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पांच साल बीते, नहीं माफ हुआ 3934 किसानों का कर्ज
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पअयोध्या। भाजपा सरकार के पांच साल गुजर जाने के बावजूद सरकार की महत्वपूर्ण योजना रही फसल ऋणमोचन का लाभ पाने से जिले के 3934 किसान वंचित रह गए। एक वर्ष पूर्व इन किसानों के कर्ज का 12.84 करोड़ के भुगतान के लिए जिलाधिकारी ने संस्तुति भी कर दिया है। इसके बाद से करीब चार बार रिमाइंडर भी भेजा गया है। इसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। विभिन्न पटलों पर फरियाद करते-करते यह लोग थक चुके हैं।
2017 के विधानसभा चुनाव में किसानों के एक लाख रुपये कर्जमाफी के वादे के साथ भाजपा सत्ता में आई। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फसल ऋणमोचन योजना के तहत लघु व सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज को माफ करने का ऐलान किया। इस योजना के दायरे में जिले के भी 72,592 किसान आए। अलग-अलग चरणों में इनमें से करीब 58 हजार किसानों के 268 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसके बावजूद तमाम कानूनी दांवपेंच के चक्कर में जिले के बहुत से किसान पात्र होते हुए भी योजना का लाभ नहीं पा सके और अधिकारियों के समक्ष फरियाद शुरू किया।
इसके बाद शासन के निर्णय पर कई बार ऑनलाइन शिकायतें मांगी गईं, हेल्प डेस्क बनाए गए। मौका मिला तो तमाम किसानों ने आवेदन किया, लेकिन बैंक व तहसील प्रशासन समेत स्वयं की गलतियों के कारण भी काफी किसान लाभ नहीं पा सके। 2019 में ऐसे किसानों से ऑफलाइन शिकायतें मांगी गईं। जिसमें 7707 किसानों ने आवेदन किया था। राजस्व विभाग व संबंधित बैंकों से उनके विवरण का सत्यापन कराने के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में 3934 किसान पात्र मिले। इनके 12 करोड़ 84 लाख 77 हजार 892 रुपये कर्ज को माफ कराने के लिए 21 जनवरी, 2020 को ही संस्तुति करके शासन को भेजा गया था। लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका।
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इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने 10 जुलाई, 2020 व 11 नवंबर, 2020 व छह जनवरी, 2021 को जिलाधिकारी ने अनुस्मारक भेजा, फिर भी जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। बल्कि अगस्त माह में बताया गया कि प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन है। सांसद लल्लू सिंह ने भी किसानों की शिकायतों को देखते हुए कर्जमाफी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया था। इन सबके बावजूद किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका।
इधर, बैंक में कर्ज की धनराशि न पहुंचने के कारण किसानों पर ब्याज लगातार चढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से किसानों में आक्रोश पनप रहा। कर्जमाफी के लिए सदर तहसील क्षेत्र के नकटवारा निवासी आनंद द्विवेदी पुत्र स्व. श्रीराम द्विवेदी सहित तमाम किसान प्रतिदिन इधर से उधर तमाम पटलों पर शिकायत लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि शासन स्तर पर मामला लंबित है। इसे सुनकर अपनी किस्मत को कोसते हुए वह वापस लौट जाते हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऑफलाइन मिली शिकायतों में से पात्र मिले 3934 किसानों के 12.84 करोड़ के भुगतान के लिए शासन को संस्तुति की गई थी। लेकिन भुगतान प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित है। हाल ही में जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भी रिमाइंडर भेजा है। -बीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी, अयोध्या
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2017 के विधानसभा चुनाव में किसानों के एक लाख रुपये कर्जमाफी के वादे के साथ भाजपा सत्ता में आई। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फसल ऋणमोचन योजना के तहत लघु व सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज को माफ करने का ऐलान किया। इस योजना के दायरे में जिले के भी 72,592 किसान आए। अलग-अलग चरणों में इनमें से करीब 58 हजार किसानों के 268 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसके बावजूद तमाम कानूनी दांवपेंच के चक्कर में जिले के बहुत से किसान पात्र होते हुए भी योजना का लाभ नहीं पा सके और अधिकारियों के समक्ष फरियाद शुरू किया।
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इसके बाद शासन के निर्णय पर कई बार ऑनलाइन शिकायतें मांगी गईं, हेल्प डेस्क बनाए गए। मौका मिला तो तमाम किसानों ने आवेदन किया, लेकिन बैंक व तहसील प्रशासन समेत स्वयं की गलतियों के कारण भी काफी किसान लाभ नहीं पा सके। 2019 में ऐसे किसानों से ऑफलाइन शिकायतें मांगी गईं। जिसमें 7707 किसानों ने आवेदन किया था। राजस्व विभाग व संबंधित बैंकों से उनके विवरण का सत्यापन कराने के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में 3934 किसान पात्र मिले। इनके 12 करोड़ 84 लाख 77 हजार 892 रुपये कर्ज को माफ कराने के लिए 21 जनवरी, 2020 को ही संस्तुति करके शासन को भेजा गया था। लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका।
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इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने 10 जुलाई, 2020 व 11 नवंबर, 2020 व छह जनवरी, 2021 को जिलाधिकारी ने अनुस्मारक भेजा, फिर भी जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। बल्कि अगस्त माह में बताया गया कि प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन है। सांसद लल्लू सिंह ने भी किसानों की शिकायतों को देखते हुए कर्जमाफी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया था। इन सबके बावजूद किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका।
इधर, बैंक में कर्ज की धनराशि न पहुंचने के कारण किसानों पर ब्याज लगातार चढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से किसानों में आक्रोश पनप रहा। कर्जमाफी के लिए सदर तहसील क्षेत्र के नकटवारा निवासी आनंद द्विवेदी पुत्र स्व. श्रीराम द्विवेदी सहित तमाम किसान प्रतिदिन इधर से उधर तमाम पटलों पर शिकायत लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि शासन स्तर पर मामला लंबित है। इसे सुनकर अपनी किस्मत को कोसते हुए वह वापस लौट जाते हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऑफलाइन मिली शिकायतों में से पात्र मिले 3934 किसानों के 12.84 करोड़ के भुगतान के लिए शासन को संस्तुति की गई थी। लेकिन भुगतान प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित है। हाल ही में जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भी रिमाइंडर भेजा है। -बीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी, अयोध्या