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Ayodhya News: रामलला की कलाई पर सजी आस्था की डोरियां
Sun, 30 Aug 2026 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:24 AM IST
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रक्षाबंधन पर कनक बिहारी सरकार को अर्पित किया गया रक्षासूत्र।
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अयोध्या। रक्षाबंधन पर रामलला का दरबार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ भक्ति और आस्था के अनूठे संगम का साक्षी बना। देश के अलग-अलग राज्यों से बहनों ने अपने आराध्य रामलला के लिए राखियां भेजीं। किसी राखी में रेशमी धागों की सादगी थी तो किसी में मोतियों, कलात्मक कढ़ाई और चांदी की आकर्षक सजावट। इन राखियों में बहनों का स्नेह ही नहीं, बल्कि अपने आराध्य के प्रति अटूट आस्था भी दिखाई दी।
रक्षाबंधन के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक राखियां रामलला के दरबार में पहुंचीं। मंदिर के एक पुजारी के अनुसार, इन राखियों को विधिवत रामलला के चरणों में समर्पित किया गया। दर्शन के लिए पहुंचीं कई श्रद्धालु बहनों ने भी अपनी राखियां रामलला को अर्पित कीं और देश-समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
रक्षाबंधन के दिन मंगला आरती के बाद रामलला को सबसे पहले उनकी बहन शांता की ओर से भेजी गई राखी बांधी गई। इसके बाद लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ हनुमान जी को भी राखी अर्पित की गई।
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शांता की ओर से आई राखियां रामलला समेत चारों भाइयों और उनके परम सेवक हनुमानजी के लिए भेजी गई थीं। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आई राखियां भी रामलला को समर्पित की गईं। राखियों के माध्यम से बहनों ने अपने आराध्य के प्रति प्रेम प्रकट करने के साथ राष्ट्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
पूर्णिमा पर विशेष भोग, उमड़े श्रद्धालु :
रक्षाबंधन के साथ पूर्णिमा तिथि होने के कारण रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई। दोपहर में रामलला को पूर्णिमा तिथि का विशेष भोग अर्पित किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर और रामनगरी में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। रक्षाबंधन पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच रामलला को राखी अर्पित करने की परंपरा इस बार भी आस्था और भावनाओं का विशेष केंद्र बनी रही।
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रक्षाबंधन के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक राखियां रामलला के दरबार में पहुंचीं। मंदिर के एक पुजारी के अनुसार, इन राखियों को विधिवत रामलला के चरणों में समर्पित किया गया। दर्शन के लिए पहुंचीं कई श्रद्धालु बहनों ने भी अपनी राखियां रामलला को अर्पित कीं और देश-समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
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रक्षाबंधन के दिन मंगला आरती के बाद रामलला को सबसे पहले उनकी बहन शांता की ओर से भेजी गई राखी बांधी गई। इसके बाद लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ हनुमान जी को भी राखी अर्पित की गई।
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शांता की ओर से आई राखियां रामलला समेत चारों भाइयों और उनके परम सेवक हनुमानजी के लिए भेजी गई थीं। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आई राखियां भी रामलला को समर्पित की गईं। राखियों के माध्यम से बहनों ने अपने आराध्य के प्रति प्रेम प्रकट करने के साथ राष्ट्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
पूर्णिमा पर विशेष भोग, उमड़े श्रद्धालु :
रक्षाबंधन के साथ पूर्णिमा तिथि होने के कारण रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई। दोपहर में रामलला को पूर्णिमा तिथि का विशेष भोग अर्पित किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर और रामनगरी में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। रक्षाबंधन पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच रामलला को राखी अर्पित करने की परंपरा इस बार भी आस्था और भावनाओं का विशेष केंद्र बनी रही।