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कटान जारी, ग्रामीणों में दहशत
अमर उजाला/फैजाबाद
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:42 PM IST
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उफनाई सरयू/घाघरा नदी का जलस्तर कम होने के साथ जहां बाढ़ से राहत महसूस की जा रही है, वहीं कछार के इलाकों में कटान में तेजी आ गई है। रविवार को नदी का जलस्तर लाल निशान से 24 सेंटीमीटर नीचे रहा। रौनाही बंधे के निकट बसे ग्रामीणों का कहना है कि नदी सराय नासिर व अब्बूपुरवा गांवों में खेती की भूमि की तेजी से कटान कर रही है। यहां कई लोगों की झोपड़ियां नदी के मुहाने पर आ गई हैं। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है।
पहाड़ों पर हुई बारिश के साथ गिरिजा बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा बनबसा और शारदा बैराजों से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जानकार बता रहे हैं कि इतने पानी से उत्तर क्षेत्र की नदियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
वहीं, रुदौली तहसील के खजुरी गांव से महौली गांव तक लंबाई में फैले करीब 15 किलोमीटर रौनाही बंधे का पांच सौ मीटर हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। अभियंताओं का कहना है कि सरयू नदी की धारा अपस्ट्रीम में होने की वजह से यहां बार-बार बंधे से टकरा रही है और तेज कटान कर रही है। हालांकि इससे निपटने के लिए रिजर्व में बोल्डर जमा कर लिए गए हैं और जरूरतों के मुताबिक नदी में डाला जा रहा है।
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वहीं, यहां नदी की दो धाराओं के बीच फंसे महंगू का पुरवा के ग्रामीण लक्ष्मी सिंह, वरुण यादव का कहना है कि नदी उनके घरों की दीवारों को समाहित कर चुकी है। इसी तरह से बिल्वहरि बंधे के निकट बसे गांव सराय राशि में भी कटान की तेजी के चलते स्थिति गंभीर बनी हुई है। राय पहलवारा गांव के ग्रामीणों नेे बताया कि सुबह से करीब दस मीटर भूमि को नदी ने समाहित कर लिया है। सिंचाई विभाग के अभियंता अवधेश वर्मा ने बताया कि पांच सौ मीटर बंधा यहां अति संवेदनशील बना हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर शाम चार बजे 92.490 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया है। बाढ़ खंड के एक्सईएन जीपी यादव का कहना है कि दोनों बंधे सुरक्षित हैं। स्थितियों से निपटने के लिये अवर अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है।
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पहाड़ों पर हुई बारिश के साथ गिरिजा बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा बनबसा और शारदा बैराजों से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जानकार बता रहे हैं कि इतने पानी से उत्तर क्षेत्र की नदियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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वहीं, रुदौली तहसील के खजुरी गांव से महौली गांव तक लंबाई में फैले करीब 15 किलोमीटर रौनाही बंधे का पांच सौ मीटर हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। अभियंताओं का कहना है कि सरयू नदी की धारा अपस्ट्रीम में होने की वजह से यहां बार-बार बंधे से टकरा रही है और तेज कटान कर रही है। हालांकि इससे निपटने के लिए रिजर्व में बोल्डर जमा कर लिए गए हैं और जरूरतों के मुताबिक नदी में डाला जा रहा है।
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वहीं, यहां नदी की दो धाराओं के बीच फंसे महंगू का पुरवा के ग्रामीण लक्ष्मी सिंह, वरुण यादव का कहना है कि नदी उनके घरों की दीवारों को समाहित कर चुकी है। इसी तरह से बिल्वहरि बंधे के निकट बसे गांव सराय राशि में भी कटान की तेजी के चलते स्थिति गंभीर बनी हुई है। राय पहलवारा गांव के ग्रामीणों नेे बताया कि सुबह से करीब दस मीटर भूमि को नदी ने समाहित कर लिया है। सिंचाई विभाग के अभियंता अवधेश वर्मा ने बताया कि पांच सौ मीटर बंधा यहां अति संवेदनशील बना हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर शाम चार बजे 92.490 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया है। बाढ़ खंड के एक्सईएन जीपी यादव का कहना है कि दोनों बंधे सुरक्षित हैं। स्थितियों से निपटने के लिये अवर अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है।