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Ayodhya News : अयोध्या में वसंत पंचमी पर पीले वस्त्रों में रामलला ने दिए दर्शन

Sat, 28 Jan 2023 11:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sat, 28 Jan 2023 11:15 AM IST
सार

मां सरस्वती की पूजा-अर्चना का पर्व वसंत पंचमी पर रामनगरी में भक्तों की भीड़ भी उमड़ी। प्रयागराज से लौट रहे श्रद्धालुओं के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सरयू में डुबकी लगाई और विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भक्तों ने भी मंदिरों में भगवान को अबीर-गुलाल चढ़ाया।
 

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Ramlala appeared in yellow clothes on Vasant Panchami in Ayodhya
रामलला। - फोटो : amar ujala

विस्तार

वसंत पंचमी पर बृहस्पतिवार को रामलला ने पीले वस्त्र धारण किये। इस दिन के लिए रामलला का यह खास वस्त्र तैयार कराया गया था। यही नहीं भव्य शृंगार कर रामलला को अबीर-गुलाल भी अर्पित किया गया। विशेष भोग लगाकर प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था। फूलों से सजे अस्थायी मंदिर में रामलला का दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे।

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वसंत पंचमी पर अस्थाई राममंदिर को शुभता के प्रतीकों से सजाया गया। रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास के मुताबिक चूंकि वसंत पंचमी का परिधान पीला रंग है, इसलिए रामलला को रत्नजड़ित पीले वस्त्र पहनाए गए। इससे पूर्व उनका भव्य शृंगार किया गया। त्योहार के अवसर पर रामलला को विशेष भोग लगाया गया। इसमें पूड़ी, सब्जी, खीर, हलवा, पकौड़ी, फल व मिष्ठान शामिल था।
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पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद भी वितरित किया गया। बताया कि वसंत पंचमी के दिन से रामलला को अबीर गुलाल अर्पित करने का क्रम प्रारंभ कर दिया गया है। अब होली तक रामलला की नित्य सेवा के क्रम में उन्हें अबीर-गुलाल भी अर्पित किया जाएगा।
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2024 में भव्य गर्भगृह में वसंत पंचमी मनाएंगे रामलला
अयोध्या। रामलला साल 2024 की वसंत पंचमी भव्य गर्भगृह में मनाएंगे। अगली वसंत पंचमी तक रामलला का गर्भगृह तैयार हो जाएगा और उनकी प्राण प्रतिष्ठा भी हो जाएगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, दिसंबर 2023 तक राममंदिर का भूतल यानी गर्भगृह बनकर तैयार हो जाएगा। मकर संक्रांति-2024 तक रामलला की भव्य गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा भी किए जाने की तैयारी है।
रामजन्मभूूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि ट्रस्ट ने भूतल निर्माण की जो डेडलाइन तय की है, उसके तहत अगले साल मकर संक्रांति तक रामलला की प्राणप्रतिष्ठा नए मंदिर में हो जाएगी। ऐसे में यह तय है कि जनवरी 2024 की वसंत पंचमी रामलला भव्य गर्भगृह में मनाएंगे।

रामनगरी में वसंतोत्सव से होली का उल्लास शुरू
अयोध्या। रामनगरी में वसंतोत्सव से होली का उल्लास शुरू हो गया है। वसंत पंचमी के दिन रेड़ लगाने के साथ होलिकोत्सव की शुरूआत मानी जाती है। जिले में 2195 स्थानों पर धूमधाम से रेड़ गाड़े गए। इस दौरान लोगों ने अबीर-गुलाल उड़ाए। वहीं रामनगरी के मठ-मंदिरों में भी विराजमान भगवान के विग्रह को अबीर गुलाल अर्पित किया गया।

वसंत पंचमी के साथ रामनगरी में होली का उल्लास शुरू हो गया है। इसी दिन से होलिका दहन की तैयारी भी शुरू हो जाती है। सबसे पहले शहर के विभिन्न स्थलों पर होली की डाल, लकड़ी का टुकड़ा उस स्थान पर गाड़ा जाता है जहां होलिका दहन होगा।

अब से करीब 40 दिनों तक विभिन्न मंदिरों में टेसू के रंग से भगवान और भक्तों की होली मनाई जाएगी। फाल्गुन मास की एकादशी पर अयोध्या के मंदिरों में भक्त होली खेलते हैं। इस दिन से होली का उल्लास चरम पर पहुंच जाता है।

रंगभरी एकादशी से रामनगरी में होली की मुनादी हो जाती है। इस दिन हनुमानगढ़ी के नागा साधु-संतों की टोली जुलूस की शक्ल में हनुमानगढ़ी के निशान के साथ निकलती है और मंदिर-मंदिर जाकर होली का आमंत्रण देती है। इस दिन मठ-मंदिरों में जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया जाता है।

इसके बाद एकादशी के नौवें दिन रामनगरी में होली का उत्सव मनाया जाता है। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास बताते हैं कि वंसतोत्सव से मंदिरों में विराजमान विग्रह को अबीर-गुलाल अर्पित करने का क्रम शुरू कर दिया जाता है जो होली तक चलता है।

वसंत उत्सव पर सरयू में डुबकी लगाने उमड़े भक्त
मां सरस्वती की पूजा-अर्चना का पर्व वसंत पंचमी पर रामनगरी में भक्तों की भीड़ भी उमड़ी। प्रयागराज से लौट रहे श्रद्धालुओं के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सरयू में डुबकी लगाई और विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भक्तों ने भी मंदिरों में भगवान को अबीर-गुलाल चढ़ाया।

इस बार वसंत पंचमी पर कई शुभ योग के चलते सरयू स्नान एवं दर्शन-पूजन की होड़ रही। ब्रह्ममुहूर्त से ही सरयू में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने सरयू में डुबकी लगाई और दान-पुण्य किया।

इसके बाद भक्तों का रेला मंदिरों में दर्शन-पूजन को उमड़ पड़ा। रामलला, कनक भवन सहित हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के लिए पूरे दिन भक्तों की भीड़ जुटी रही। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमंतलाल को अबीर-गुलाल अर्पित किया गया।


नाका हनुमानगढ़ी में भी वसंत पंचमी पर विशेष पूजा-अर्चना हुई। मंदिर के महंत रामदास ने बताया कि अब होली तक हनुमान जी महाराज को नित्य अबीर-गुुलाल लगाया जाएगा। इसी दिन रामनगरी के हजारों मंदिरों में भगवान को अबीर-गुलाल अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई।

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