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खराब ट्रांसफार्मर न बदला तो कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 19 Jun 2015 11:54 PM IST
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आए दिन बिजली ट्रांसफार्मर जलते व खराब होते हैं, मगर महीनों तक पॉवर कॉर्पोरेशन कर्मी टरकाते रहते हैं। मामले को डीएम ने हाल में 72 घंटे की समय सीमा तय की थी, पावर कॉर्पोरेशन को लगा कि मीटिंग की बात मीटिंग तक ही रहेगी। मगर डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों से उनके ब्लॉक में खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को ठीक कराने के दावे की क्रास चेकिंग कर वस्तुस्थिति तलब की है।
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इसमें फर्जी रिपोर्टिंग पावर कार्पोरेशन की पाई गई तो, हाल में हुई नलकूप विभाग के अभियंता की तर्ज पर कार्रवाई हो सकती है। जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्र में खराब ट्रांसफार्मरों की क्रास चेकिंग शुरू कराई है। सभी खंड विकास अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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इसके बाद विभाग में हलचल है। आशंका जताई जा रही है कि पावर कॉर्पोरेशन से फर्जी रिपोर्टिंग होने की संभावना के मद्देनजर ही यह कार्रवाई की जा रही है। गर्मी के महीने में अमूमन लोड बढ़ने से बिजली के ट्रांसफार्मरों की जलने की संख्या ज्यादा हो जाती है। विभाग निर्धारित समय में इसे बदले पाने में सफल नहीं होता है। ऐसे में फर्जी रिपोर्टिंग की आशंका रहती है।
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शासन से 72 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मरों को बदले जाने का आदेश है। इसे ले जाने के लिए सरकारी वाहन की व्यवस्था है लेकिन निर्धारित समय में न तो ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं और न ही सरकारी वाहनों से इन्हें बदले जाने की व्यवस्था की जाती है। पिछली समीक्षा बैठक में इसे बदलने की व्यवस्था विभाग से कराए जाने और जिलाधिकारी ने उन आंकड़ों की क्रास चेकिंग कराने के आदेश दिए थे।
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