिश की है।
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सतीश चंद्र को कार्यकर्ताओं ने गदा भेंट किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूपी की सत्ता में वापसी की आस और ब्राह्मण वोटों को रिझाने के लिए बसपा रामलला की शरण में पहुंच गई है। मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद पहली बार बसपा का काफिला शुक्रवार रामजन्मभूमि पहुंचा। राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने रामजन्मभूमि में रामलला का पूजन-अर्चन किया।
हनुमानगढ़ी समेत मां सरयू की पूजा की। फिर देवकाली बाईपास स्थित एक रिसॉर्ट में बसपा के प्रबुद्ध वर्ग की विचार गोष्ठी में पहुंचे। खुद को जनेऊधारी बताते हुए कहा कि अयोध्या व श्रीराम भाजपा की ठेकेदारी नहीं हैं। यहां दर्शन-पूजन करने के लिए हमें उनकी परमिशन की जरूरत नहीं है।
वैसे तो यह ब्राह्मण सम्मेलन था पर इसे प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी नाम देकर एक तरह से चुनावी कर दिया गया। बसपा के बड़े नेताओं का काफिले के जन्मभूमि पहुंचने को ब्राह्मण मत सहेजने का दांव माना जा रहा है। राम की धरती से ब्राह्मण सम्मेलन का आगाज कर बसपा ने यही संदेश देने का प्रयास किया है।
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सतीश मिश्रा ने अपने भाषण के अंत में जय श्रीराम और जय परशुराम कहकर यही संदेश दिया है। यह पहली बार है जब अयोध्या में बसपा ने इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया। इस सम्मेलन के नाम पर बसपा ने हिंदुओं को रिझाने की कोशिश की है।
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हनुमानगढ़ी समेत मां सरयू की पूजा की। फिर देवकाली बाईपास स्थित एक रिसॉर्ट में बसपा के प्रबुद्ध वर्ग की विचार गोष्ठी में पहुंचे। खुद को जनेऊधारी बताते हुए कहा कि अयोध्या व श्रीराम भाजपा की ठेकेदारी नहीं हैं। यहां दर्शन-पूजन करने के लिए हमें उनकी परमिशन की जरूरत नहीं है।
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वैसे तो यह ब्राह्मण सम्मेलन था पर इसे प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी नाम देकर एक तरह से चुनावी कर दिया गया। बसपा के बड़े नेताओं का काफिले के जन्मभूमि पहुंचने को ब्राह्मण मत सहेजने का दांव माना जा रहा है। राम की धरती से ब्राह्मण सम्मेलन का आगाज कर बसपा ने यही संदेश देने का प्रयास किया है।
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सतीश मिश्रा ने अपने भाषण के अंत में जय श्रीराम और जय परशुराम कहकर यही संदेश दिया है। यह पहली बार है जब अयोध्या में बसपा ने इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया। इस सम्मेलन के नाम पर बसपा ने हिंदुओं को रिझाने की कोशिश की है।
खुशी दुबे के बहाने ब्राह्मणों को रिझाने की कोशिश
सतीश मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मणों का उत्पीड़न सबसे ज्यादा भाजपा सरकार में हुआ है। खुशी दुबे के साथ अन्याय हो रहा है, एक दिन की ब्याहता की कानूनी स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी। खुशी दुबे बिकरू कांड में मारे गए अमर दुबे की पत्नी हैं।
दावा- 400 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या
सतीश मिश्रा ने दावा किया कि बीते साढ़े चार साल में प्रदेश में गाड़ी फिसलने व शूटआउट में 400 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या की गई है। उन्नाव कांड व लखनऊ का विवेक तिवारी कांड इसका उदाहरण है। आज प्रदेश में फिल्मी स्टाइल में एनकाउंटर हो रहे हैं। पहले रोको, फिर जात पूछो, उसके बाद ठोंक दो। सरकार बनने पर इन सभी एनकाउंटरों का पूरा हिसाब लिया जाएगा।
सतीश मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मणों का उत्पीड़न सबसे ज्यादा भाजपा सरकार में हुआ है। खुशी दुबे के साथ अन्याय हो रहा है, एक दिन की ब्याहता की कानूनी स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी। खुशी दुबे बिकरू कांड में मारे गए अमर दुबे की पत्नी हैं।
दावा- 400 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या
सतीश मिश्रा ने दावा किया कि बीते साढ़े चार साल में प्रदेश में गाड़ी फिसलने व शूटआउट में 400 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या की गई है। उन्नाव कांड व लखनऊ का विवेक तिवारी कांड इसका उदाहरण है। आज प्रदेश में फिल्मी स्टाइल में एनकाउंटर हो रहे हैं। पहले रोको, फिर जात पूछो, उसके बाद ठोंक दो। सरकार बनने पर इन सभी एनकाउंटरों का पूरा हिसाब लिया जाएगा।