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चुनाव के पहले ग्राम पंचायतें हो गईं मालामाल
फैजाबाद/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Nov 2015 06:15 PM IST
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अधिसूचना के पहले ही ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग से चार करोड़ 15 लाख रुपये का आवंटन कर दिया गया है। हालांकि इसके साथ ही बैंकों को इस आशय का पत्र जारी हो गया है कि निवर्तमान ग्राम प्रधान इस पैसे को नहीं निकाल सकेंगे।
ग्राम पंचायत में पुरानी परिसंपत्तियों के रखरखाव और नई परिसंपत्तियों के सृजन के लिए प्रदेश शासन राज्य वित्त आयोग से धन की व्यवस्था करता है। इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण इसकी किश्त पिछले दो माह से जारी नहीं हुई थी। पहले फेज में जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों पर चुनाव के समाप्त होने के बाद शासन से आवंटित लगभग चार करोड़ 15 लाख की रकम को जिला प्रशासन ने जारी कर दिया है।
यह धन ट्रेजरी से सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में पहुंच गया है, लेकिन इस धन के ग्राम पंचायतों के खाते में पहुंचने के साथ ही खातों से निकासी पर रोक लगा दी गई। इसका कारण रहा कि निवर्तमान प्रधानों का कार्यकाल सात नवंबर को ही समाप्त हो गया है। आठ नवंबर को रविवार होने के कारण यह पैसा बैंकों में पहुंच भर गया है।
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ग्राम पंचायत सचिव कर सकते पैसे का उपयोग
प्रदेश शासन ने ग्राम पंचायतों के लिए सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर दिया। अब प्रशासक सहायक विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत के सचिव काम कराने के लिए इस पैसे का उपयोग कर सकते हैं लेकिन ज्यादातर सहायक विकास अधिकारियों के पंचायत चुनाव में व्यस्तता के कारण शायद ही इसका प्रयोग कर सकेंगे। सहायक विकास अधिकारी रमा शंकर सिंह ने भी ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त से धन आवंटन किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बैंकों में धन पहुंच गया है।
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ग्राम पंचायत में पुरानी परिसंपत्तियों के रखरखाव और नई परिसंपत्तियों के सृजन के लिए प्रदेश शासन राज्य वित्त आयोग से धन की व्यवस्था करता है। इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण इसकी किश्त पिछले दो माह से जारी नहीं हुई थी। पहले फेज में जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों पर चुनाव के समाप्त होने के बाद शासन से आवंटित लगभग चार करोड़ 15 लाख की रकम को जिला प्रशासन ने जारी कर दिया है।
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यह धन ट्रेजरी से सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में पहुंच गया है, लेकिन इस धन के ग्राम पंचायतों के खाते में पहुंचने के साथ ही खातों से निकासी पर रोक लगा दी गई। इसका कारण रहा कि निवर्तमान प्रधानों का कार्यकाल सात नवंबर को ही समाप्त हो गया है। आठ नवंबर को रविवार होने के कारण यह पैसा बैंकों में पहुंच भर गया है।
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ग्राम पंचायत सचिव कर सकते पैसे का उपयोग
प्रदेश शासन ने ग्राम पंचायतों के लिए सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर दिया। अब प्रशासक सहायक विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत के सचिव काम कराने के लिए इस पैसे का उपयोग कर सकते हैं लेकिन ज्यादातर सहायक विकास अधिकारियों के पंचायत चुनाव में व्यस्तता के कारण शायद ही इसका प्रयोग कर सकेंगे। सहायक विकास अधिकारी रमा शंकर सिंह ने भी ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त से धन आवंटन किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बैंकों में धन पहुंच गया है।