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जहरीला आटा खाने से नौ बच्चों की हालत बिगड़ी
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2015 10:50 PM IST
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गोसाईगंज स्थित बनराजा बस्ती के कुछ बच्चों ने शनिवार को खेल-खेल में जहरीला आटा खा लिया। इसके बाद बच्चों की हालत बिगड़ गई। पेट दर्द व उल्टी की शिकायत हुई तो बस्ती में हड़कंप मच गया।
लोगों ने गांव के पूर्व प्रधान को दी तो उन्होंने पीड़ित सभी नौ बच्चों को आननफानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां सभी का उपचार किया गया। हालत गंभीर होने पर एक बच्ची को भर्ती कर लिया है।
हरदी गांव में बनराजा जनजाति के लोगों की बस्ती है और वे परिवार समेत यहीं पर रहते हैं। रोज की तरह शनिवार को बस्ती के बच्चे खाली जगह पर खेल रहे थे।
इसी दौरान बच्चों ने बस्ती से बाहर जाने वाले कच्चे मार्ग पर एक झोला देखा। कौतूहलवश बच्चों ने झोला उठाया और खोलकर देखा तो झोले में आटा दिखाई दिया।
आटा दिखने के बाद मासूमों ने इसको भी अपने खेल में शामिल कर लिया और भोजन बनाने का नाटक करने के बाद सभी नौ बच्चों ने इस आटे का सेवन कर लिया।
सेवन के कुछ देर बाद बच्चों के पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत होने पर बस्ती में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवारों ने सूचना पूर्व प्रधान रामभवन वर्मा को दी तो उन्होंने बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
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यहां डॉक्टरों ने आठ बच्चों छोटू व कपिलदेव पुत्रगण जयप्रकाश, पुत्त, आकूब पुत्रगण मानिकराम व नंदिनी पुत्री मानिकराम, कंचन व अंजना पुत्री सालिकराम व करिश्मा पुत्री विजय कुमार का इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार किया।
इसके बाद इनकी हालत में सुधार आ गया। वहीं गंभीर पीड़ित पल्लवी (5) पुत्री सालिकराम को बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण कुमार ने बताया कि बच्चों ने आटा खाने की बात बताई है।
संभव है कि आटा जहरीला हो या उसमें कोई जहरीला पदार्थ मिला रहा हो। पीड़ित बच्चों में फूड पायजनिंग के लक्षण दिखे हैं। केवल एक बच्ची को भर्ती करना पड़ा है, बाकी की हालत ठीक है।
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लोगों ने गांव के पूर्व प्रधान को दी तो उन्होंने पीड़ित सभी नौ बच्चों को आननफानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां सभी का उपचार किया गया। हालत गंभीर होने पर एक बच्ची को भर्ती कर लिया है।
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हरदी गांव में बनराजा जनजाति के लोगों की बस्ती है और वे परिवार समेत यहीं पर रहते हैं। रोज की तरह शनिवार को बस्ती के बच्चे खाली जगह पर खेल रहे थे।
इसी दौरान बच्चों ने बस्ती से बाहर जाने वाले कच्चे मार्ग पर एक झोला देखा। कौतूहलवश बच्चों ने झोला उठाया और खोलकर देखा तो झोले में आटा दिखाई दिया।
आटा दिखने के बाद मासूमों ने इसको भी अपने खेल में शामिल कर लिया और भोजन बनाने का नाटक करने के बाद सभी नौ बच्चों ने इस आटे का सेवन कर लिया।
सेवन के कुछ देर बाद बच्चों के पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत होने पर बस्ती में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवारों ने सूचना पूर्व प्रधान रामभवन वर्मा को दी तो उन्होंने बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
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यहां डॉक्टरों ने आठ बच्चों छोटू व कपिलदेव पुत्रगण जयप्रकाश, पुत्त, आकूब पुत्रगण मानिकराम व नंदिनी पुत्री मानिकराम, कंचन व अंजना पुत्री सालिकराम व करिश्मा पुत्री विजय कुमार का इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार किया।
इसके बाद इनकी हालत में सुधार आ गया। वहीं गंभीर पीड़ित पल्लवी (5) पुत्री सालिकराम को बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण कुमार ने बताया कि बच्चों ने आटा खाने की बात बताई है।
संभव है कि आटा जहरीला हो या उसमें कोई जहरीला पदार्थ मिला रहा हो। पीड़ित बच्चों में फूड पायजनिंग के लक्षण दिखे हैं। केवल एक बच्ची को भर्ती करना पड़ा है, बाकी की हालत ठीक है।