{"_id":"63961fc481a085559323ff47","slug":"fuel-plant-faizabad-news-lko661385628","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: रुदौली में जल्द बनेगा पाली फ्यूल प्लांट व कूड़ा डंपिंग क्षेत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: रुदौली में जल्द बनेगा पाली फ्यूल प्लांट व कूड़ा डंपिंग क्षेत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भेलसर (अयोध्या)। रुदौली वासियों को गंदगी से निजात दिलाने के लिए नगर से 12 किमी दूर स्थित सैदपुर गांव में पॉली फ्यूल प्लांट लगाने की तैयारी है। इसके लिए आठ हेक्टेयर भूमि की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही टीकर गांव में नगर पालिका ने कूड़ा डंपिंग के लिए भी जमीन ले ली है। यह दोनों योजनाएं क्रियान्वित होने के बाद रुदौली नगर सहित आसपास के गांवों के नागरिकों को गंदगी व कूड़े की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
नगर पालिका की महत्वाकांक्षी योजनाओं में पॉली फ्यूल प्लांट भी है। इस प्लांट में पॉलीथिन को उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन में बदला जाएगा जो कि पर्यावरण के अनुकूल होता है। इस प्लांट में प्रति लीटर पॉली फ्यूल की लागत 24 रुपये मात्र आती है। पॉली फ्यूल को सीधे इस्तेमाल किया जाता है। इसमें डीजल के मुकाबले सल्फर कम निकलता है।
डीजल में सल्फर की वैध मात्रा 80 पीपीएम है लेकिन पॉली फ्यूल में सल्फर की मात्रा 0.17 पीपीएम है। उत्सर्जन के लिहाज से यह ज्यादा स्वच्छ ईंधन है। नगर से लगभग 10 किमी दूर टीकर गांव में नगर पालिका ने कूड़ा डंपिंग के लिए भूमि ले ली है। यहां शहर के कूड़ों को एकत्र कर उसमें से पॉलीथिन अलग कर उसका बंडल बनाया जाएगा।
विज्ञापन
इसे सैदपुर स्थित पाली फ्यूल प्लांट पहुंचाया जाएगा। जहां पॉलीथिन से फ्यूल तैयार किया जाएगा। प्लांट से निकलने वाले फ्यूल का नगर पालिका प्रयोग करेगी। पॉली फ्यूल का अधिक उत्पादन होने पर उसे बेचकर पालिका की राजस्व आय बढ़ाई जा सकेगी।
वहीं अब कस्बे में डोर-टू-डोर कचरा संग्रह होगा। इसके लिए पालिका प्रशासन ने सूखा व गीला कूड़ा कचरा ले जाने के लिए आठ वाहन भी खरीदे हैं। इसके साथ ही जहां गलियों में वाहन नहीं पहुंच पाते हैं वहां से सूखा व गीला कूड़ा को उठाने के लिए एक दर्जन से अधिक ई-रिक्शों की भी व्यवस्था कर ली है। नगर से निकलने वाला कूड़ा व कचरे को टीकर गांव में संग्रह किया जाएगा। इसमें उपयोगी व अन्य उपयोगी कचरा छांटने का काम होगा।
-पहले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने लिए डेढ़ करोड़ रुपये की लागत का डीपीआर बनाकर निदेशालय को भेजा गया था। अब इसके लिए सीएनडीएस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए किसी प्रकार की अड़चन नहीं आएगी।
रणविजय सिंह, ईओ, नगर पालिका रुदौली
विज्ञापन
नगर पालिका की महत्वाकांक्षी योजनाओं में पॉली फ्यूल प्लांट भी है। इस प्लांट में पॉलीथिन को उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन में बदला जाएगा जो कि पर्यावरण के अनुकूल होता है। इस प्लांट में प्रति लीटर पॉली फ्यूल की लागत 24 रुपये मात्र आती है। पॉली फ्यूल को सीधे इस्तेमाल किया जाता है। इसमें डीजल के मुकाबले सल्फर कम निकलता है।
विज्ञापन
डीजल में सल्फर की वैध मात्रा 80 पीपीएम है लेकिन पॉली फ्यूल में सल्फर की मात्रा 0.17 पीपीएम है। उत्सर्जन के लिहाज से यह ज्यादा स्वच्छ ईंधन है। नगर से लगभग 10 किमी दूर टीकर गांव में नगर पालिका ने कूड़ा डंपिंग के लिए भूमि ले ली है। यहां शहर के कूड़ों को एकत्र कर उसमें से पॉलीथिन अलग कर उसका बंडल बनाया जाएगा।
विज्ञापन
इसे सैदपुर स्थित पाली फ्यूल प्लांट पहुंचाया जाएगा। जहां पॉलीथिन से फ्यूल तैयार किया जाएगा। प्लांट से निकलने वाले फ्यूल का नगर पालिका प्रयोग करेगी। पॉली फ्यूल का अधिक उत्पादन होने पर उसे बेचकर पालिका की राजस्व आय बढ़ाई जा सकेगी।
वहीं अब कस्बे में डोर-टू-डोर कचरा संग्रह होगा। इसके लिए पालिका प्रशासन ने सूखा व गीला कूड़ा कचरा ले जाने के लिए आठ वाहन भी खरीदे हैं। इसके साथ ही जहां गलियों में वाहन नहीं पहुंच पाते हैं वहां से सूखा व गीला कूड़ा को उठाने के लिए एक दर्जन से अधिक ई-रिक्शों की भी व्यवस्था कर ली है। नगर से निकलने वाला कूड़ा व कचरे को टीकर गांव में संग्रह किया जाएगा। इसमें उपयोगी व अन्य उपयोगी कचरा छांटने का काम होगा।
-पहले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने लिए डेढ़ करोड़ रुपये की लागत का डीपीआर बनाकर निदेशालय को भेजा गया था। अब इसके लिए सीएनडीएस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए किसी प्रकार की अड़चन नहीं आएगी।
रणविजय सिंह, ईओ, नगर पालिका रुदौली