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परिवहन विभाग: अफसरों की गाड़ियों पर पुरानी नंबर प्लेट, आम आदमी का हो रहा चालान
Sat, 18 Feb 2023 07:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 18 Feb 2023 07:19 PM IST
सार
एचएसआरपी न लगवाने वालों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है जबकि अफसरों की गाड़ियों पर अभी भी पुरानी नंबर प्लेट ही लगी हुई है और ये गाड़ियां धड़ल्ले से फर्राटा भर रही हैं।
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अयोध्या में सदर तहसील के सामने से गुजरते सरकारी वाहन।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) वाले वाहनों पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इसमें आम आदमी के वाहनों के जहां चालान काटे जा रहे हैं वहीं सरकारी अफसरों के वाहन बिना एचएसआपी के धड़ल्ले से फर्राटा भर रहे हैं। पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग की इस मनमानी को लेकर आम लोगों में रोष है।
अयोध्या में कुल 5.50 लाख निजी व व्यवसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक केवल 23 प्रतिशत यानी करीब 1.28 लाख वाहनों ने ही एचएसआरपी लगवा रखी है। एचएसआरपी न लगवाने वालों के खिलाफ पुलिस और आरटीओ ने जांच अभियान शुरू की है। इसमें शुक्रवार तक 123 वाहनों का चालान किया है।
परिवहन विभाग ने 31 मार्च 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर उक्त नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया था। इससे 77 प्रतिशत वाहन चालकों ने गंभीरता से नहीं लिया। यही नहीं इसमें कई ऐसे सरकारी वाहन भी हैं, जिन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगी है। जबकि इन वाहनों पर कई अधिकारी सवारी करते हैं।
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हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए केंद्र सरकार ने मार्च 2019 में आदेश जारी किया था। इसके लिए सरकार ने हर शृंखला के नंबरों के लिए तीन-तीन माह का समय दिया था। इसमें कहा गया था कि मार्च 2019 के पहले खरीदे गए वाहनों पर इस नंबर प्लेट का होना अनिवार्य है। इसके बाद से खरीदे गए सभी वाहनों में एचएसआरपी लगी हुई है।
परिवहन विभाग ने रजिस्ट्रेशन नंबर की अंतिम संख्या के आधार पर लोगों को राहत दी थी। करीब 30 माह तक राहत देने के बाद यह समय सीमा 15 फरवरी 2023 को समाप्त हो गई। इसके बाद भी जिले में महज 23 फीसदी वाहनों में एचएसआरपी लग सकी है।
जिले में व्यवसायिक व निजी वाहनों को मिलाकर कुल 5.50 लाख पंजीकृत हैं, इसमें एक लाख 28 हजार 465 वाहनों में ही उक्त नंबर प्लेट लग सकी है। शेष वाहनों में बाइक, स्कूटी आदि की संख्या सबसे ज्यादा है।
बिना एचएसआरपी लगे वाहनों के चालान की कार्रवाई शुरू हो गई। इन पर पांच हजार रुपए का जुर्माना किया जा रहा है। आरटीओ प्रवर्तन ऋतु सिंह ने शुक्रवार को बताया कि दो दिन में करीब 103 वाहनों का चालान भी किया गया है।
यातायात निरीक्षक अभिमन्यु शुक्ल ने बताया कि अब तक 20 वाहनों का चालान किया गया है। शनिवार को महाशिवरात्रि का पर्व समाप्त होने के बाद कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
पंजीकरण की रसीद से चालान से बचाव
एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि जिन्होंने अब तक अपने वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगवाई है, वह इसे लगवा सकते हैं। इसके लिए संबंधित वेबसाइट या अपनी बाइक के शोरूम में जाकर आवेदन कर सकते हैं। बताया कि आवेदन करने के बाद मिली रसीद को दिखाकर वह चालान की कार्रवाई से बच सकते हैं।
सख्ती शुरू होते ही एचएसआरपी के लिए पंजीकरण कराने वालों की संख्या बढ़ गई है। पहले प्रतिदिन करीब सौ आवेदन ही होते थे, शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर एक हजार के आसपास हो गई है। इसके अलावा लोग संबंधित बाइक एजेंसी पर भी जाकर आवेदन कर रहे हैं।
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अयोध्या में कुल 5.50 लाख निजी व व्यवसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक केवल 23 प्रतिशत यानी करीब 1.28 लाख वाहनों ने ही एचएसआरपी लगवा रखी है। एचएसआरपी न लगवाने वालों के खिलाफ पुलिस और आरटीओ ने जांच अभियान शुरू की है। इसमें शुक्रवार तक 123 वाहनों का चालान किया है।
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परिवहन विभाग ने 31 मार्च 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर उक्त नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया था। इससे 77 प्रतिशत वाहन चालकों ने गंभीरता से नहीं लिया। यही नहीं इसमें कई ऐसे सरकारी वाहन भी हैं, जिन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगी है। जबकि इन वाहनों पर कई अधिकारी सवारी करते हैं।
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हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए केंद्र सरकार ने मार्च 2019 में आदेश जारी किया था। इसके लिए सरकार ने हर शृंखला के नंबरों के लिए तीन-तीन माह का समय दिया था। इसमें कहा गया था कि मार्च 2019 के पहले खरीदे गए वाहनों पर इस नंबर प्लेट का होना अनिवार्य है। इसके बाद से खरीदे गए सभी वाहनों में एचएसआरपी लगी हुई है।
परिवहन विभाग ने रजिस्ट्रेशन नंबर की अंतिम संख्या के आधार पर लोगों को राहत दी थी। करीब 30 माह तक राहत देने के बाद यह समय सीमा 15 फरवरी 2023 को समाप्त हो गई। इसके बाद भी जिले में महज 23 फीसदी वाहनों में एचएसआरपी लग सकी है।
जिले में व्यवसायिक व निजी वाहनों को मिलाकर कुल 5.50 लाख पंजीकृत हैं, इसमें एक लाख 28 हजार 465 वाहनों में ही उक्त नंबर प्लेट लग सकी है। शेष वाहनों में बाइक, स्कूटी आदि की संख्या सबसे ज्यादा है।
बिना एचएसआरपी लगे वाहनों के चालान की कार्रवाई शुरू हो गई। इन पर पांच हजार रुपए का जुर्माना किया जा रहा है। आरटीओ प्रवर्तन ऋतु सिंह ने शुक्रवार को बताया कि दो दिन में करीब 103 वाहनों का चालान भी किया गया है।
यातायात निरीक्षक अभिमन्यु शुक्ल ने बताया कि अब तक 20 वाहनों का चालान किया गया है। शनिवार को महाशिवरात्रि का पर्व समाप्त होने के बाद कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
पंजीकरण की रसीद से चालान से बचाव
एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि जिन्होंने अब तक अपने वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगवाई है, वह इसे लगवा सकते हैं। इसके लिए संबंधित वेबसाइट या अपनी बाइक के शोरूम में जाकर आवेदन कर सकते हैं। बताया कि आवेदन करने के बाद मिली रसीद को दिखाकर वह चालान की कार्रवाई से बच सकते हैं।
सख्ती शुरू होते ही एचएसआरपी के लिए पंजीकरण कराने वालों की संख्या बढ़ गई है। पहले प्रतिदिन करीब सौ आवेदन ही होते थे, शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर एक हजार के आसपास हो गई है। इसके अलावा लोग संबंधित बाइक एजेंसी पर भी जाकर आवेदन कर रहे हैं।