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रामनगरी से हुआ महाशंखनाद यात्रा का शुभारंभ
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रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला से निकली महाशंखनाद यात्रा व मौजूद संत।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। न्यास कार्यशाला से बुधवार को महाशंखनाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा छह वर्ष तक देश के कोने-कोने में भ्रमण कर सवा लाख पौधे रोपेगी।
इसके साथ ही जगह-जगह शिविर लगाकर शंखनाद, गोष्ठी, कथा व प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। यात्रा का समापन 2025 में प्रयागराज में भव्यता पूर्वक होगा।
बुधवार को यात्रा के शुभारंभ अवसर पर दंतधावन कुंड पर संतों ने हरिशंकरी पौधा लगाया गया। यात्रा के संयोजक महंत दिलीप दास ने बताया कि शंखनाद यात्रा के माध्यम से लोगों को धार्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शंखनाद चिकित्सा, अध्यात्म एवं आयुर्वेद विज्ञान की दृष्टि से भी फलदायी है। पूरे देश में सवा लाख औषधीय पौधे रोपने का लक्ष्य है।
इसके बाद श्रीरामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला से मणिरामदास की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास व ज.गु.वासुदेवाचार्य द्वारा हरी झंडी दिखाकर महाशंखनाद यात्रा का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मौजूद दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर कटिबद्ध है। पौधरोपण का वृहद अभियान चल रहा है, उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
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राममंदिर निर्माण की मुहिम चला रहे बबलू खान ने कहा कि सभी न केवल वृक्ष लगाएं बल्कि उसके संरक्षण के लिए उसे गोद लेकर एक पुत्र की भांति उसका पालन-पोषण करें ताकि वह एक वट वृक्ष बन सके।
महंत परमहंस दास ने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है बल्कि इसके वैज्ञानिक, धार्मिक एवं औषधीय फायदे भी हैं।
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इसके साथ ही जगह-जगह शिविर लगाकर शंखनाद, गोष्ठी, कथा व प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। यात्रा का समापन 2025 में प्रयागराज में भव्यता पूर्वक होगा।
बुधवार को यात्रा के शुभारंभ अवसर पर दंतधावन कुंड पर संतों ने हरिशंकरी पौधा लगाया गया। यात्रा के संयोजक महंत दिलीप दास ने बताया कि शंखनाद यात्रा के माध्यम से लोगों को धार्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शंखनाद चिकित्सा, अध्यात्म एवं आयुर्वेद विज्ञान की दृष्टि से भी फलदायी है। पूरे देश में सवा लाख औषधीय पौधे रोपने का लक्ष्य है।
इसके बाद श्रीरामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला से मणिरामदास की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास व ज.गु.वासुदेवाचार्य द्वारा हरी झंडी दिखाकर महाशंखनाद यात्रा का शुभारंभ किया।
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इस अवसर पर मौजूद दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर कटिबद्ध है। पौधरोपण का वृहद अभियान चल रहा है, उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
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राममंदिर निर्माण की मुहिम चला रहे बबलू खान ने कहा कि सभी न केवल वृक्ष लगाएं बल्कि उसके संरक्षण के लिए उसे गोद लेकर एक पुत्र की भांति उसका पालन-पोषण करें ताकि वह एक वट वृक्ष बन सके।
महंत परमहंस दास ने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी है बल्कि इसके वैज्ञानिक, धार्मिक एवं औषधीय फायदे भी हैं।