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भक्तों को लुभाएगी लैंडस्केपिंग, गर्भगृह में होंगे 14 दरवाजे

Tue, 21 Jun 2022 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jun 2022 11:48 PM IST
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Landscaping will entice devotees, there will be 14 doors in the sanctum
अयोध्या-सर्किट हाऊस में बैठक में मौजूद नृपेंद्र मिश्रा,ट्रस्ट के पदाधिकारी,मंडलायुक्त,जिलाधिक? - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। राममंदिर के गर्भगृह में कुल 14 दरवाजे होंगे। इस समय प्लिंथ के साथ ही गर्भगृह का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राममंदिर निर्माण समिति की मंगलवार को समाप्त हुई दो दिवसीय बैठक में राममंदिर निर्माण की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ मंदिर यात्री सुविधाओं पर भी मंथन हुआ। कोशिश है कि राममंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को त्रेतायुग का अहसास हो।
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प्लिंथ का काम पूरा होने के बाद गर्भगृह के प्रथम तल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद गर्भगृह में भगवान की प्रतिष्ठा होगी। गर्भगृह का फर्श कैसा होगा, इसकी डिजाइनिंग कैसी होगी, इस पर भी बैठक में चर्चा हुई। गर्भगृह के फर्श में मकराना के संगमरमर का प्रयोग किया जाएगा। गर्भगृह में दरवाजे, चौखट, बाजू कैसी होगी इस पर भी चर्चा की गई।
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मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन इंजीनियरों ने मंदिर परिसर की भव्यता को लेकर तैयार किए गए प्लान की प्रस्तुति नृपेंद्र मिश्र के समक्ष दी। बाद में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि अभी राममंदिर की प्लिंथ, गर्भगृह व रिटेनिंग वाल का निर्माण चल रहा है। प्लिंथ में रोजाना 160 पत्थर लगाए जा रहे हैं। अगस्त के अंत तक प्लिंथ का काम पूरा हो जाएगा।
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वहीं गर्भगृह में अब तक 45 पत्थर बिछाए जा चुके हैं जबकि रिटेनिंग वाल का निर्माण भी अंतिम चरण में है। पश्चिम दिशा में काम पूरा हो चुका है जबकि उत्तर व दक्षिण दिशा में अभी आधा काम हुआ है। बताया कि रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को त्रेतायुग का अहसास हो इसकी व्यवस्था की जा रही है। मंदिर परिसर के लैंड स्कैपिंग के लिए डिजाइनर बुलाए गये हैं।
ईको फ्रेंडली परिसर में रामायण कालीन वृक्ष लगाने की भी योजना है। दूसरे दिन की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को भी बुलाया गया था। अयोध्या में सरकार की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों के बारे में बताया गया। हमारी मंशा है कि परिसर के अंदर व परिसर के बाहर हो रहे विकास कार्यों में एकरूपता न हो।
बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा, मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, डीएम नितीश कुमार, विकास प्राधिकरण आयुक्त विशाल सिंह सहित कार्यदाई संस्था के इंजीनियर मौजूद रहे। दूसरे दिन की बैठक में मंदिर परिसर की भव्यता पर भी चर्चा हुई। मंदिर में यात्री सुविधाओं का ले-आउट तैयार किया जा चुका है।
एक साथ 25 हजार लोगों के लिए बैठने से लेकर पेयजल, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जाएगी। इन सबके निर्माण कार्य के लिए शीघ्र ही विकास प्राधिकरण में नक्शा पास कराने के लिए आवेदन किया जाएगा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि निधि समर्पण में आए कुछ चेक तकनीकी गड़बड़ियों के चलते बाउंस हुए थे।
15 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक चले निधि समर्पण अभियान के दौरान दिए गये 15 हजार चेक बाउंस हो गये थे। जिसके चलते करीब 22 करोड़ की धनराशि फंस गई थी। ऐसे दानदाताओं से संपर्क कर दोबारा निधि समर्पण की अपील की जा रही है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने बताया कि यह पुराना मामला हो चुका है। दान देने वालों की भावना गलत नहीं है।

कहीं न कहीं चेक देने में चूक हुई थी। कोई चेक टाइम बार्ड हो गया, तारीख लिखने में गलतियां हुईं, रकम लिखने में गलतियां हुईं, कुछ चेक पर हस्ताक्षर नहीं मिले। ऐसे ही तकनीकी खामियों के चलते चेक बाउंस हुए थे। अधिकांश दानदाताओं ने फिर समर्पण राशि भेज भी दी है। उन्होंने कहा कि 3500 करोड़ रुपये का मामला है। पूरा देश दान दे रहा है तो यह छोटी-छोटी गलतियां बड़ी बात नहीं है। ऑडिट पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
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