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राइस मिलों से लिया जाएगा सिर्फ पोषणयुक्त चावल

Sat, 29 Oct 2022 12:07 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 12:07 AM IST
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Only nutritious rice will be taken from rice mills
अयोध्या। इस बार मंडल की राइस मिलों से केवल पोषणयुक्त (फोर्टिफाइड राइस) चावल ही भारतीय खाद्य निगम को भेजा जाएगा। इसके लिए सभी 222 राइल मिलों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
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करीब 200 मिलों में फोर्टिफाइड राइस बनाने की मशीन लगाई जा चुकी है। बाकी मिलों में जल्द ही लग जाएगी। अब धान खरीद के साथ ही इसके उत्पादन की तैयारी है।
मंडल में धान की खरीद एक नवंबर से शुरू होनी है। इसके लिए खाद्य विभाग तैयारी में जुटा है। क्रय एजेंसियों के साथ ही क्रय केंद्र तय कर दिए गए है। इसके साथ ही इस साल पहली बार एक और तैयारी की जा रही है।
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इस बार क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान की कुटाई के बाद राइस मिलों से केवल पोषणयुक्त ही तैयार किया जाएगा। फोर्टिफाइड राइस न तैयार कर पाने वाली राइस मिलों से धान की कुटाई नहीं कराई जाएगी।
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इसके लिए संभागीय खाद्य नियंत्रक की ओर से मिलों को निर्देश जारी कर दिया गया है। धान खरीद के साथ ही मिलों को पोषणयुक्त चावल तैयार किया जाना भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए तैयारी अंतिम दौर है।
मंडल के अयोध्या, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर और बाराबंकी जिले में कुल 222 राइस मिले हैं। इनमें से 200 मिलों में फोर्टिफाइड राइस तैयार किए जाने के लिए ब्लेंडर नामक मशीन लगा दी गई है। अन्य में लगाने की तैयारी चल रही है।
इस साल राइस मिलों से धान की कुटाई के बाद केवल फोर्टिफाइड राइस ही एफसीआई में भंडारित कराया जाएगा। मंडल की सभी राइस मिलों में इसके लिए अलग से मशीन लगाई जा रही है। लगभग सभी मिलों में यह लगा दी गई है।- सुरेंद्र नाथ पांडेय, संभागीय खाद्य नियंत्रक अयोध्या मंडल
आरएफसी सुरेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि इसमें आम चावल की तुलना में पोषणयुक्त चावल में आयरन, विटामिन बी-12, फालिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। इसे आम चावल में मिलाकर खाया जाता है।
विभाग के आंकड़ों को माने तो देश में हर दूसरी महिला में खून की कमी और हर तीसरा बच्चा कमजोरी से जूझ रहा है। यहां भी बाल विकास विभाग से कराए जाने वाले सर्वे के आंकड़े कुछ इसी ओर इशारा करते हैं।
इसे दूर करने में इस चावल से मदद मिलेगी। विभाग का कहना है कि इसीलिए इसका उत्पादन कराया जा रहा है। आरएफसी सुरेंद्र नाथ पांडेय बताते हैं कि फोर्टिफाइड राइस बनाने के लिए एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) का प्रयोग किया जाता है।
इसके लिए पहले सूखे चावल को पीसकर आटा बनाया जाता है। फिर इसमें सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। उसके बाद पानी के साथ इन्हें मिलाकर मिक्स किया जाता है। सूखाकर इसे चावल का रूप दिया जाता है। यह चावल मिल से तैयार किया जाता है।

फोर्टिफाइड चावल बनाने के लिए 100 किलो सामान्य चावल में एक किलो एफआरके मिलाया जाता है। इसके बाद इसे आम लोगों तक पहुंचाया जाता है।
जिले में समन्वित बाल विकास पोषाहार और मध्याह्न भोजन योजना के तहत फोर्टिफाइड राइस का वितरण शुरू कर दिया गया है। हालांकि यह जिले में तैयार नहीं किया गया है। बल्कि एफसीआई से आपूर्ति किया जा रहा है।
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