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Ayodhya News: 400 में सिर्फ 40 पैथोलॉजी सेंटर दे रहे रिपोर्ट
Tue, 01 Sep 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:56 PM IST
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अयोध्या। जिले में डेंगू और मलेरिया की वास्तविक स्थिति जानने की स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में है। जिले में 400 से अधिक निजी पैथोलॉजी सेंटर संचालित हैं, लेकिन विभागीय जानकारी के मुताबिक इनमें से महज करीब 40 सेंटर ही डेंगू और मलेरिया के मरीजों का डाटा नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग को भेज रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि बाकी करीब 360 सेंटरों में हुई जांच और मिले संक्रमित मरीजों का हिसाब विभाग के पास आखिर कितना है?
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है। वहीं निजी पैथोलॉजी सेंटरों में रोजाना बड़ी संख्या में बुखार के मरीजों की जांच होती है। डेंगू और मलेरिया की जांच के लिए कई नमूने लखनऊ भी भेजे जाते हैं। नियम के मुताबिक जांच में मरीज के पॉजिटिव पाए जाने पर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देना और यूपी डीएसपी पोर्टल पर विवरण अपलोड करना अनिवार्य है।
इसके बावजूद अधिकांश निजी सेंटरों से नियमित रिपोर्टिंग न होने से निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास यह स्पष्ट आंकड़ा नहीं है कि इन सेंटरों पर डेंगू और मलेरिया के कितने संदिग्ध मरीजों की जांच हुई और उनमें कितने संक्रमित पाए गए। यदि निजी सेंटर पॉजिटिव मरीजों की जानकारी ही विभाग को नहीं भेज रहे हैं तो जिले में संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किस आधार पर किया जा रहा है? एसीएमओ डॉ. पीसी भारतीय ने बताया कि सभी पैथोलॉजी सेंटरों को डेंगू और मलेरिया की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजना अनिवार्य है। जिले में डेंगू और मलेरिया के जितने भी मरीज हैं, उनकी जानकारी विभाग को मिल जाती है।
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जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है। वहीं निजी पैथोलॉजी सेंटरों में रोजाना बड़ी संख्या में बुखार के मरीजों की जांच होती है। डेंगू और मलेरिया की जांच के लिए कई नमूने लखनऊ भी भेजे जाते हैं। नियम के मुताबिक जांच में मरीज के पॉजिटिव पाए जाने पर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देना और यूपी डीएसपी पोर्टल पर विवरण अपलोड करना अनिवार्य है।
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इसके बावजूद अधिकांश निजी सेंटरों से नियमित रिपोर्टिंग न होने से निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास यह स्पष्ट आंकड़ा नहीं है कि इन सेंटरों पर डेंगू और मलेरिया के कितने संदिग्ध मरीजों की जांच हुई और उनमें कितने संक्रमित पाए गए। यदि निजी सेंटर पॉजिटिव मरीजों की जानकारी ही विभाग को नहीं भेज रहे हैं तो जिले में संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किस आधार पर किया जा रहा है? एसीएमओ डॉ. पीसी भारतीय ने बताया कि सभी पैथोलॉजी सेंटरों को डेंगू और मलेरिया की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजना अनिवार्य है। जिले में डेंगू और मलेरिया के जितने भी मरीज हैं, उनकी जानकारी विभाग को मिल जाती है।
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