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रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले भगवान

Sat, 02 Jul 2022 12:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 12:39 AM IST
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Lord came out on a chariot to give darshan to the devotees
अयोध्या-भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल संतगण व अन्य।-संवाद - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। जगन्नाथपुरी उड़ीसा की तर्ज पर रामनगरी के दर्जनों मंदिरों में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकली। दिव्य-भव्य रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ के दर्शन को भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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भगवान जगन्नाथ की जय, जय श्रीराम, सीताराम की जय....के उद्घोष से देर शाम तक रामनगरी गूंजती रही। रथयात्रा का भक्तों द्वारा जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत के साथ भगवान की आरती उतारी गई।
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पिछले दो साल कोरोना संक्रमण के चलते रथयात्रा महोत्सव परंपरा निर्वहन तक ही सीमित रहा। दो साल बाद इस बार रथयात्रा महोत्सव की भव्यता देखते ही बन रही थी।
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मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को भगवान बीमार हो जाते हैं। 15 दिनों तक भक्तों को दर्शन नहीं देते। ठीक होने के बाद वह भाई बलराम व बहन सुभद्रा के साथ स्वयं रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन के लिए नगर भ्रमण को निकलते हैं।
यहीं से रथयात्रा का प्रारंभ माना जाता है। इस परंपरा के निर्वहन के क्रम में रामनगरी में भी शुक्रवार शाम भगवान जगन्नाथ भाई बलराम व बहन सुुुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण को निकले।
रामजन्मभूमि मंदिर के समीप स्थित जगन्नाथ मंदिर से निकली रथयात्रा भक्तों की श्रद्धा का केंद्र बनी। महंत राघवदास के निर्देशन में निकली यात्रा में कलाकारों व भक्तों के नृत्य ने भी समां बांध दिया।
महंत राघवदास ने बताया कि रात्रिकाल सात बजे यात्रा के वापस आने के उपरांत भगवान जगन्नाथ को स्नान कराकर, शृंगार व पूजन कर भव्य झांकी भी सजाई गई।
रामजन्मभूमि के पास स्थित राम कचेहरी मंदिर से भी महंत शशिकांत दास के संयोजन में भगवान जगन्नाथ को दिव्य रथ पर आरूढ़ कर भव्य रथयात्रा निकाली गई।
रथयात्रा में श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, महंत रामदास, महंत गिरीश दास, महंत मनीष दास सहित अन्य शामिल रहे। इसी तरह रामनगरी के कई मठ-मंदिरों में से निकली रथयात्रा हनुमानगढ़ी, रानीबाजार, तपस्वी छावनी, रामघाट, हनुमानगुफा होते हुए सरयू तट पहुंची।
जहां मां सरयू का पूजन-अर्चन करने के उपरांत देर शाम मंदिरों में वापस लौट आई। इसके बाद मंदिरों में देर रात तक भगवान के पूजन-अर्चन, दर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा।
बड़ास्थान दशरथ महल से शाम पांच बजे महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य की अध्यक्षता में भव्य रथयात्रा निकाली गई। इससे पूर्व धनुषधारी भगवान का विधिवत शृंगार, पूजन कर आरती उतार कर भगवान को भव्य रथ पर सवार किया गया।

रात्रिकाल सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायकों-वादकों ने भजन आदि प्रस्तुत किये। धनुषधारी भगवान का दर्शन कर भक्त निहाल होते रहे, जगह-जगह उनकी आरती उतारी गई।

अयोध्या-बड़ास्थान दशरथ महल से भगवान को रथ पर यात्रा के लिए लेकर निकलते महंत व भक्तगण।-संवाद

अयोध्या-बड़ास्थान दशरथ महल से भगवान को रथ पर यात्रा के लिए लेकर निकलते महंत व भक्तगण।-संवाद- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल भक्तगण व अन्य।-संवाद

अयोध्या-भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल भक्तगण व अन्य।-संवाद- फोटो : FAIZABAD

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