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राममंदिर की तरह ही सुलझ जाएगा काशी और मथुरा का मुद्दा
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अयोध्या-हनुमानगढ़ी का दर्शन कर बाहर आते हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर।-स
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामलला के दर्शन किए और राममंदिर निर्माण कार्य देखकर अभिभूत नजर आए।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि रामलला का दर्शन कर अभिभूत हूं, शब्दों में बयां नहीं कर सकता। काशी, मथुरा के सवाल पर कहा कि जैसे रामलला का मसला सुलझ सका है आने वाले समय में यदि कोई ऐसा विषय है तो वह भी सुलझ जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्षों से रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन की इच्छा थी, जो आज पूर्ण हो गई है। सबको जीवन में एक बार यहां आकर रामलला का दर्शन करना चाहिए।
कहा कि भगवान राम व हनुमान देश के सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। पूरे विश्व में इनके प्रति आस्था है। राममंदिर निर्माण से निश्चित रूप से अयोध्या का गौरव लौटेगा।
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रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने उन्हें रामनामी ओढ़ाई और दर्शन-पूजन कराया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र ने सपरिवार पहुंचे राज्यपाल को मंदिर निर्माण कार्य से भी अवगत कराया।
इसके बाद उन्होंने सपरिवार हनुमानगढ़ी में भी मत्था टेका और आरती पूजन किया। महंत ज्ञानदास के शिष्य पुजारी हेमंतदास ने राज्यपाल को दर्शन-पूजन व आरती कराया।
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पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि रामलला का दर्शन कर अभिभूत हूं, शब्दों में बयां नहीं कर सकता। काशी, मथुरा के सवाल पर कहा कि जैसे रामलला का मसला सुलझ सका है आने वाले समय में यदि कोई ऐसा विषय है तो वह भी सुलझ जाएगा।
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उन्होंने कहा कि वर्षों से रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन की इच्छा थी, जो आज पूर्ण हो गई है। सबको जीवन में एक बार यहां आकर रामलला का दर्शन करना चाहिए।
कहा कि भगवान राम व हनुमान देश के सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। पूरे विश्व में इनके प्रति आस्था है। राममंदिर निर्माण से निश्चित रूप से अयोध्या का गौरव लौटेगा।
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रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने उन्हें रामनामी ओढ़ाई और दर्शन-पूजन कराया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र ने सपरिवार पहुंचे राज्यपाल को मंदिर निर्माण कार्य से भी अवगत कराया।
इसके बाद उन्होंने सपरिवार हनुमानगढ़ी में भी मत्था टेका और आरती पूजन किया। महंत ज्ञानदास के शिष्य पुजारी हेमंतदास ने राज्यपाल को दर्शन-पूजन व आरती कराया।