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जिले में सिर्फ एक फीसदी बच्चों को मिल रहा मिड-डे मील
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:15 AM IST
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भोजन
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ग्रीष्मावकाश में मध्याह्न भोजन योजना चलाने की सरकार की योजना फ्लाप शो हो गई है। शिक्षकों ने बहिष्कार का आंदोलन चलाया। अब कह रहे हैं कि स्कूल में शिक्षक जा रहे है, लेकिन बच्चों में दोपहर का भोजन के प्रति कोई खास आकर्षण नहीं है।
हाल यह है कि शासन को भेजी गई नौ दिन की रिपोर्ट में बमुश्किल एक फीसदी ही बच्चे एमडीएम का लाभ पा सके हैं। के मामले में अमानीगंज, मवई, मया, रुदौली और तारुन की हालत तो थोड़ी बहुत अच्छी है, लेकिन मिल्कीपुर और सोहावल ब्लाक ऐसे है जहां पर एक भी बच्चा एमडीएम खाने स्कूल की चौखट तक नहीं पहुंचा है।
जिले के परिषदीय स्कूलों में कुल दो लाख 33 हजार 921 छात्र छात्राएं नामांकित है, लेकिन गत माह की 21 तारीख से 29 मई तक सिर्फ 24 हजार, 789 छात्र/छात्राओं ने भोजन किया। इसके बाद की रिपोर्ट अभी बेसिक शिक्षा विभाग के पास तैयार नहीं है।
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एमडीएम के जिला समन्वयक विनय त्रिपाठी ने कहा कि मंगलवार शाम तक बीते सप्ताह की रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, कमोबेश इसकी भी तस्वारी 21 मई से 29 मई के बीच जैसी ही है। शहर के महाजनी टोला और पुलिस लाईन में भी बच्चों को भोजन नहीं मिला। शिक्षकों का कहना था कि बच्चे आते ही नहीं।
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हाल यह है कि शासन को भेजी गई नौ दिन की रिपोर्ट में बमुश्किल एक फीसदी ही बच्चे एमडीएम का लाभ पा सके हैं। के मामले में अमानीगंज, मवई, मया, रुदौली और तारुन की हालत तो थोड़ी बहुत अच्छी है, लेकिन मिल्कीपुर और सोहावल ब्लाक ऐसे है जहां पर एक भी बच्चा एमडीएम खाने स्कूल की चौखट तक नहीं पहुंचा है।
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जिले के परिषदीय स्कूलों में कुल दो लाख 33 हजार 921 छात्र छात्राएं नामांकित है, लेकिन गत माह की 21 तारीख से 29 मई तक सिर्फ 24 हजार, 789 छात्र/छात्राओं ने भोजन किया। इसके बाद की रिपोर्ट अभी बेसिक शिक्षा विभाग के पास तैयार नहीं है।
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एमडीएम के जिला समन्वयक विनय त्रिपाठी ने कहा कि मंगलवार शाम तक बीते सप्ताह की रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, कमोबेश इसकी भी तस्वारी 21 मई से 29 मई के बीच जैसी ही है। शहर के महाजनी टोला और पुलिस लाईन में भी बच्चों को भोजन नहीं मिला। शिक्षकों का कहना था कि बच्चे आते ही नहीं।