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इतिहास विभाग के प्रो. अजय प्रताप निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 29 May 2016 12:28 AM IST
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अवध विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। कुलपति से दुर्व्यवहार के संबंध में जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया। विश्वविद्यालय कार्य परिषद की शनिवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया।
कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल की अध्यक्षता में विवि कार्य परिषद की आपात बैठक कौटिल्य प्रशासनिक भवन में हुई। इसमें इतिहास विभाग के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह द्वारा कुलपति से दुर्व्यवहार किए जाने के प्रकरण पर चर्चा हुई।
इस दौरान कुलपति ने अपने आप को चर्चा से विरत करते हुए परिषद के सदस्यों को चर्चा कर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अनुरोध किया। परिषद सदस्यों ने लगभग एक घंटे तक प्रकरण पर चर्चा की।
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इसके उपरांत परिषद ने इतिहास विभाग के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह को सर्वसम्मति से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लेते हुए कुलपति से दुर्व्यवहार के संबध में जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया।
परिषद के निर्णयानुसार इस समिति में हाईकोर्ट के एक अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति को अध्यक्षता का जिम्मा दिया गया है। बैठक में डीन कामर्स प्रो. एचपी पांडेय, प्रो. अनिल सिंह, पूर्व मंत्री नरेश चंद्रा, डा. अब्दुल रशीद, आरएन खरवार, डा. प्रिया कुमारी, डा. गौरीशंकर गुप्त औरी प्रो. केके जायसवाल उपस्थित थे।
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कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल की अध्यक्षता में विवि कार्य परिषद की आपात बैठक कौटिल्य प्रशासनिक भवन में हुई। इसमें इतिहास विभाग के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह द्वारा कुलपति से दुर्व्यवहार किए जाने के प्रकरण पर चर्चा हुई।
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इस दौरान कुलपति ने अपने आप को चर्चा से विरत करते हुए परिषद के सदस्यों को चर्चा कर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अनुरोध किया। परिषद सदस्यों ने लगभग एक घंटे तक प्रकरण पर चर्चा की।
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इसके उपरांत परिषद ने इतिहास विभाग के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह को सर्वसम्मति से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लेते हुए कुलपति से दुर्व्यवहार के संबध में जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया।
परिषद के निर्णयानुसार इस समिति में हाईकोर्ट के एक अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति को अध्यक्षता का जिम्मा दिया गया है। बैठक में डीन कामर्स प्रो. एचपी पांडेय, प्रो. अनिल सिंह, पूर्व मंत्री नरेश चंद्रा, डा. अब्दुल रशीद, आरएन खरवार, डा. प्रिया कुमारी, डा. गौरीशंकर गुप्त औरी प्रो. केके जायसवाल उपस्थित थे।