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रुलाने लगा प्याज, टमाटर हुआ सुर्ख
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2015 10:29 PM IST
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आढ़तियों से 30 से 34 रुपये प्रतिकिलो प्याज और 15 रुपये प्रतिकिलो टमाटर खरीदने वाले दुकानदार वहीं बगल में बैठ रकम दूनी करते देखे जा सकते हैं।
लेकिन इस खेल पर नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक अमला जहां असहाय है। वहीं आम आदमी में आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों को प्याज और टमाटर रुला रहा है।
नगर स्थित नवीन मंडी में प्रतिदिन प्याज और टमाटर की आवक महाराष्ट्र व कर्नाटक से हो रही है। थोक आढ़ती बताते हैं कि दोनों ही सब्जियों के पांच-पांच ट्रक पहुंच रहे हैं।
इसके बावजूद इनके दामों को दो गुना करने का खेल जारी है। दो बार को छोड़कर डीजल के दाम लगातार घट रहे हैं तो भी परिवहन के मूल्यों में कमी नहीं की जा रही है।
भाड़ा घटता तो सब्जियों के दाम भी गिरते रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। ठेले वालों द्वारा आढ़ती से माल सस्ते में लेकर दूने दाम में बेचने के खेल से मुनाफाखोरी बढ़ रही है।
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आढ़तियों की नवीन मंडी में लगने वाले स्टाल से खरीद के बाद पड़ोस में ही फुटकर मंडी का हाल देख हर कोई दंग है। मुनाफाखोरी में चौक मंडी हो या रिकाबगंज में शाम को सजने वाले ठेले और कोसलपुरी फेज-1 में सजने वाली दुकानें सब दो गुने दाम में प्याज व टमाटर बेचने में जुटी है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे जानते और बेखबर हैं।
सब्जियों के विक्रेता मेराज कहते हैं कि सब्जियों के भाव को ताव तो ठेले वाले दे रहे हैं। टमाटर का दाम तो मंडी से बाहर आते ही दोगुना हो जा रहा है। आखिर प्रशासन तो ही इस पर अंकुश लगायेगा।
उपभोक्ता मो. नफीस कहते हैं कि मंडी से सस्ते में सब्जी खरीदकर बाहर महंगे भावों में बेचने वाले दुकानदारों को जेल भेजा जाये। यह काम जागरूक ग्राहक क्यों नहीं करते? जागो ग्राहक जागो।
फैजाबाद फल-सब्जी विक्रेता उत्थान समिति के अध्यक्ष फैज सद्दन 90 हजार से एक लाख रुपये प्रति ट्रक किराया देकर कर्नाटक से टमाटर मंगा रहे हैं। उसे मंडी में घाटा उठाकर 14 सौ से 15 सौ रुपये क्विंटल बेच रहे हैं। बाहर इसे 40 रुपये तक में बेंचा जा रहा है।
वहीं आढ़ती मो. सादाब का कहना है कि महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की आवक कम जरूर है। लेकिन इतना संकट नहीं है, जितना बाजार में पैदा कर दिया गया है। प्याज थोक में 30 से 35 सौ रुपये प्रति क्विंटल है। बाहर यही प्याज आज 60 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है।
कमिश्नर, फैजाबाद मंडल सूर्य प्रकाश मिश्र का कहना है कि आढ़तियों से प्याज और टमाटर मंडी में जाते ही दोगुना दाम गंभीर बात है।
जानबूझकर महंगाई बढ़ाने वालों पर मंडी समितियों के जरिए नियंत्रण की कार्रवाई होगी। ठेले वालों की मनमानी पर तो उपभोक्ता की जागरूकता से ही रोक लग सकती है। लेकिन मंडी की दुकानों पर थोक और फुटकर दाम में अप्रत्याशित अंतर नहीं आने दिया जाएगा। हम उसे रेगुलेट कराएंगे।
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लेकिन इस खेल पर नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक अमला जहां असहाय है। वहीं आम आदमी में आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों को प्याज और टमाटर रुला रहा है।
नगर स्थित नवीन मंडी में प्रतिदिन प्याज और टमाटर की आवक महाराष्ट्र व कर्नाटक से हो रही है। थोक आढ़ती बताते हैं कि दोनों ही सब्जियों के पांच-पांच ट्रक पहुंच रहे हैं।
इसके बावजूद इनके दामों को दो गुना करने का खेल जारी है। दो बार को छोड़कर डीजल के दाम लगातार घट रहे हैं तो भी परिवहन के मूल्यों में कमी नहीं की जा रही है।
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भाड़ा घटता तो सब्जियों के दाम भी गिरते रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। ठेले वालों द्वारा आढ़ती से माल सस्ते में लेकर दूने दाम में बेचने के खेल से मुनाफाखोरी बढ़ रही है।
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आढ़तियों की नवीन मंडी में लगने वाले स्टाल से खरीद के बाद पड़ोस में ही फुटकर मंडी का हाल देख हर कोई दंग है। मुनाफाखोरी में चौक मंडी हो या रिकाबगंज में शाम को सजने वाले ठेले और कोसलपुरी फेज-1 में सजने वाली दुकानें सब दो गुने दाम में प्याज व टमाटर बेचने में जुटी है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे जानते और बेखबर हैं।
सब्जियों के विक्रेता मेराज कहते हैं कि सब्जियों के भाव को ताव तो ठेले वाले दे रहे हैं। टमाटर का दाम तो मंडी से बाहर आते ही दोगुना हो जा रहा है। आखिर प्रशासन तो ही इस पर अंकुश लगायेगा।
उपभोक्ता मो. नफीस कहते हैं कि मंडी से सस्ते में सब्जी खरीदकर बाहर महंगे भावों में बेचने वाले दुकानदारों को जेल भेजा जाये। यह काम जागरूक ग्राहक क्यों नहीं करते? जागो ग्राहक जागो।
फैजाबाद फल-सब्जी विक्रेता उत्थान समिति के अध्यक्ष फैज सद्दन 90 हजार से एक लाख रुपये प्रति ट्रक किराया देकर कर्नाटक से टमाटर मंगा रहे हैं। उसे मंडी में घाटा उठाकर 14 सौ से 15 सौ रुपये क्विंटल बेच रहे हैं। बाहर इसे 40 रुपये तक में बेंचा जा रहा है।
वहीं आढ़ती मो. सादाब का कहना है कि महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की आवक कम जरूर है। लेकिन इतना संकट नहीं है, जितना बाजार में पैदा कर दिया गया है। प्याज थोक में 30 से 35 सौ रुपये प्रति क्विंटल है। बाहर यही प्याज आज 60 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है।
कमिश्नर, फैजाबाद मंडल सूर्य प्रकाश मिश्र का कहना है कि आढ़तियों से प्याज और टमाटर मंडी में जाते ही दोगुना दाम गंभीर बात है।
जानबूझकर महंगाई बढ़ाने वालों पर मंडी समितियों के जरिए नियंत्रण की कार्रवाई होगी। ठेले वालों की मनमानी पर तो उपभोक्ता की जागरूकता से ही रोक लग सकती है। लेकिन मंडी की दुकानों पर थोक और फुटकर दाम में अप्रत्याशित अंतर नहीं आने दिया जाएगा। हम उसे रेगुलेट कराएंगे।