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हाईवे से हटने लगीं लाइसेंसी शराब की दुकानें
फैजाबाद
Updated Thu, 16 Mar 2017 10:58 PM IST
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फैजाबाद-रौनाही में हाईवे के किनारे स्थापित अंग्रेजी शराब की दुकान।
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक हाईवे ही नहीं स्टेट वे से भी आबकारी महकमे की अंग्रेजी शराब, देशी शराब व बीयर की दुकानों को मुख्य मार्ग से इतर पांच सौ मीटर की दूरी पर शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए आबकारी महकमे की ओर से लाइसेसियों को लिखित व मौखिक हिदायत दी जा रही है। इसके बाद हाईवे से दूर नई दुकान की तलाश में आपाधापी मची हुई है। दुकानदार इस कवायद से पूंजी डूबने का रोना रो रहे हैं।
आबकारी महकमे के रिकॉर्ड की मानें तो जनपद में अंग्रेजी शराब की 73, देशी शराब की 230 और बीयर की 54 दुकानें हैं। इसमेें से ज्यादातर दुकानें चर्चिच बाजारों व कस्बों के नाम पर है। आबादी के मूवमेंट तथा बिक्री के हिसाब से ही दुकानों का शुल्क तय होता है और इसी आधार पर दुकानों का ठेका हासिल करने वाले लाइसेंसधारियों की कमाई भी।
इसी के कारण ज्यादा मारा-मारी हाईवे व स्टेट वे किनारे स्थित दुकानों का ठेका हासिल करने की होती है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन ने हाइवे तथा स्टेट वे के किनारे दुकान चलाने वालों की पेशानी पर बल पैदा कर दिया है। सभी को चिंता कमाई प्रभावित होने की है, लेकिन अदालत के आदेश की अवमानना तो की नहीं जा सकती।
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आबकारी महकमे के रिकॉर्ड की मानें तो जनपद में अंग्रेजी शराब की 73, देशी शराब की 230 और बीयर की 54 दुकानें हैं। इसमेें से ज्यादातर दुकानें चर्चिच बाजारों व कस्बों के नाम पर है। आबादी के मूवमेंट तथा बिक्री के हिसाब से ही दुकानों का शुल्क तय होता है और इसी आधार पर दुकानों का ठेका हासिल करने वाले लाइसेंसधारियों की कमाई भी।
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इसी के कारण ज्यादा मारा-मारी हाईवे व स्टेट वे किनारे स्थित दुकानों का ठेका हासिल करने की होती है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन ने हाइवे तथा स्टेट वे के किनारे दुकान चलाने वालों की पेशानी पर बल पैदा कर दिया है। सभी को चिंता कमाई प्रभावित होने की है, लेकिन अदालत के आदेश की अवमानना तो की नहीं जा सकती।
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