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Ayodhya News: नोएडा से आएगी जटायु राज की चार फीट ऊंची मूर्ति
Sun, 03 Dec 2023 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 03 Dec 2023 11:51 PM IST
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अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर समेत दस परियोजनाओं पर एक साथ काम चल रहा है। परिसर में पौराणिक कुबेर टीला भी स्थापित है, जिसे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुबेर टीला पर जटायु का मंदिर भी बन रहा है, जिसे 31 दिसंबर तक तैयार कर लिया जाएगा। यहां जाने के लिए पास की व्यवस्था की जाएगी।
कुबेर टीला को लेकर पौराणिक मान्यताएं भी हैं। अयोध्या का इतिहास विवेचित करने वाले ग्रंथ रुद्रयामल के अनुसार युगों पूर्व यहां धन के देवता कुबेर का आगमन हुआ था। उन्होंने रामजन्मभूमि के निकट ऊंचे टीले पर शिवलिंग की स्थापना की थी। कालांतर में यहां मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी व कुबेर सहित कुल नौ देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित की गई। श्रद्धालुओं के बीच यह स्थल नौरत्न के नाम से पूजित-प्रतिष्ठित हुआ।
राममंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र ने बताया कि कुबेर टीला का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। यह आस्था के साथ पर्यटन का केंद्र भी बनेगा। यहां भक्तों के जाने के लिए पास की व्यवस्था होगी। बिना पास के किसी को भी यहां आने की इजाजत नहीं होगी। यहां हरियाली भी विकसित की जाएगी। फव्वारे और बैठने के इंतजाम होंगे। यहां स्थित प्राचीन शिवालय को भी मंदिर के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। कुबेर टीला पर जटायु का मंदिर बन रहा है। जटायु की चार फीट ऊंची मूर्ति नोएडा से बनकर 15 दिसंबर तक आ जाएगी। 31 दिसंबर तक कुबेर टीला के सुंदरीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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स्वतंत्रता आंदोलन का भी है गवाह
कुबेर टीला हिंदू-मुस्लिम एकता का स्मारक है और स्वतंत्रता आंदोलन का गवाह भी है। इसी टीले पर बाबा रामशरण दास व अमीर अली को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों को भनक लग गई थी कि बाबा रामशरण दास व अमीर अली मिलकर हिंदु-मुस्लिम एकता की डोर को मजबूत कर रहे हैं।
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कुबेर टीला को लेकर पौराणिक मान्यताएं भी हैं। अयोध्या का इतिहास विवेचित करने वाले ग्रंथ रुद्रयामल के अनुसार युगों पूर्व यहां धन के देवता कुबेर का आगमन हुआ था। उन्होंने रामजन्मभूमि के निकट ऊंचे टीले पर शिवलिंग की स्थापना की थी। कालांतर में यहां मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी व कुबेर सहित कुल नौ देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित की गई। श्रद्धालुओं के बीच यह स्थल नौरत्न के नाम से पूजित-प्रतिष्ठित हुआ।
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राममंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र ने बताया कि कुबेर टीला का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। यह आस्था के साथ पर्यटन का केंद्र भी बनेगा। यहां भक्तों के जाने के लिए पास की व्यवस्था होगी। बिना पास के किसी को भी यहां आने की इजाजत नहीं होगी। यहां हरियाली भी विकसित की जाएगी। फव्वारे और बैठने के इंतजाम होंगे। यहां स्थित प्राचीन शिवालय को भी मंदिर के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। कुबेर टीला पर जटायु का मंदिर बन रहा है। जटायु की चार फीट ऊंची मूर्ति नोएडा से बनकर 15 दिसंबर तक आ जाएगी। 31 दिसंबर तक कुबेर टीला के सुंदरीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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स्वतंत्रता आंदोलन का भी है गवाह
कुबेर टीला हिंदू-मुस्लिम एकता का स्मारक है और स्वतंत्रता आंदोलन का गवाह भी है। इसी टीले पर बाबा रामशरण दास व अमीर अली को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों को भनक लग गई थी कि बाबा रामशरण दास व अमीर अली मिलकर हिंदु-मुस्लिम एकता की डोर को मजबूत कर रहे हैं।