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राष्ट्रपति ने उतारी रामलला की आरती
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अयोध्या-रविवार को रामलला परिसर में निर्माण कार्य का जायजा लेते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर रामलला का दरबार रविवार को भव्यता को स्पर्श कर रहा था। देश के प्रथम नागरिक के अभिनंदन के लिए रामलला का गर्भगृह इस तरह सजाया-संवारा गया था मानो त्रेतायुग जीवंत हो उठा हो।
रविवार दोपहर 3:15 बजे जैसे ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रामलला के दरबार में पहुंचे 29 अगस्त की तिथि इतिहास में दर्ज हो गई। स्वतंत्र भारत के इतिहास में रामलला का पूजन-अर्चन करने वाले वे देश के पहले राष्ट्रपति बने।
रामनाथ कोविंद ने भी इस गौरवशाली क्षण को पूरी धार्मिकता से जीया और भक्तिभाव पूर्वक श्रीरामलला की आरती उतारी। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सरिता कोविंद, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने सपत्नीक रामलला के दरबार में पहुंचते ही अपनी श्रद्धा निवेदित की।
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पुष्प अर्पित कर आरती उतारी। इस दौरान करीब दो मिनट तक रामलला की आरती उतारते समय वह भक्तिभाव में निमग्न नजर आए। श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने राष्ट्रपति को रामनामी, रामचरित मानस व धर्मध्वजा भेंटकर स्वागत सम्मान किया तो प्रथम लेडी सरिता कोविंद को भी शॉल अर्पित कर स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी राष्ट्रपति का अभिनंदन किया गया। चंपत राय व अन्य ट्रस्टियों की ओर से राममंदिर का मॉडल भी राष्ट्रपति को भेंट किया गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस अवसर पर राममंदिर निर्माण की प्रगति से भी राष्ट्रपति को रू-ब-रू कराया, वे प्रगति से संतुष्ट नजर आए।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए रामलला के दरबार को इस तरह सजाया गया था कि पूरा परिसर राममय नजर आ रहा था। अवध विश्वविद्यालय के प्रो.विनोद कुमार श्रीवास्तव व आशीष मिश्र के निर्देशन में छात्राओं ने रामलला के दरबार को शुभता के प्रतीकों से ऐसा सजाया था कि त्रेतायुग जीवंत होता नजर आया।
रामकथा आधारित रंगोली के जरिए परिसर को भव्यता प्रदान की गई थी। गर्भगृह को विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों से सजाया गया था। गर्भगृह के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ अंकित राम...शब्द राम की महिमा को बयां कर रहा था। पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला के दरबार की भव्यता देख राष्ट्रपति प्रसन्न थे।
रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी पहुंचे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य मंत्रियों ने भी उनके साथ हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। राष्ट्रपति ने हनुमान जी की आरती उतारी। हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास द्वारा राष्ट्रपति को सिरोपा व रामनामी भेंटकर उनका अभिनंदन किया।
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रविवार दोपहर 3:15 बजे जैसे ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रामलला के दरबार में पहुंचे 29 अगस्त की तिथि इतिहास में दर्ज हो गई। स्वतंत्र भारत के इतिहास में रामलला का पूजन-अर्चन करने वाले वे देश के पहले राष्ट्रपति बने।
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रामनाथ कोविंद ने भी इस गौरवशाली क्षण को पूरी धार्मिकता से जीया और भक्तिभाव पूर्वक श्रीरामलला की आरती उतारी। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सरिता कोविंद, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने सपत्नीक रामलला के दरबार में पहुंचते ही अपनी श्रद्धा निवेदित की।
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पुष्प अर्पित कर आरती उतारी। इस दौरान करीब दो मिनट तक रामलला की आरती उतारते समय वह भक्तिभाव में निमग्न नजर आए। श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने राष्ट्रपति को रामनामी, रामचरित मानस व धर्मध्वजा भेंटकर स्वागत सम्मान किया तो प्रथम लेडी सरिता कोविंद को भी शॉल अर्पित कर स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी राष्ट्रपति का अभिनंदन किया गया। चंपत राय व अन्य ट्रस्टियों की ओर से राममंदिर का मॉडल भी राष्ट्रपति को भेंट किया गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस अवसर पर राममंदिर निर्माण की प्रगति से भी राष्ट्रपति को रू-ब-रू कराया, वे प्रगति से संतुष्ट नजर आए।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए रामलला के दरबार को इस तरह सजाया गया था कि पूरा परिसर राममय नजर आ रहा था। अवध विश्वविद्यालय के प्रो.विनोद कुमार श्रीवास्तव व आशीष मिश्र के निर्देशन में छात्राओं ने रामलला के दरबार को शुभता के प्रतीकों से ऐसा सजाया था कि त्रेतायुग जीवंत होता नजर आया।
रामकथा आधारित रंगोली के जरिए परिसर को भव्यता प्रदान की गई थी। गर्भगृह को विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों से सजाया गया था। गर्भगृह के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ अंकित राम...शब्द राम की महिमा को बयां कर रहा था। पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला के दरबार की भव्यता देख राष्ट्रपति प्रसन्न थे।
रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी पहुंचे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य मंत्रियों ने भी उनके साथ हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। राष्ट्रपति ने हनुमान जी की आरती उतारी। हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास द्वारा राष्ट्रपति को सिरोपा व रामनामी भेंटकर उनका अभिनंदन किया।

अयोध्या-रविवार को राममंदिर परिसर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविं?- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या में रविवार को रामलला का दर्शन-पूजन कर आरती उतारते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। -संवाद- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-रविवार को रामलला के दर्शन के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को टीका लगाते पुजारी। - संवा?- फोटो : FAIZABAD