{"_id":"583872214f1c1b042a13b325","slug":"lab-locks-lale-of-practical","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैब में पड़े ताले, प्रैक्टिकल के लाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लैब में पड़े ताले, प्रैक्टिकल के लाले
फैजाबाद
Updated Fri, 25 Nov 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
जीआईसी की प्रयोगशाला में जमी धूल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 20 दिसंबर से शुरू हैं। जिले के 90 फीसदी विद्यालयों में प्रयोगशाला में छात्रों को परीक्षा के समय प्रयोग की जानकारी दी जाती हैं।
जिले में 320 स्कूलों में 21 विद्यालय राजकीय हैं। 50 विद्यालय सहायता प्राप्त हैं। 250 विद्यालय निजी प्रबंध समिति के द्वारा संचालित होते हैं। इनमें अधिकतर स्कूलों में लैब तो है पर संसाधन नहीं है। परीक्षा के समय विद्यालयों में प्रयोगात्मक के लिखित प्रयोगात्मक कार्य करा कर छात्रों को तैयार किया जाता है।
जिले के राजकीय विद्यालयों में राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फैजाबाद को छोड़ दिया जाए तो अन्य स्कूलों में प्रयोगशाला अपने स्वरूप को प्राप्त नहीं कर पाया है। नगर के दो राजकीय स्कूलों में प्रयोगशाला का जायजा लिया गया।
विज्ञापन
निजी स्कूलों में इंतजाम बेहतर दिखे। कनौसा में प्रयोगशाला ठीक थी। छात्राएं रेगुलर लैब जाती व प्रैक्टिकल करती हैं। हालांकि आदर्श इंटर कॉलेज में प्रयोगशाला है पर वहां संसाधन का अभाव है। लैब सहायक नहीं है।
अध्यापक और छात्र ही उसका काम करते हैं। यहां हफ्ते में तीन दिन प्रैक्टिकल होते हैं। आदर्श इंटर कालेज के प्राधानाचार्य वरूण प्रताप सिंह विद्यालय में छात्रों को प्रयोगात्मक कराने के प्रयोगशाला है। संसाधनों के अभाव के बाद भी हमें छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी का एहसास है।
विज्ञापन
जिले में 320 स्कूलों में 21 विद्यालय राजकीय हैं। 50 विद्यालय सहायता प्राप्त हैं। 250 विद्यालय निजी प्रबंध समिति के द्वारा संचालित होते हैं। इनमें अधिकतर स्कूलों में लैब तो है पर संसाधन नहीं है। परीक्षा के समय विद्यालयों में प्रयोगात्मक के लिखित प्रयोगात्मक कार्य करा कर छात्रों को तैयार किया जाता है।
विज्ञापन
जिले के राजकीय विद्यालयों में राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फैजाबाद को छोड़ दिया जाए तो अन्य स्कूलों में प्रयोगशाला अपने स्वरूप को प्राप्त नहीं कर पाया है। नगर के दो राजकीय स्कूलों में प्रयोगशाला का जायजा लिया गया।
विज्ञापन
निजी स्कूलों में इंतजाम बेहतर दिखे। कनौसा में प्रयोगशाला ठीक थी। छात्राएं रेगुलर लैब जाती व प्रैक्टिकल करती हैं। हालांकि आदर्श इंटर कॉलेज में प्रयोगशाला है पर वहां संसाधन का अभाव है। लैब सहायक नहीं है।
अध्यापक और छात्र ही उसका काम करते हैं। यहां हफ्ते में तीन दिन प्रैक्टिकल होते हैं। आदर्श इंटर कालेज के प्राधानाचार्य वरूण प्रताप सिंह विद्यालय में छात्रों को प्रयोगात्मक कराने के प्रयोगशाला है। संसाधनों के अभाव के बाद भी हमें छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी का एहसास है।