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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Qureshi's book ban government: Hashim Ansari

कुरैशी की किताब पर प्रतिबंध लगाए सरकार : हाशिम अंसारी

Wed, 04 Nov 2015 10:57 PM IST
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो Updated Wed, 04 Nov 2015 10:57 PM IST
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अयोध्या। बाबरी मस्जिद विवाद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी का कहना है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सहायक महासचिव अब्दुल रहीम कुरैशी की किताब ‘ फैक्ट्स ऑफ अयोध्या एपीसोड’ पर केंद्र सरकार को तत्काल प्रतिबंध लगा देना चाहिए। पुस्तक लिखने वाले कुरैशी अयोध्या और राम को नहीं जानते। इस तरह की बातों को किताबों में लिखकर देश में सांप्रदायिक वैमनस्यता फैलाई जा रही है। अयोध्या विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट में है और फैसला अदालत ही करेगी। किसी को राम के जीवनी पर फैसला करने का हक नहीं है।
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बुधवार को मो. हाशिम अंसारी (95) ने अपने आवास पर ‘अमर उजाला’ से कहा कि कुरैशी की किताब में लिखे अयोध्या के ऐतिहासिक व धार्मिक तथ्य विवादित हैं। राम आस्था का विषय हैं। आज राजनीति में लोग राम के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। आजादी के बाद राम की मूर्ति बाबरी मस्जिद में रखकर राजनीतिक दलों ने इसका इस्तेमाल किया।
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वह बोले, मैं अयोध्या में रहता हूं और श्रीराम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद में कोर्ट के सामने अधिवक्ता जफरयाब जिलानी की मौजूदगी में कहा था कि राम के पैदा होने व न होने का कोई सबूत नहीं है। यह बात रामायण में भी इंगित है। कहा कि आजादी के बाद पाकिस्तान बना। इसके पहले वह हिंदुस्तान में था। पाकिस्तान भी हिंदुस्तान है।
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कुरैशी की विवादित किताब में राम की अयोध्या पाकिस्तान में
अब्दुल रहीम कुरैशी की किताब ‘फैक्ट्स ऑफ अयोध्या एपिसोड’ में दावा किया गया है कि भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या भारत में नहीं पाकिस्तान में है। फैजाबाद जिले की अयोध्या का नाम उसका असली नाम नहीं है।

 तर्क दिया कि फैजाबाद के अयोध्या में महज 7वीं शताब्दी ईसा पूर्व में इंसानों ने रहना शुरू किया है, जबकि ऐसा माना जाता है कि राम का जन्म 1.80 करोड़ साल पहले हुआ था। जस्सू राम और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दूसरे पुरातत्वविदों (एएसआई) के शोध पत्रों का हवाला देते हुए इस किताब में दो अयोध्या के बारे में जिक्र है।

एक अयोध्या का निर्माण राजा रघु द्वारा करवाया गया था, जो राम के परदादा थे, जबकि दूसरी अयोध्या का निर्माण राम ने खुद करवाया था। फैजाबाद जिले की अयोध्या को सातवीं सदी बीसी में साकेत के नाम से जाना जाता था।


कुरैशी बाबरी मस्जिद मामले में एआईएमपीएलबी द्वारा गठित समिति के एक प्रमुख सदस्य भी हैं। लेखक का कहना है कि अगर मौजूदा अयोध्या राम का जन्मस्थान है तो इसका जिक्र तुलसीदास की रामायण में होना चाहिए था। तुलसीदास ने अयोध्या में 1574 ई. में रामायण की रचना की थी। 
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