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अस्पताल में एक्सपायर हो गईं तमाम दवाएं
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जिलाअस्पताल में एक्सपायर दवाओं को पिकप में लादते लोग।-संवाद
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। अस्पताल में मरीजों को बांटने के लिए आई तमाम जीवनरक्षक दवाएं अस्पताल के स्टोर में ही रखे-रखे एक्सपायर हो गईं। इनमें मेट्रोजिल, सिट्रजिन समेत करीब 11 प्रकार की जीवनरक्षक दवाएं शामिल हैं। यह दवाएं कोरोना काल के समय की बताई जा रही हैं। अब इनके निस्तारण के लिए इन्हें वापस भेजा जा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल के ह्रदय रोग यूनिट के पास एक पिकप में कई गट्ठरों में इसे लादकर ले जाया गया है।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान लॉकडाउन लगा तो अस्पतालों की ओपीडी बंद हो गई। साथ ही इमरजेंसी के आपरेशनों को छोड़कर सभी सर्जिकल कार्य भी बाधित रहे। इस बीच मरीजों की आमद न होने पर स्टोर में रखी तमाम जीवनरक्षक दवाएं भी एक्सपायर हो गईं। शनिवार को इन दवाओं को एक पिकप में लादा जा रहा था। इनमें कुछ गट्ठरों में थीं तो कुछ जमीन पर पड़ी थीं, जिन्हें भरकर रखा जा रहा था। मामले की जानकारी की गई तो पता चला कि यह वही दवाएं हैं, जो कोरोना के समय में एक्सपायर हो गई थीं। तब से इनके निस्तारण के लिए शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ था। अब उन्हें नियमानुसार निस्तारित करने का फरमान आया है।
अस्पताल के स्टोर इंचार्ज वीएन आर्या ने बताया कि करीब एक लाख टेबलेट मेट्रोजिल, 40 हजार टेबलेट सिट्रजिन, करीब ढाई सौ सीरप ट्रीमोक्साजोज ओरल सस्पेंशन आईपी, बेहोशी के लिए दिए जाने वाले इंजेक्शन एटामिन समेत 11 प्रकार की दवाएं शामिल हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सीबीएन त्रिपाठी ने बताया कि एक्सपायर हो चुकी दवाओं के निस्तारण के लिए अब दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए जिस कंपनी से टेंडर हुआ है, वह लोग इसे ले जाकर निस्तारित करेंगे।
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कोरोना संक्रमण काल के दौरान लॉकडाउन लगा तो अस्पतालों की ओपीडी बंद हो गई। साथ ही इमरजेंसी के आपरेशनों को छोड़कर सभी सर्जिकल कार्य भी बाधित रहे। इस बीच मरीजों की आमद न होने पर स्टोर में रखी तमाम जीवनरक्षक दवाएं भी एक्सपायर हो गईं। शनिवार को इन दवाओं को एक पिकप में लादा जा रहा था। इनमें कुछ गट्ठरों में थीं तो कुछ जमीन पर पड़ी थीं, जिन्हें भरकर रखा जा रहा था। मामले की जानकारी की गई तो पता चला कि यह वही दवाएं हैं, जो कोरोना के समय में एक्सपायर हो गई थीं। तब से इनके निस्तारण के लिए शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ था। अब उन्हें नियमानुसार निस्तारित करने का फरमान आया है।
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अस्पताल के स्टोर इंचार्ज वीएन आर्या ने बताया कि करीब एक लाख टेबलेट मेट्रोजिल, 40 हजार टेबलेट सिट्रजिन, करीब ढाई सौ सीरप ट्रीमोक्साजोज ओरल सस्पेंशन आईपी, बेहोशी के लिए दिए जाने वाले इंजेक्शन एटामिन समेत 11 प्रकार की दवाएं शामिल हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सीबीएन त्रिपाठी ने बताया कि एक्सपायर हो चुकी दवाओं के निस्तारण के लिए अब दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए जिस कंपनी से टेंडर हुआ है, वह लोग इसे ले जाकर निस्तारित करेंगे।
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